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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: पीयूष गोयल ने बताया मोदी-ट्रंप की दोस्ती का कमाल, विपक्ष पर साधा निशाना

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: पीयूष गोयल ने बताया मोदी-ट्रंप की दोस्ती का कमाल, विपक्ष पर साधा निशाना
India US Trade Deal: पीयूष गोयल ने बताई डील की सच्चाई, विपक्ष पर साधा निशाना (File Photo)

India US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के हित में बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मजबूत दोस्ती से यह डील संभव हुई। गोयल ने राहुल गांधी समेत विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देश की तरक्की से परेशान हैं।

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Asfi Shadab
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भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस डील को भारत के लिए बेहद फायदेमंद बताते हुए कहा कि यह समझौता देश को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। गोयल ने साफ किया कि महीनों की लंबी बातचीत और कई रुकावटों के बाद यह डील पूरी हुई है, जो पड़ोसी देशों के साथ हुए समझौतों में सबसे बेहतरीन है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और मेहनत से यह बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता पूरा हो सका है। पूरा देश इस कामयाबी के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दे रहा है। यह घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर इस खुशखबरी को साझा किया था। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का शुक्रिया अदा किया और इस समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय बताया।

मोदी-ट्रंप की दोस्ती का असर

पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को यह अच्छा समझौता इसलिए मिल सका क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंध बहुत मजबूत हैं। दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती और आपसी समझ ने इस डील को संभव बनाया है। गोयल ने बताया कि अभी भी डील की प्रक्रिया पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। जब यह पूरी तरह से पूरी हो जाएगी तो दोनों देशों की तरफ से एक साझा बयान जारी किया जाएगा, जिसमें इस समझौते की पूरी जानकारी दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह डील सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि यह भारत के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। व्यापार के क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।

विपक्ष पर तीखा हमला

पीयूष गोयल ने इस मौके का फायदा उठाते हुए विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी दलों की इस बात पर नाराजगी जताई कि वे इस डील और टैरिफ कटौती की घोषणा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि इस डील की घोषणा वॉशिंगटन में और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई, जो भारत के लिए शर्मनाक है।

इस पर गोयल ने सफाई देते हुए कहा कि अमेरिका ने ही टैरिफ लगाया था और अब उसी ने इसे कम किया है, इसलिए इसकी घोषणा भी वहीं से हुई। इसमें भारत सरकार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना वजह इस मुद्दे को उछाल रहा है और देश की उपलब्धि को कम करके दिखाने की कोशिश कर रहा है।

राहुल गांधी पर कसा तंज

केंद्रीय मंत्री ने खासतौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने इस डील को लेकर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दबाव में आकर यह समझौता स्वीकार किया है। इस पर पीयूष गोयल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी जनता को गुमराह करना चाहते हैं। उन्हें भारत की तरक्की की कोई परवाह नहीं है। गोयल ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता को देश की कामयाबी से दिक्कत है।

मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस डील में किसानों के हितों से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश में नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या है डील की खास बातें

हालांकि इस डील की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इसकी कुछ बातें बताई थीं। उनके मुताबिक, भारत और अमेरिका ने एक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। इसके तहत अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया है।

बदले में भारत अमेरिका से कुल 500 अरब डॉलर का आयात करेगा। इस आयात में कृषि उत्पाद, तकनीक से जुड़े सामान और तेल भी शामिल हैं। यह एक बड़ा कदम है जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा।

देश के लिए फायदेमंद समझौता

पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता भारत के हित में है। इससे भारतीय बाजार को फायदा होगा और अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान होगी। टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि यह डील कई महीनों की कड़ी मेहनत और बातचीत का नतीजा है। दोनों देशों की टीमों ने मिलकर एक ऐसा समझौता तैयार किया है जो दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे भारत-अमेरिका संबंध और मजबूत होंगे।

आर्थिक विकास में मददगार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यापार समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। अमेरिका से 500 अरब डॉलर का आयात भारतीय उद्योगों को मजबूती देगा। खासकर कृषि, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में इसका सकारात्मक असर दिखेगा।

साथ ही टैरिफ में कमी से भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद बेचने में आसानी होगी। इससे निर्यात बढ़ेगा और विदेशी मुद्रा की आमद होगी। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश का आर्थिक विकास तेज होगा।

राजनीतिक बहस जारी

इस डील को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है। सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है जबकि विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि डील की शर्तें साफ नहीं हैं और इसमें भारत के हितों की अनदेखी हुई है।

लेकिन सरकार का कहना है कि यह समझौता पूरी तरह से पारदर्शी है और इसमें देश के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। जैसे-जैसे डील की पूरी जानकारी सामने आएगी, सभी बातें साफ हो जाएंगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं और यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।