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Silver Price Today: चांदी के रेट में बंपर बढ़ोतरी, कीमत 3 लाख के बेहद करीब

Silver Price Today: चांदी के रेट में बंपर बढ़ोतरी, कीमत 3 लाख के बेहद करीब
Silver price Today: चांदी ने पकड़ी रफ्तार, कीमत में जोरदार उछाल, देखिए ताजा भाव

चांदी की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है और 16 जनवरी को भाव 295100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। साल 2026 में अब तक 21 प्रतिशत की बढ़त निवेशकों का भरोसा दिखाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की नरमी के बावजूद घरेलू बाजार में चांदी मजबूत बनी हुई है।

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Dipali Kumari
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Silver Price Today: जहां एक ओर सोने की कीमतों में ठहराव और हल्की गिरावट देखने को मिल रही है, वहीं चांदी ने बाजार में अपनी अलग ही चमक बिखेर रखी है। 16 जनवरी की सुबह देश में चांदी की कीमत 295100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जिसने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लगातार उतार-चढ़ाव वाले सर्राफा बाजार में चांदी का यह मजबूत प्रदर्शन संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी इस धातु पर बना हुआ है।

बीते कुछ महीनों से चांदी न केवल औद्योगिक मांग बल्कि निवेश के नजरिए से भी मजबूत बनी हुई है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में करीब 21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि चांदी अब केवल गहनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह निवेश का एक अहम विकल्प बनकर उभरी है।

चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे की वजहें

घरेलू बाजार में मजबूत मांग

घरेलू बाजार में चांदी की मांग लगातार बनी हुई है। आभूषण उद्योग के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी का उपयोग बढ़ा है। यही कारण है कि कीमतों में मजबूती देखने को मिल रही है। बाजार से जुड़े लोग मानते हैं कि आने वाले महीनों में भी औद्योगिक मांग चांदी को सहारा देती रहेगी।

निवेशकों का बढ़ता रुझान

सोने के मुकाबले चांदी को कम पूंजी में निवेश का बेहतर विकल्प माना जाता है। हाल के दिनों में जब सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा, तब कई छोटे और मध्यम निवेशकों ने चांदी की ओर रुख किया। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा और चांदी ने लगातार नई ऊंचाइयों की ओर कदम बढ़ाए।

सीमित आपूर्ति का असर

चांदी की खदानों से उत्पादन सीमित रहने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही दिक्कतों ने भी कीमतों को समर्थन दिया है। जब मांग के मुकाबले आपूर्ति कमजोर होती है, तो स्वाभाविक रूप से कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।

विदेशी बाजार में हल्की नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव गिरकर 91.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। इससे पहले चांदी ने 93.52 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। विदेशी बाजार में आई यह हल्की नरमी मुनाफावसूली का नतीजा मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है।

अमेरिका और यूरोप की आर्थिक नीतियां, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर की चाल चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। इसके बावजूद चांदी ने अब तक खुद को मजबूत बनाए रखा है, जो इसकी मांग और उपयोगिता को दर्शाता है।

साल 2026 में चांदी का प्रदर्शन

साल 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 24 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है। यह बढ़त सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेशकों के मनोविज्ञान को भी दर्शाती है। जिन लोगों ने साल की शुरुआत में चांदी में निवेश किया था, उन्हें अब तक अच्छा रिटर्न मिला है।

दीर्घकालिक निवेश के संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी लंबी अवधि के लिए निवेशकों को आकर्षित कर सकती है। खासकर हरित ऊर्जा और तकनीकी उद्योग में बढ़ते उपयोग के कारण इसकी मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है।

डिस्क्लेमर: राष्ट्र भारत पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को राष्ट्र भारत की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।