जरूर पढ़ें

Silver Price Today: चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल, आज 3 लाख के करीब भाव

चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल, आज 3 लाख के करीब भाव
चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल, आज 3 लाख के करीब भाव
भारत में चांदी की कीमतें जनवरी में तेजी के साथ नए स्तर पर पहुंच गई हैं। 1 किलोग्राम चांदी 2,90,100 रुपये पर कारोबार कर रही है। बढ़ती मांग और निवेशकों की सक्रियता ने चांदी को फिर से बाजार की सुर्खियों में ला दिया है।
Updated:

Silver Price Today: भारत में चांदी सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों, परंपराओं और आस्था से जुड़ी हुई धातु है। आज चांदी की कीमत 290.10 रुपये प्रति ग्राम और 2,90,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। जनवरी महीने में यह अब तक का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। कीमतों में आई इस तेजी ने बाजार में एक बार फिर चांदी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी क्यों है खास

जनवरी की शुरुआत में चांदी की कीमत 2,38,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थी, लेकिन मात्र 15 दिनों में इसमें बड़ा उछाल देखने को मिला है। यह बढ़ोतरी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत देती है कि बाजार में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। निवेशक इसे भविष्य की सुरक्षा के रूप में देख रहे हैं।

सोने के मुकाबले चांदी की स्थिति

सोने की तुलना में चांदी कहीं अधिक सस्ती होती है, यही वजह है कि आम लोग इसे आसानी से खरीद पाते हैं। माना जाता है कि लगभग 15 ग्राम सोने की कीमत 1 किलोग्राम चांदी के बराबर होती है। इसी संतुलन के कारण चांदी उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प बन जाती है जो सीमित बजट में निवेश या आभूषण खरीदना चाहते हैं।

आभूषणों में चांदी की बढ़ती मांग

भारत में चांदी का उपयोग खासकर पायल, अंगूठी, कड़े और अन्य पारंपरिक गहनों में खूब होता है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी बाजारों तक, चांदी के आभूषणों की मांग हमेशा बनी रहती है। मौजूदा कीमतों के बावजूद, शादी-ब्याह और त्योहारों के कारण इसकी खरीदारी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

भोजन और परंपरा में चांदी का महत्व

चांदी का उपयोग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। भारत में मिठाइयों पर लगने वाली चांदी की वर्क इसका बड़ा उदाहरण है। धार्मिक अवसरों और खास समारोहों में चांदी की वर्क लगी मिठाइयों को शुभ माना जाता है। यही सांस्कृतिक जुड़ाव चांदी की मांग को लगातार बनाए रखता है।

निवेश के रूप में चांदी की भूमिका

पिछले कुछ वर्षों में चांदी ने निवेश के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। जहां सोना दीर्घकालिक निवेश माना जाता है, वहीं चांदी को मध्यम अवधि में बेहतर रिटर्न देने वाली धातु के रूप में देखा जा रहा है। मौजूदा कीमतें यह संकेत देती हैं कि निवेशकों का भरोसा चांदी पर बढ़ रहा है।

बाजार के आंकड़े क्या बताते हैं

जनवरी महीने में चांदी ने अब तक का अधिकतम स्तर 15 जनवरी को छुआ है। यह तेजी वैश्विक बाजार, औद्योगिक मांग और निवेशकों की सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

आम खरीदार के लिए क्या है संकेत

जो लोग चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय थोड़ा सोच-समझकर कदम उठाने का है। हालांकि लंबे समय के नजरिए से देखें, तो चांदी अब भी एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है।

डिस्क्लेमर: राष्ट्र भारत पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को राष्ट्र भारत की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।