देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने अपने शेयरधारकों को खुशखबरी दी है। कंपनी ने अपने साल भर के राजस्व बढ़ोतरी के अनुमान को बढ़ा दिया है। इस घोषणा के बाद अमेरिकी बाजार में कारोबार से पहले इन्फोसिस के शेयरों में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। कंपनी ने अब वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व बढ़ोतरी का अनुमान 3 से 3.5 फीसदी के बीच रखा है जबकि पहले यह अनुमान 2 से 3 फीसदी था।
अमेरिकी बाजार में शेयरों का प्रदर्शन
इन्फोसिस के अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीद्स यानी एडीआर में अच्छी तेजी देखने को मिली। पिछले दिन के बंद भाव 17.52 डॉलर की तुलना में कारोबार शुरू होने से पहले शेयर 17.90 डॉलर पर पहुंच गए। यह करीब 2.17 फीसदी की बढ़त है। यह तेजी कंपनी द्वारा अपने राजस्व अनुमान को बढ़ाने की घोषणा के बाद आई है।
कंपनी का तिमाही प्रदर्शन
दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम रहा। कंपनी को 6,654 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,806 करोड़ रुपये था। यह करीब 2.23 फीसदी की गिरावट है। मुनाफे में इस कमी की वजह नए श्रम कानूनों के तहत किए गए प्रावधान बताए जा रहे हैं।
हालांकि बिक्री के मामले में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। तिमाही के दौरान कुल बिक्री 45,479 करोड़ रुपये रही जो पिछले साल की 41,764 करोड़ रुपये से करीब 8.89 फीसदी ज्यादा है। यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार रहा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता में कंपनी की मजबूती
इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी की कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई सेवाओं में विशेषज्ञता की वजह से बाजार में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इन्फोसिस टोपाज नाम की सेवा के जरिए कंपनी अपने ग्राहकों को एआई में बेहतर समाधान दे रही है।
पारेख ने आगे कहा कि ग्राहक अब इन्फोसिस को अपना एआई साझेदार मान रहे हैं। कंपनी की विशेषज्ञता, नवीनता और मजबूत सेवा क्षमता की वजह से ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है। इससे ग्राहक अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को बेहतर बना पा रहे हैं।
कर्मचारियों के कौशल विकास पर जोर
कंपनी प्रमुख ने यह भी बताया कि इन्फोसिस अपने कर्मचारियों को नए कौशल सिखाने पर विशेष ध्यान दे रही है। एआई के युग में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें सशक्त बनाना कंपनी की प्राथमिकता है। यह कदम कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है।
डॉलर में आय और मार्जिन
कंपनी की तिमाही के दौरान डॉलर में कुल आय 5,099 मिलियन रही। स्थिर मुद्रा के आधार पर यह पिछली तिमाही से 0.6 फीसदी ज्यादा है। कंपनी का समायोजित परिचालन मार्जिन 21.2 फीसदी रहा जो पिछली तिमाही से 0.2 फीसदी बेहतर है। कंपनी ने अपने मार्जिन का लक्ष्य 20 से 22 फीसदी के बीच बनाए रखा है।
बड़े सौदे और नकदी प्रवाह
तिमाही के दौरान कंपनी ने 4.8 अरब डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए। यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों के 4.5 से 5 अरब डॉलर के अनुमान के अनुरूप रहा। इससे पता चलता है कि बाजार में मांग अच्छी है और कंपनी को लगातार नए काम मिल रहे हैं।
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी जयेश संघराजका ने बताया कि दिसंबर तिमाही का प्रदर्शन व्यापक रूप से अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि मौसमी तौर पर कमजोर तिमाही में भी कंपनी ने 0.6 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी हासिल की। साथ ही 965 मिलियन डॉलर का मजबूत नकद प्रवाह भी रहा।
शेयरधारकों को लाभ वितरण
संघराजका ने आगे बताया कि कंपनी ने अपनी पूंजी आवंटन नीति के तहत अब तक का सबसे बड़ा बायबैक यानी शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम पूरा किया। यह 18,000 करोड़ रुपये का कार्यक्रम था। इसके अलावा कंपनी ने शेयरधारकों को अंतरिम लाभांश का भुगतान भी किया। यह सब कदम शेयरधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं।
भविष्य की संभावनाएं
राजस्व अनुमान में बढ़ोतरी से पता चलता है कि कंपनी को अपने व्यवसाय को लेकर भरोसा है। एआई और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग से कंपनी को फायदा मिल रहा है। कंपनी के नए सौदे और मजबूत ग्राहक आधार भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जगाते हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद इन्फोसिस अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है। कंपनी का फोकस नई तकनीकों पर है और ग्राहकों को बेहतर समाधान देने पर जोर है। अगले महीनों में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहता है यह देखना दिलचस्प होगा।