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TogglePetrol Diesel Price Today: देश में 13 फरवरी को ईंधन के दामों में बड़ी हलचल देखने को नहीं मिली। अधिकांश महानगरों और राज्य की राजधानियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग स्थिर रहीं। हालांकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जो रोजाना की मूल्य संशोधन प्रक्रिया का हिस्सा है।
ईंधन की कीमतें आम आदमी की जेब से सीधे जुड़ी होती हैं। हर सुबह जब नए दाम जारी होते हैं, तो लोगों की न जर सबसे पहले इसी पर जाती है। इस बार राहत की बात यह रही कि बड़े बदलाव सामने नहीं आए।
मुंबई में दाम यथावत
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। लगातार दूसरे दिन यहां कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
मुंबई जैसे शहर में जहां रोजाना लाखों वाहन सड़कों पर उतरते हैं, वहां कीमतों का स्थिर रहना लोगों के लिए थोड़ी राहत जरूर देता है।
दिल्ली में स्थिरता, चेन्नई में हल्की बढ़ोतरी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। डीजल की कीमत में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।
वहीं चेन्नई में पेट्रोल के दाम में 0.26 रुपये की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी भले ही छोटी हो, लेकिन नियमित उपभोक्ताओं के लिए हर बदलाव मायने रखता है।
गुरुग्राम और नोएडा में मामूली कमी
दिल्ली से सटे गुरुग्राम और नोएडा में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। ये बदलाव रोजाना की गणना और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर किए जाते हैं।
इन शहरों में छोटे उतार-चढ़ाव अक्सर देखने को मिलते हैं, क्योंकि यहां कीमतें बाजार संकेतों पर तेज प्रतिक्रिया देती हैं।
हैदराबाद में सबसे महंगा पेट्रोल
प्रमुख महानगरों में हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 107.46 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है, जो अन्य बड़े शहरों की तुलना में अधिक है।
इसका कारण राज्य स्तरीय कर और स्थानीय शुल्क होते हैं। अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य करों के कारण कीमतों में अंतर बना रहता है।
डीजल के दामों में सीमित हलचल
डीजल की कीमतों में भी बड़े बदलाव नहीं हुए हैं। मुंबई में डीजल स्थिर रहा, जबकि चेन्नई और पटना में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुग्राम और नोएडा में मामूली कमी देखने को मिली।
यह उल्लेखनीय है कि 15 जून 2017 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों का रोजाना संशोधन किया जा रहा है। पहले कीमतों की समीक्षा पंद्रह दिन में एक बार होती थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप रोजाना बदलाव किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
ईंधन की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है या डॉलर मजबूत होता है, तो इसका असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
हालांकि इस समय वैश्विक बाजार में बहुत बड़ी उथल-पुथल नहीं है, इसी कारण घरेलू स्तर पर भी स्थिरता देखने को मिल रही है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या संकेत
आम लोगों के लिए यह राहत की खबर है कि फिलहाल कीमतों में तेज वृद्धि नहीं हुई है। जिन लोगों का रोजाना का सफर लंबा होता है या जिनका व्यवसाय परिवहन से जुड़ा है, उनके लिए स्थिर दाम संतुलन बनाए रखते हैं।
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन बाजार में स्थिरता स्थायी नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय हालात बदलते ही कीमतों में तेजी या गिरावट आ सकती है।