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Silver Price Today: रिकॉर्ड तेजी के बाद फिसली चांदी, निवेशकों की बढ़ी धड़कन, जानिए आज का लेटेस्ट रेट

Silver Price Today: रिकॉर्ड तेजी के बाद फिसली चांदी, निवेशकों की बढ़ी धड़कन
Silver Price Today: रिकॉर्ड तेजी के बाद फिसली चांदी, निवेशकों की बढ़ी धड़कन

21 फरवरी को चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में कीमत 2,69,900 रुपये प्रति किलो रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी दिखी है। जनवरी में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब बाजार थोड़ा ठंडा पड़ा है। निवेशकों के लिए यह समय सोच-समझकर कदम उठाने का है।

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Silver Price Today: 21 फरवरी को चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में कीमत 2,69,900 रुपये प्रति किलो रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी दिखी है। जनवरी में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब बाजार थोड़ा ठंडा पड़ा है। निवेशकों के लिए यह समय सोच-समझकर कदम उठाने का है।

चांदी के बाजार में 21 फरवरी की सुबह हल्की गिरावट देखने को मिली। जहां कुछ समय पहले तक चांदी तेजी से ऊपर चढ़ रही थी, वहीं अब इसके दाम में नरमी ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आज कीमत 2,69,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई है।

अगर हम हाल के दिनों को देखें तो जनवरी महीने में चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर भी पार कर लिया था। उस समय बाजार में उत्साह और तेजी दोनों दिखाई दे रहे थे। लेकिन अब माहौल थोड़ा बदला हुआ नजर आ रहा है।

चांदी में गिरावट के पीछे क्या वजह?

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव 80.5 डॉलर प्रति औंस पर है। वैश्विक स्तर पर कीमतों में हल्की नरमी का असर भारतीय बाजार में भी दिख रहा है। जब विदेशों में मांग कम होती है या निवेशक मुनाफावसूली करते हैं, तो उसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

मुनाफावसूली का दौर

जनवरी में जब चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ, तब कई निवेशकों ने ऊंचे दाम पर मुनाफा कमाया। अब वही निवेशक धीरे-धीरे बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसे मुनाफावसूली कहा जाता है। ऐसे समय में कीमतों में गिरावट आना सामान्य बात है।

मांग और आपूर्ति का संतुलन

चांदी का उपयोग केवल गहनों में ही नहीं, बल्कि उद्योगों में भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक और सोलर उपकरणों में इसकी बड़ी मांग रहती है। अगर औद्योगिक मांग थोड़ी कमजोर पड़ती है तो कीमतों पर असर पड़ता है। फिलहाल बाजार में यही संकेत मिल रहे हैं कि मांग में थोड़ी सुस्ती आई है।

दिल्ली सराफा बाजार का हाल

कल शुक्रवार को दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत 2,64,000 रुपये प्रति किलोग्राम रही। आज का भाव उससे थोड़ा ऊपर है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड स्तर से अभी भी काफी नीचे है।

यह गिरावट घबराने वाली नहीं है, बल्कि बाजार के सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, वे ऐसे समय को अवसर के रूप में देखते हैं।

जनवरी की रिकॉर्ड तेजी और अब की नरमी

जनवरी महीने में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई थी। उस समय वैश्विक अनिश्चितता, निवेशकों की बढ़ती मांग और बाजार में तेजी का माहौल था।

लेकिन बाजार हमेशा एक जैसा नहीं रहता। तेजी के बाद अक्सर ठहराव या गिरावट आती है। यही कारण है कि अब कीमतें थोड़ा संतुलित स्तर पर आ रही हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?

चांदी में निवेश करने वालों के लिए यह समय धैर्य का है। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो थोड़ी गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप छोटे समय में मुनाफा कमाने की सोच रहे हैं, तो बाजार की चाल को समझना जरूरी है।

कीमती धातुओं में निवेश हमेशा सोच-समझकर करना चाहिए। केवल तेजी देखकर पैसा लगाना और गिरावट देखकर घबराना सही तरीका नहीं है। बाजार का रुख वैश्विक घटनाओं, मांग और निवेशकों की भावना से तय होता है।

आगे कैसा रह सकता है रुख?

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से तेजी आती है तो घरेलू बाजार में भी चांदी के दाम ऊपर जा सकते हैं। लेकिन अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और मांग कमजोर रहती है, तो कीमतों में और नरमी भी देखी जा सकती है।

कुल मिलाकर, 21 फरवरी का दिन चांदी के बाजार के लिए ठहराव का संकेत दे रहा है। जनवरी की ऊंचाई के बाद अब बाजार संतुलन की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में समझदारी, धैर्य और सही जानकारी ही निवेशकों का सबसे बड़ा सहारा है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।