Silver Price Today: भारत में जब भी कीमती धातुओं की चर्चा होती है, तो सबसे पहले सोने का नाम लिया जाता है, लेकिन चांदी की चमक और उसका महत्व भी किसी से कम नहीं है। आज भारत में चांदी की कीमत ₹253.10 प्रति ग्राम और ₹2,53,100 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सिर्फ बाजार भाव नहीं बताता, बल्कि उस धातु की कहानी कहता है जो आम आदमी की पहुंच में रहकर भी परंपरा, संस्कृति और निवेश का मजबूत आधार बनी हुई है।
चांदी भारत में केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, धार्मिक परंपराओं और यहां तक कि खानपान का भी हिस्सा रही है। यही वजह है कि इसकी कीमत में मामूली उतार-चढ़ाव भी आम लोगों की नजर से छिपा नहीं रहता।
आज के भाव क्या संकेत देते हैं
₹253.10 प्रति ग्राम की कीमत यह दिखाती है कि फिलहाल चांदी सोने के मुकाबले कहीं अधिक सुलभ बनी हुई है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, लगभग 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 15 ग्राम सोने के बराबर मानी जाती है। यही अनुपात चांदी को मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए आकर्षक बनाता है। आज भी कई परिवार ऐसे हैं, जहां सोने की जगह चांदी को सुरक्षित संपत्ति के रूप में देखा जाता है।
भारत के मुख्य शहरों में चांदी के भाव
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलोग्राम |
|---|---|---|---|
| लखनऊ | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| जयपुर | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| दिल्ली | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| पटना | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| मुंबई | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| अहमदाबाद | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| पुणे | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| कोलकाता | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| मेरठ | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| लुधियाना | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| गुवाहाटी | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| जलगांव | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| इंदौर | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| कानपुर | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| सूरत | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| नागपुर | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| चंडीगढ़ | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| नासिक | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| बैंगलोर | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
| अयोध्या | ₹2,531 | ₹25,310 | ₹2,53,100 |
भारतीय परंपराओं में चांदी का स्थान
भारत में चांदी का उपयोग सदियों से होता आ रहा है। पायल, बिछिया, अंगूठी और छोटे आभूषणों में चांदी की लोकप्रियता आज भी बरकरार है। खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में चांदी को शुभ माना जाता है। व्यक्तिगत अनुभव की बात करूं, तो कई परिवारों में नवजात शिशु को चांदी की पायल या कटोरी देने की परंपरा आज भी जीवित है।
खानपान में भी चांदी की मौजूदगी
चांदी का प्रयोग भारत में सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। मिठाइयों पर लगने वाली चांदी की वर्क भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। त्योहारों और खास अवसरों पर चांदी की वर्क लगी मिठाइयों को लोग बड़े चाव से खाते हैं। हालांकि, समय-समय पर इसके शुद्धता और स्वास्थ्य प्रभाव को लेकर बहस होती रही है, लेकिन परंपरा आज भी कायम है।
आम आदमी की धातु क्यों है चांदी
सोने की तुलना में चांदी की कीमत कम होने के कारण यह आम लोगों की पहुंच में रहती है। छोटे निवेश, उपहार या पारिवारिक जरूरतों के लिए चांदी एक व्यावहारिक विकल्प बन जाती है। कई लोग इसे धीरे-धीरे जोड़ने वाली संपत्ति के रूप में देखते हैं, जहां थोड़ी-थोड़ी खरीदारी भविष्य के लिए सहारा बनती है।
निवेश के नजरिए से चांदी
निवेश के तौर पर चांदी को अक्सर सोने का छोटा भाई कहा जाता है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि चांदी में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक होता है, लेकिन लंबी अवधि में यह अच्छा रिटर्न भी दे सकती है। औद्योगिक उपयोग, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग, चांदी की कीमतों को भविष्य में सहारा दे सकती है।
शहरों और बाजारों में अलग-अलग रुझान
देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। स्थानीय कर, मांग और आपूर्ति के आधार पर भाव बदलते रहते हैं। बड़े शहरों में निवेश के तौर पर चांदी की खरीद बढ़ रही है, जबकि छोटे शहरों और गांवों में इसका पारंपरिक उपयोग ज्यादा देखने को मिलता है।
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