Petrol-Diesel Price: भारत में दिन की शुरुआत केवल सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है। सुबह ठीक 6 बजे जब तेल विपणन कंपनियां ताजा दरें जारी करती हैं, तब करोड़ों लोगों की नजर अपने शहर के रेट पर टिक जाती है। वजह साफ है—ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर रसोई, सफर, व्यापार और नौकरी से जुड़ी हुई हैं।
एक आम नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए पेट्रोल का बढ़ा हुआ दाम महीने के बजट को बिगाड़ सकता है, वहीं सब्जी बेचने वाला व्यापारी डीजल की कीमत के हिसाब से अपने भाड़े और मुनाफे का हिसाब लगाता है। इसलिए पेट्रोल-डीजल के दाम केवल सरकारी आंकड़े नहीं, बल्कि आम आदमी की जिंदगी की धड़कन बन चुके हैं।
रोज सुबह 6 बजे ही क्यों बदलते हैं दाम
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना तय करने की प्रणाली पारदर्शिता पर आधारित है। तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर के आधार पर दरें तय करती हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को वास्तविक बाजार स्थिति के अनुसार कीमतें मिलें।
व्यक्तिगत तौर पर देखा जाए तो यह प्रणाली भरोसेमंद तो है, लेकिन आम आदमी के लिए रोज बदलने वाले आंकड़ों को समझना हमेशा आसान नहीं होता। फिर भी, यह व्यवस्था भ्रम और अफवाहों को रोकने में मदद करती है।
13 जनवरी 2026 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव
देश के अलग-अलग शहरों में आज ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर है। वहीं मुंबई जैसे महानगर में पेट्रोल ₹104.21 और डीजल ₹92.15 पर पहुंच चुका है।
कोलकाता में पेट्रोल ₹103.94 और डीजल ₹90.76 है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹100.75 और डीजल ₹92.34 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
उत्तर भारत की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल ₹94.69 और डीजल ₹87.80 है। जयपुर में पेट्रोल ₹104.72 और डीजल ₹90.21 के भाव पर बिक रहा है। पटना में पेट्रोल ₹105.58 और डीजल ₹93.80 ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
दक्षिण भारत में हैदराबाद पेट्रोल के मामले में सबसे महंगे शहरों में शामिल है, जहां पेट्रोल ₹107.46 और डीजल ₹95.70 प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.92 और डीजल ₹89.02 दर्ज किया गया है।
शहर-दर-शहर कीमतों में अंतर क्यों
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब कच्चा तेल एक ही दाम पर खरीदा जाता है, तो शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग क्यों होती हैं। इसका सीधा जवाब है—राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट और स्थानीय कर।
कुछ राज्यों में टैक्स ज्यादा है, तो वहां ईंधन महंगा है। यही वजह है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में डीजल ₹82.45 पर मिलता है, जबकि दूसरे शहरों में यह ₹90 के पार है।
पिछले दो साल से कीमतों में स्थिरता का कारण
मई 2022 के बाद से केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने ईंधन पर लगने वाले टैक्स में कटौती की थी। इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक तरह की स्थिरता देखने को मिली।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा, लेकिन सरकारों ने उपभोक्ताओं को सीधी मार से बचाने की कोशिश की। यही कारण है कि पिछले दो वर्षों में कीमतों में बड़े बदलाव नहीं हुए।
आम आदमी पर ईंधन की कीमतों का असर
ईंधन की कीमतें बढ़ने या स्थिर रहने का असर हर व्यक्ति पर अलग तरीके से पड़ता है। नौकरीपेशा लोग अपने मासिक खर्च का हिसाब लगाते हैं, ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग भाड़ा तय करते हैं और छोटे व्यापारी अपने मुनाफे की गणना करते हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम आज केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक दबाव का भी कारण बन चुके हैं।