Silver Price Today: चांदी को अक्सर सोने की छोटी बहन कहा जाता है, लेकिन निवेश और उद्योग दोनों में इसकी भूमिका किसी से कम नहीं है। बीते कुछ महीनों से चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न देकर चौंकाया था। हालांकि अब बाजार की तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है। एक ही सप्ताह में चांदी की कीमत में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
आंकड़ों की बात करें तो वीकली बेसिस पर चांदी का भाव करीब 65 हजार रुपये प्रति किलो टूट गया है। 30 जनवरी को जहां चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच चुकी थी, वहीं 8 फरवरी की सुबह इसका भाव 2 लाख 85 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। इतनी तेज गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है।
एक हफ्ते में टूटी चांदी की कीमत
चांदी की कीमत में आई गिरावट को केवल घरेलू मांग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेत अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिछले कुछ समय से चांदी में तेजी का दौर था, जिससे कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करना शुरू किया।
जब बड़ी संख्या में निवेशक एक साथ बिकवाली करते हैं, तो कीमतों पर दबाव बनना स्वाभाविक है। यही वजह है कि एक हफ्ते के भीतर चांदी के भाव में इतनी बड़ी कमजोरी देखने को मिली।
विदेशी बाजार से मिल रहे संकेत
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की चाल कमजोर रही है। फिलहाल वैश्विक बाजार में चांदी का हाजिर भाव करीब 74 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। डॉलर की मजबूती और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब वैश्विक निवेशक जोखिम से दूरी बनाते हैं, तो वे चांदी जैसे उतार-चढ़ाव वाले विकल्प से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं। इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।
निवेशकों के लिए झटका या सबक
जिन निवेशकों ने चांदी में हाल के महीनों में निवेश किया था, उनके लिए यह गिरावट किसी झटके से कम नहीं है। ऊंचे दाम पर खरीदी गई चांदी अब नुकसान में नजर आ रही है। हालांकि बाजार के जानकार मानते हैं कि इस गिरावट को घबराहट की बजाय सबक की तरह देखना चाहिए।
चांदी एक ऐसी धातु है, जिसमें तेजी और मंदी दोनों ही तेजी से आती हैं। इसलिए इसमें निवेश करते समय लॉन्ग टर्म नजरिया और सही रणनीति बेहद जरूरी होती है।
आम खरीदारों के लिए राहत की खबर
जहां निवेशकों के लिए यह गिरावट चिंता का विषय है, वहीं आम खरीदारों के लिए यह राहत लेकर आई है। चांदी का इस्तेमाल गहनों, बर्तनों और धार्मिक कार्यों में बड़े पैमाने पर होता है। दाम घटने से शादी-ब्याह और अन्य पारिवारिक आयोजनों की खरीदारी थोड़ी सस्ती हो सकती है।
ज्वैलर्स का कहना है कि कीमतों में नरमी आने से बाजार में मांग बढ़ने की संभावना है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां चांदी की खपत ज्यादा होती है।
क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा
यह सवाल हर खरीदार और निवेशक के मन में है कि क्या अभी चांदी खरीदना समझदारी होगी। बाजार विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद कीमतें कुछ समय तक स्थिर रह सकती हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ आगे और उतार-चढ़ाव की संभावना जता रहे हैं।
निवेश के लिहाज से एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करना ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है। वहीं घरेलू जरूरत के लिए खरीदारी करने वालों के लिए मौजूदा भाव आकर्षक हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में चांदी का रुख
आने वाले दिनों में चांदी की कीमत वैश्विक संकेतों पर काफी हद तक निर्भर करेगी। डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की धारणा इसकी दिशा तय करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आती है, तो चांदी में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।
फिलहाल बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। ऐसे में जल्दबाजी से बचना और सोच-समझकर फैसला लेना ही सबसे बेहतर रास्ता माना जा रहा है।
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