Silver Price Today: नए साल की शुरुआत के साथ ही देश में कीमती धातुओं के बाजार पर लोगों की नजर बनी हुई है। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतें भी आम लोगों, निवेशकों और कारोबारियों के लिए खास मायने रखती हैं। 3 जनवरी को भारत में चांदी की कीमत 242.10 रुपये प्रति ग्राम और 2,42,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। वहीं, 2 जनवरी 2026 को चांदी 242 रुपये प्रति ग्राम और 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी।
यह मामूली बढ़त भले ही बड़ी न लगे, लेकिन चांदी जैसे धातु के लिए यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल स्थिरता के दौर में है। विशेषज्ञों की मानें तो चांदी की कीमतें अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाजार, औद्योगिक मांग और घरेलू खपत के संतुलन से तय होती हैं।
भारत में चांदी का महत्व केवल निवेश तक सीमित नहीं है। यह धातु भारतीय संस्कृति, परंपरा और रोजमर्रा के जीवन का भी अहम हिस्सा रही है।
भारत के मुख्य शहरों में आज के चांदी के भाव
| शहर | 10 ग्राम (₹) | 100 ग्राम (₹) | 1 किलोग्राम (₹) |
|---|---|---|---|
| लखनऊ | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| जयपुर | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| दिल्ली | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| पटना | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| मुंबई | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| अहमदाबाद | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| पुणे | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| कोलकाता | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| मेरठ | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| लुधियाना | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| गुवाहाटी | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| जलगांव | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| इंदौर | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| कानपुर | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| सूरत | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| नागपुर | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| चंडीगढ़ | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| नासिक | 2,378 | 23,780 | 2,37,800 |
| बैंगलोर | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
| अयोध्या | 2,421 | 24,210 | 2,42,100 |
भारत में चांदी का महत्व: निवेश से लेकर परंपरा तक
सोने से सस्ती लेकिन भरोसेमंद धातु
चांदी को अक्सर सोने का छोटा भाई कहा जाता है। सोने की तुलना में यह काफी सस्ती होती है, लेकिन उपयोग और महत्व के मामले में किसी से कम नहीं। माना जाता है कि लगभग 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यही वजह है कि सीमित बजट वाले लोग भी चांदी को निवेश और आभूषण के रूप में प्राथमिकता देते हैं।
आभूषणों में चांदी की खास जगह
भारत में चांदी के आभूषणों की मांग हमेशा बनी रहती है। खासकर पायल, बिछिया, अंगूठी और कड़े के रूप में चांदी का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आज भी चांदी को समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। शादी-ब्याह और त्योहारों पर चांदी के गहनों की खरीद को शुभ समझा जाता है।
खाने में भी होता है चांदी का इस्तेमाल
भारत की एक अनोखी परंपरा यह भी है कि यहां चांदी का उपयोग खाने में किया जाता है। मिठाइयों पर लगाई जाने वाली चांदी की वर्क न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि इसे शुद्धता और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है। त्योहारों और खास मौकों पर चांदी की वर्क लगी मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है।
निवेश के नजरिए से चांदी
पिछले कुछ वर्षों में निवेश के तौर पर भी चांदी की लोकप्रियता बढ़ी है। जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होता है या वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तब लोग चांदी को सुरक्षित विकल्प के रूप में देखते हैं। हालांकि चांदी की कीमतें सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव दिखाती हैं, लेकिन लंबे समय में यह निवेशकों को संतुलित रिटर्न दे सकती है।
आम खरीदारों के लिए क्या संकेत
जो लोग चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय ज्यादा जोखिम भरा नहीं माना जा सकता। स्थिर कीमतें यह संकेत देती हैं कि फिलहाल जल्दबाजी की जरूरत नहीं है, बल्कि सोच-समझकर खरीदारी की जा सकती है।
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