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बिग बॉस 19: कुनिका की उम्र पर टिप्पणी के विवाद पर अभिषेक बोले – “वो वृद्धाश्रम नहीं, रियलिटी शो है”

बिग बॉस 19: कुनिका की उम्र पर टिप्पणी के विवाद पर अभिषेक बोले – “वो वृद्धाश्रम नहीं, रियलिटी शो है”
Bigg Boss 19: अभिषेक बजाज ने कुनिका सदानंद की उम्र पर टिप्पणी को बताया गलतफहमी, बोले – ये वृद्धाश्रम नहीं है (File Photo)

बिग बॉस 19 में अभिषेक बजाज और कुनिका सदानंद के बीच उम्र को लेकर हुई बहस पर नया मोड़ आया है। अभिषेक ने सफाई दी कि उन्होंने ‘दादी’ कहकर सम्मान किया था, अपमान नहीं। उन्होंने कहा कि बिग बॉस कोई वृद्धाश्रम नहीं है और हर किसी को अपना विचार रखने का अधिकार है।

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Asfi Shadab
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बिग बॉस 19 में अभिषेक बजाज और कुनिका सदानंद का विवाद फिर चर्चा में

रियलिटी शो बिग बॉस 19 में बीते दिनों अभिषेक बजाज और अभिनेत्री कुनिका सदानंद के बीच हुई बहस एक बार फिर चर्चा में है। शो के भीतर अभिषेक द्वारा कुनिका की उम्र को लेकर की गई टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। हालांकि अब शो से बाहर आने के बाद अभिषेक ने इस विवाद पर अपनी सफाई पेश की है और कहा है कि उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया, बल्कि आदरपूर्वक बात कही थी।

अभिषेक ने तोड़ी चुप्पी – “मैंने सम्मान में कहा था दादी”

आईएएनएस से बातचीत में अभिषेक बजाज ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इस मुद्दे को लेकर इतना विवाद क्यों हो रहा है। कुनिका जी 65 वर्ष की हैं और वास्तविक जीवन में दादी भी हैं। मैंने सिर्फ सम्मानपूर्वक उन्हें ‘दादी’ कहा था। इसमें किसी प्रकार का अपमान नहीं था। मैं अपनी दादी से बहुत प्यार करता हूं और उसी भावना से मैंने उन्हें संबोधित किया।”

“बिग बॉस कोई वृद्धाश्रम नहीं है” – अभिषेक का तीखा जवाब

अभिषेक ने आगे कहा कि शो के दौरान कई बार ऐसी स्थितियां बनती हैं जहां हर कोई अपना दृष्टिकोण रखना चाहता है। उन्होंने कहा, “कुनिका चाहती थीं कि हम सब उनकी बातें सुनें, लेकिन उनसे कोई सवाल न करें। लेकिन यह शो ‘ओल्ड ऐज होम’ (वृद्धाश्रम) नहीं है कि हम केवल उनकी सेवा करें। यह एक रियलिटी शो है, जहां हर कोई अपने विचार रखता है और अपनी रणनीति बनाता है।”

दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

अभिषेक और कुनिका की यह बहस जब प्रसारित हुई, तो दर्शकों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ दर्शकों ने अभिषेक के शब्दों को ‘एज शेमिंग’ बताया, जबकि कुछ ने कहा कि उन्होंने केवल हंसी-मजाक में कहा था। सोशल मीडिया पर इस बहस के कई क्लिप वायरल हुए, जिन पर नेटिज़न्स ने दोनों के रवैये पर सवाल उठाए।

कुनिका और अभिषेक के रिश्ते में आई तल्खी

शो के दौरान दोनों के बीच पहले सौहार्दपूर्ण संबंध थे, लेकिन जैसे-जैसे टास्क और तनाव बढ़े, उनके बीच मतभेद भी सामने आए। अभिषेक ने कुनिका से बहस के दौरान कहा था – “ये कोई वृद्धाश्रम नहीं है कि हम आपकी देखभाल करें।” इस बात ने कुनिका को आहत किया और उन्होंने भी जवाबी प्रतिक्रिया दी। बाद में अभिषेक ने उन्हें मनाने के लिए ‘दादी अम्मा, दादी अम्मा मान जाओ’ गाना गाया, मगर विवाद शांत नहीं हुआ।

सोशल मीडिया पर गर्म हुई बहस

ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #AbhishekBajaj और #KunickaSadanand हैशटैग ट्रेंड करने लगे। फैंस के बीच यह बहस छिड़ गई कि अभिषेक का बयान मज़ाक था या असम्मान। कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा कि “रियलिटी शो में हर बात को विवाद का रूप देना अनुचित है”, जबकि कुछ ने कहा कि “उम्र को लेकर मज़ाक किसी की गरिमा को ठेस पहुंचा सकता है।”

शो के निर्माताओं की चुप्पी

‘बिग बॉस 19’ के प्रोडक्शन हाउस या चैनल की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, मेकर्स ने सभी कंटेस्टेंट्स को हिदायत दी है कि वे उम्र, जाति या निजी जीवन से जुड़ी टिप्पणियों से बचें।

अभिषेक की आगे की योजना

शो से बाहर आने के बाद अभिषेक ने बताया कि वह अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “बिग बॉस ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है – खासकर धैर्य और आत्मनियंत्रण। लोगों की सोच को मैं नहीं बदल सकता, लेकिन अपनी नीयत साफ रख सकता हूं।”

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।