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आईएफसीआई के शेयरों में जबरदस्त तेजी, 12 फीसदी की छलांग

IFCI shares surge 12%: आईएफसीआई के शेयरों में 12 फीसदी की जबरदस्त उछाल, जानिए क्या है वजह
IFCI shares surge 12%: आईएफसीआई के शेयरों में 12 फीसदी की जबरदस्त उछाल, जानिए क्या है वजह (Freepik Photo)
सोमवार को आईएफसीआई के शेयरों में 12 फीसदी की जबरदस्त तेजी देखी गई, जिससे यह निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बना। एनएसई पर शेयर 54.90 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंचा। कारोबार की मात्रा सामान्य से 31 गुना बढ़कर 13.17 करोड़ शेयरों तक पहुंच गई। कंपनी 29 जनवरी को तिमाही वित्तीय परिणाम जारी करेगी।
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सोमवार को शेयर बाजार में आईएफसीआई के शेयरों ने निवेशकों को खासा मुनाफा दिया। कंपनी के शेयरों में 12 फीसदी की जबरदस्त उछाल देखने को मिली, जिससे यह निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़ने वाली कंपनी बन गई। इस तेजी के साथ ही शेयर में कारोबार की मात्रा में भी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई।

शेयर में आई जबरदस्त तेजी

सोमवार 12 जनवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर आईएफसीआई के शेयर 12 फीसदी की छलांग लगाते हुए 54.90 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। बीएसई पर भी शेयर ने इतनी ही तेजी दिखाते हुए 54.88 रुपये का इंट्राडे हाई छुआ। यह तेजी सामान्य से कहीं अधिक कारोबार की मात्रा के साथ आई, जिसने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींचा।

आईएफसीआई एक सरकारी गैर-जमा स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है, जो देश में वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कंपनी विभिन्न उद्योगों और परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

कारोबार की मात्रा में रिकॉर्ड वृद्धि

सोमवार को शेयर में कारोबार की मात्रा देखकर बाजार के जानकार भी हैरान रह गए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इस शेयर की कारोबार की मात्रा सामान्य से 31 गुना बढ़कर 13.17 करोड़ शेयरों तक पहुंच गई। आमतौर पर इस शेयर में औसतन 42.11 लाख शेयरों का ही दैनिक कारोबार होता है।

बीएसई पर भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। यहां कुल 1.22 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ, जबकि पिछले दो हफ्तों में औसतन केवल 9.87 लाख शेयरों का ही दैनिक कारोबार होता था। इस असाधारण कारोबार ने स्पष्ट संकेत दिया कि निवेशकों की इस शेयर में खासी दिलचस्पी बढ़ी है।

निफ्टी स्मॉलकैप में शीर्ष पर

सोमवार की इस शानदार तेजी ने आईएफसीआई को निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़ने वाली कंपनी बना दिया। जब पूरा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 1 फीसदी की गिरावट में था, तब आईएफसीआई के शेयर 11.71 फीसदी की मजबूत बढ़त के साथ 54.75 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

यह प्रदर्शन दिखाता है कि जब समग्र बाजार कमजोर हो, तब भी किसी खास कंपनी के शेयर में मजबूती बनी रह सकती है। यह निवेशकों के विश्वास और कंपनी की संभावनाओं का संकेत देता है।

आयकर विभाग का नोटिस

पिछले हफ्ते कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया था कि आयकर सहायक आयुक्त ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 154 के तहत एक आदेश पारित किया है। इस आदेश में आगे लाए गए घाटे में कमी के कारण 13.64 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग उठाई गई है।

विभाग ने सुधार आदेश पारित करते समय आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आय की गणना में आगे लाए गए घाटे को कम कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आकलन आदेश और उसकी मांग पहले से ही सीआईटी (अपील) के समक्ष चुनौती दी जा रही है।

कंपनी ने क्या कहा

आईएफसीआई ने अपने बयान में कहा कि कंपनी ने मौजूदा मांग के खिलाफ पहले ही स्थगन प्राप्त कर लिया है और अतिरिक्त मांग के स्थगन के लिए भी आवेदन दायर किया जा रहा है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसके पास बकाया मांग की भरपाई के लिए पर्याप्त एमएटी क्रेडिट उपलब्ध है।

यह जानकारी निवेशकों के लिए राहत भरी है क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी के पास इस वित्तीय दायित्व को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।

बोर्ड की बैठक की घोषणा

कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि उसका निदेशक मंडल 29 जनवरी को बैठक करेगा। इस बैठक में 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए स्टैंडअलोन और समेकित वित्तीय परिणामों पर विचार और मंजूरी दी जाएगी।

यह तिमाही परिणाम निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि इससे कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं का पता चलेगा। बाजार के विशेषज्ञ इन नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए सावधानी

बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है। आईएफसीआई के शेयरों में यह तेजी कई कारकों पर आधारित हो सकती है और इसकी स्थिरता देखनी होगी।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है और पूर्व प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं देता।

बाजार विश्लेषकों की राय

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आईएफसीआई जैसी सरकारी वित्तीय कंपनियों में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे इन कंपनियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।

हालांकि, किसी भी निवेश में कई जोखिम भी जुड़े होते हैं। नियामकीय बदलाव, आर्थिक परिस्थितियां और कंपनी की खुद की कार्यप्रणाली शेयर की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

आईएफसीआई के शेयरों में सोमवार को आई 12 फीसदी की तेजी और कारोबार की मात्रा में 31 गुना की वृद्धि ने बाजार में हलचल मचा दी है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बनने से कंपनी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आगामी तिमाही परिणामों से कंपनी के भविष्य की दिशा और स्पष्ट होगी।


Disclaimer:
यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।


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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।