सोमवार 12 जनवरी को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कारोबार के पहले आधे हिस्से में गिरावट के बाद दोपहर के कारोबार में बाजार ने जोरदार वापसी की। इसकी मुख्य वजह अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर आई सकारात्मक खबर रही। बाजार बंद होने के समय बेंचमार्क एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 302 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,878.17 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी50 सूचकांक 106.95 अंक यानी 0.42 प्रतिशत बढ़कर 25,790.25 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की असली वजह
बाजार में इस उछाल की मुख्य वजह अमेरिका के भारत में नए राजदूत सर्जियो गोर का बयान रहा। पद संभालने के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की बातचीत लगातार जारी है और दोनों देश इस दिशा में सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्यापार को लेकर अगली बातचीत अगले दिन होने वाली है। इस खबर ने निवेशकों में नई उम्मीद जगाई और बाजार में खरीदारी बढ़ी।
सुबह के कारोबार में गिरावट
हालांकि दिन की शुरुआत बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट देखी गई। निवेशकों में सावधानी का भाव था और बिकवाली का दबाव बना हुआ था। लेकिन दोपहर के बाद अमेरिकी राजदूत के बयान ने माहौल पूरी तरह बदल दिया और बाजार ने अपना सारा नुकसान वापस पा लिया।
व्यापार समझौते की महत्वता
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने बयान में कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन दोनों देश इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार हमारे संबंधों का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद रोकथाम, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
आईटी कंपनियों में जोरदार खरीदारी
सोमवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों में खासा उछाल देखा गया। टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में जोरदार तेजी रही। इन दोनों कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे आने वाले हैं और निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि नतीजे अच्छे रहेंगे। इस उम्मीद में इन शेयरों में खरीदारी बढ़ी।
तिमाही नतीजों का इंतजार
आने वाले दिनों में कई बड़ी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन नतीजों से बाजार की दिशा तय होगी। खासकर आईटी क्षेत्र की कंपनियों के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि यह क्षेत्र अमेरिकी बाजार से काफी जुड़ा हुआ है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से इस क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है।
निवेशकों में बढ़ा विश्वास
व्यापार समझौते की खबर ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह समझौता सफलतापूर्वक हो जाता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा। निर्यात बढ़ेगा और विदेशी निवेश में भी बढ़ोतरी होगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
दोनों देशों के बीच बातचीत जारी
अमेरिकी राजदूत के मुताबिक दोनों देशों की टीमें लगातार संपर्क में हैं और बातचीत सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है। व्यापार समझौते के अलावा दोनों देश सुरक्षा, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। यह रिश्ता सिर्फ व्यापारिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है।
बाजार का आगे का रुख
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में व्यापार समझौते की खबरें बाजार की दिशा तय करेंगी। अगर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो बाजार में और तेजी आ सकती है। वहीं तिमाही नतीजे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी से निवेश करें और बाजार की हर खबर पर नजर रखें।
वैश्विक बाजारों का असर
भारतीय बाजार पर वैश्विक बाजारों का भी असर पड़ता है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में हो रहे उतार-चढ़ाव से घरेलू बाजार भी प्रभावित होता है। व्यापार समझौते की खबर ने न केवल भारतीय बल्कि अन्य एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बनाया है।
तकनीकी विश्लेषण
तकनीकी दृष्टि से देखें तो निफ्टी ने 25,790 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया है। अगर यह स्तर बना रहता है तो आगे और तेजी की उम्मीद बढ़ जाती है। सेंसेक्स भी 83,878 के स्तर पर मजबूती दिखा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बाजार इन स्तरों के ऊपर बना रहता है तो अच्छा संकेत होगा।
सोमवार का कारोबार सत्र निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहा। सुबह की गिरावट के बाद बाजार की जबरदस्त वापसी ने साबित कर दिया कि भारतीय बाजार में ताकत है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की खबर ने नई उम्मीद जगाई है। आने वाले दिनों में इस मोर्चे पर होने वाली प्रगति से बाजार की दिशा तय होगी। निवेशकों को चाहिए कि वे सतर्क रहें और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें।
Disclaimer:
यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।