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अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग? अरमान मलिक के बयान ने खोला बड़ा राज

अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग? अरमान मलिक के बयान ने खोला बड़ा राज
अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग? अरमान मलिक के बयान ने खोला बड़ा राज

अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के फैसले पर उठी अफवाहों को अरमान मलिक ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यह अरिजीत का निजी निर्णय है और इसका टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर से कोई संबंध नहीं है। अरिजीत म्यूजिक नहीं छोड़ रहे हैं।

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Dipali Kumari
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Arijit Singh: बॉलीवुड में जब भी संगीत की बात होती है, अरिजीत सिंह का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है। उनकी आवाज़ ने प्यार, दर्द, जुदाई और उम्मीद हर एहसास को शब्द दिए हैं। ऐसे में जब अचानक यह खबर सामने आई कि अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला लिया है, तो फैंस से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर कोई हैरान रह गया।

अरिजीत के फैसले से मच गई हलचल

अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। किसी ने इसे म्यूजिक इंडस्ट्री के दबाव से जोड़ा, तो किसी ने फिल्मी दुनिया के तथाकथित टॉक्सिक कल्चर को इसकी वजह बताया।

कई यूजर्स ने यह भी दावा किया कि बड़े म्यूजिक स्टूडियोज में कलाकारों को क्रिएटिव आज़ादी नहीं मिलती, जिससे अरिजीत जैसे सिंगर भी खुद को सीमित महसूस करने लगते हैं। हालांकि, इन तमाम कयासों के बीच अरिजीत की ओर से कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई, जिसने अफवाहों को और हवा दे दी।

अरमान मलिक ने अफवाहों पर क्या कहा

अब इस पूरे मामले पर मशहूर सिंगर अरमान मलिक की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने कई गलत धारणाओं को साफ कर दिया है। Zoom से बातचीत में अरमान मलिक ने साफ शब्दों में कहा कि अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला पूरी तरह निजी है और इसका टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर से कोई सीधा संबंध नहीं है।

अरमान ने माना कि हर इंडस्ट्री की एक डार्क साइड होती है और म्यूजिक इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है, लेकिन उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव में कभी किसी गंभीर टॉक्सिक माहौल का सामना नहीं किया।

‘भाई जैसा मानता हूं अरिजीत को’

अरमान मलिक ने बातचीत के दौरान अरिजीत सिंह के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे अरिजीत को एक सीनियर सिंगर नहीं, बल्कि भाई की तरह मानते हैं।

अरमान ने बताया कि वे कई बार अमाल मलिक के स्टूडियो में अरिजीत से मिल चुके हैं और उन रिकॉर्डिंग सेशंस का हिस्सा भी रहे हैं, जिनमें अरिजीत ने अमाल के लिए गाने रिकॉर्ड किए। उनके मुताबिक, इन सेशंस के दौरान कभी ऐसा माहौल नहीं देखा गया, जिसे टॉक्सिक कहा जा सके।

टॉक्सिक कल्चर वाली थ्योरी पर सीधा जवाब

अरमान मलिक ने साफ कहा कि वे इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि अरिजीत ने प्लेबैक सिंगिंग क्यों छोड़ी, लेकिन इतना जरूर कह सकते हैं कि यह फैसला किसी टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर की वजह से नहीं है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी दूसरे कलाकार के फैसले के पीछे की वजहों पर अनुमान लगाना सही नहीं है, खासकर तब, जब वह फैसला पूरी तरह निजी हो।

अरिजीत ने इंडस्ट्री को क्या दिया

अरमान मलिक ने अरिजीत सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में अरिजीत ने इंडस्ट्री को अनगिनत यादगार गाने दिए हैं। उनकी आवाज़ आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में बसती है।

अरमान के मुताबिक, अगर अरिजीत को लगता है कि अब उन्हें प्लेबैक सिंगिंग से आगे बढ़ना चाहिए, तो यह उनका अधिकार है। उन्होंने इसे एक खूबसूरत पड़ाव पर लिया गया फैसला बताया, न कि किसी मजबूरी का नतीजा।

अरिजीत ने खुद क्या कहा

अरिजीत सिंह ने भी अपनी पोस्ट में यह साफ किया है कि वे म्यूजिक से संन्यास नहीं ले रहे हैं। वे सिर्फ फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग नहीं करेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी एक वजह से नहीं लिया गया है, बल्कि यह उनके जीवन और करियर की स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका मतलब साफ है कि अरिजीत आगे भी संगीत से जुड़े रहेंगे, बस अंदाज थोड़ा अलग होगा।

आगे क्या नया करेंगे अरिजीत

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अरिजीत सिंह आगे क्या नया लेकर आएंगे। क्या वे इंडिपेंडेंट म्यूजिक पर ज्यादा फोकस करेंगे? क्या वे लाइव कॉन्सर्ट्स और अपने निजी प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे?

फैंस को उम्मीद है कि भले ही वे फिल्मों में प्लेबैक न करें, लेकिन उनकी आवाज़ संगीत प्रेमियों तक पहुंचती रहेगी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।