Stock Market: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब गिरावट तेज हो तो निवेशकों की धड़कनें बढ़ जाती हैं। कल गुरुवार को ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब बाजार अचानक फिसल गया और करोड़ों रुपये की पूंजी कुछ ही घंटों में साफ हो गई। लेकिन आज शुक्रवार की सुबह तस्वीर थोड़ी बदली हुई नजर आई।
शुरुआती कारोबार में भले ही सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में खुले, लेकिन कुछ ही देर में बाजार ने रफ्तार पकड़ ली। जैसे ही बड़े शेयरों में खरीदारी बढ़ी, माहौल बदल गया और रेड जोन से निकलकर बाजार हरे निशान में पहुंच गया।
सुस्त शुरुआत के बाद तेज वापसी
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,498 के मुकाबले करीब 82,272 पर खुला। शुरुआत में ऐसा लगा कि गुरुवार की गिरावट का असर जारी रहेगा। लेकिन कुछ ही मिनटों में खरीदारी का दौर शुरू हुआ और सेंसेक्स करीब 430 अंक चढ़कर 82,934 के आसपास पहुंच गया।
निफ्टी की चाल भी कुछ ऐसी ही रही। यह अपने पिछले बंद 25,454 के मुकाबले गिरकर 25,406 पर खुला, लेकिन फिर तेजी से संभल गया। देखते ही देखते निफ्टी 140 अंकों से ज्यादा उछलकर 25,603 के स्तर तक पहुंच गया।
इस अचानक आई तेजी ने साफ कर दिया कि बाजार में भरोसा पूरी तरह टूटा नहीं है। निवेशक अभी भी मौके की तलाश में हैं।
गुरुवार का झटका अभी ताजा है
गौरतलब है कि गुरुवार को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। शुरुआत भले ही अच्छी हुई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही बिकवाली बढ़ती गई। आखिरी कारोबारी घंटे में तो हालात ऐसे हो गए कि बाजार क्रैश जैसी स्थिति में पहुंच गया।
सेंसेक्स 1,236 अंकों से ज्यादा टूटकर 82,498 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 365 अंकों की गिरावट आई और यह 25,454 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा और अनुमान है कि बाजार पूंजीकरण में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
ऐसे माहौल में शुक्रवार की रिकवरी को निवेशक राहत के तौर पर देख रहे हैं।
किन शेयरों ने संभाला बाजार
जब बाजार गिरता है तो कुछ मजबूत शेयर उसे संभालने का काम करते हैं। शुक्रवार को भी यही हुआ।
लार्जकैप शेयरों में BEL और NTPC में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। BEL करीब 2 फीसदी और NTPC करीब 1.90 फीसदी तक चढ़ा। इसके अलावा HUL, टाटा स्टील, एलटी, कोटक बैंक और टाइटन जैसे दिग्गज शेयर भी करीब 1 फीसदी या उससे ज्यादा की तेजी में रहे।
मिडकैप शेयरों में भी जोश देखने को मिला। पॉलिसी बाजार करीब 3 फीसदी उछला। टोरेंट पावर, टाटा इन्वेस्टमेंट, वोल्टास जैसे शेयरों में भी 1.5 से 2.5 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई।
इन शेयरों में आई तेजी ने पूरे बाजार के माहौल को बदलने में अहम भूमिका निभाई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार की यह चाल हमें एक जरूरी सीख देती है। शेयर बाजार भावनाओं से भी चलता है। जब डर बढ़ता है तो बिकवाली तेज होती है, लेकिन जैसे ही भरोसा लौटता है, खरीदारी भी उतनी ही तेजी से आती है।
गुरुवार की गिरावट ने यह दिखाया कि बाजार कितना संवेदनशील है। वहीं शुक्रवार की तेजी ने यह भरोसा दिलाया कि हर गिरावट के बाद वापसी की संभावना रहती है।
हालांकि, विशेषज्ञ लगातार सलाह दे रहे हैं कि ऐसे समय में जल्दबाजी में फैसले न लें। लंबी अवधि के निवेशक अगर मजबूत कंपनियों में टिके रहते हैं, तो उतार-चढ़ाव के बीच भी संतुलन बनाए रख सकते हैं।
आगे की राह पर नजर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह तेजी टिकेगी या फिर बाजार में दोबारा दबाव दिखेगा। वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की चाल और घरेलू आर्थिक आंकड़े आने वाले दिनों में दिशा तय करेंगे।
फिलहाल इतना जरूर है कि शुक्रवार की रिकवरी ने बाजार में थोड़ी सकारात्मकता लौटा दी है। जिन निवेशकों ने घबराकर फैसले नहीं लिए, उनके लिए यह दिन राहत लेकर आया।
शेयर बाजार की यही खासियत है — यहां गिरावट भी तेज होती है और उछाल भी। समझदारी इसी में है कि हर उतार-चढ़ाव को अवसर की तरह देखा जाए, न कि डर की तरह।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या सिफ़ारिश न समझें। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिमपूर्ण है। कृपया निवेश से पहले सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें और केवल SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से परामर्श करें। इस लेख के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या हानि की ज़िम्मेदारी लेखक/प्रकाशक की नहीं होगी।