Petrol-Diesel Price Today: देश में हर दिन की शुरुआत अब सिर्फ अखबार या चाय से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों से भी होती है। सुबह छह बजे जैसे ही तेल विपणन कंपनियां नए रेट जारी करती हैं, आम आदमी से लेकर व्यापारी तक की नजर सबसे पहले इन्हीं दामों पर जाती है। वजह साफ है—ईंधन की कीमतें केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि महंगाई, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों को सीधे प्रभावित करती हैं। 15 जनवरी 2026 को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है।
15 जनवरी 2026 के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव
देश के बड़े शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
- नई दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है।
- मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये पर बिक रहा है।
- कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये दर्ज किया गया है।
- चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है।
- अहमदाबाद में पेट्रोल 94.49 रुपये और डीजल 90.17 रुपये के स्तर पर है।
दक्षिण भारत में बेंगलुरु में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 89.02 रुपये है, जबकि हैदराबाद में पेट्रोल 107.46 रुपये और डीजल 95.70 रुपये दर्ज किया गया है।
उत्तर भारत की बात करें तो जयपुर में पेट्रोल 104.72 रुपये और डीजल 90.21 रुपये, लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.80 रुपये है। वहीं चंडीगढ़ में डीजल के दाम अपेक्षाकृत कम 82.45 रुपये पर बने हुए हैं।
शहर दर शहर कीमतों में अंतर क्यों
अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दामों में अंतर का सबसे बड़ा कारण राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कर हैं। वैट और अन्य स्थानीय टैक्स की दरें अलग होने के कारण एक ही दिन में अलग-अलग शहरों में कीमतें बदल जाती हैं। यही वजह है कि मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में दाम अपेक्षाकृत अधिक नजर आते हैं।
कैसे तय होती हैं पेट्रोल और डीजल की रोजाना कीमतें
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर आधारित होती हैं। तेल विपणन कंपनियां इन्हीं कारकों को ध्यान में रखते हुए हर दिन नई दरें जारी करती हैं। इस प्रक्रिया का मकसद पारदर्शिता बनाए रखना है ताकि उपभोक्ताओं को सही और ताजा जानकारी मिल सके।
दो साल से कीमतों में स्थिरता का कारण
मई 2022 के बाद केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले करों में कटौती की थी। इसके बाद से कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम भले ही ऊपर-नीचे होते रहे हों, लेकिन घरेलू स्तर पर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश जारी रही है।
आम आदमी पर क्या असर पड़ता है
ईंधन की कीमतें स्थिर रहने से सबसे बड़ा फायदा मध्यम वर्ग और रोज कमाकर खाने वाले लोगों को मिलता है। ऑटो चालक, टैक्सी ड्राइवर, सब्जी विक्रेता और छोटे व्यापारी—all की लागत सीधे ईंधन से जुड़ी होती है। जब दाम नहीं बढ़ते, तो रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी दबाव कम रहता है।