Jana Nayagan: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की आने वाली फिल्म ‘जन नायकन’ इन दिनों सुर्खियों में है, लेकिन वजह फिल्म का ट्रेलर या कहानी नहीं बल्कि इसका कानूनी विवाद है। मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इसे सिंगल जज के पास भेज दिया है और साफ कहा है कि सभी पक्षों को सुनकर जल्द फैसला लिया जाए।
यह फैसला न केवल फिल्म मेकर्स के लिए अहम है, बल्कि उन लाखों फैंस के लिए भी राहत की उम्मीद लेकर आया है, जो लंबे समय से फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।
CBFC और प्रोडक्शन हाउस के बीच टकराव
‘जन नायकन’ को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC और फिल्म के निर्माता KVN प्रोडक्शंस के बीच मतभेद सामने आए। फिल्म को पोंगल से पहले 9 जनवरी को रिलीज किया जाना था, लेकिन सर्टिफिकेट न मिलने के कारण रिलीज टालनी पड़ी।
CBFC ने कुछ आपत्तियों और शिकायतों का हवाला देते हुए फिल्म को सर्टिफिकेशन देने में देरी की। वहीं, मेकर्स का कहना था कि उन्होंने बोर्ड द्वारा सुझाए गए सभी छोटे-मोटे बदलाव पहले ही कर दिए हैं।
हाई कोर्ट का रुख क्यों है अहम
मद्रास हाई कोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि यह मामला केवल तकनीकी नहीं बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फिल्म निर्माण से जुड़े अधिकारों से भी जुड़ा है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोडक्शन हाउस अपनी याचिका में संशोधन करे और CBFC चेयरपर्सन के आदेश को सीधे चुनौती दे।
कोर्ट का यह रुख बताता है कि अब मामले को गंभीरता से सुना जाएगा, न कि सिर्फ औपचारिकता के तौर पर।
सुप्रीम कोर्ट से क्यों नहीं मिली राहत
15 जनवरी को फिल्म मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां से तुरंत कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि यह मामला मद्रास हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए वहीं उचित सुनवाई होगी।
इसके बाद प्रोडक्शन हाउस को फिर से हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में जाना पड़ा, जहां 20 जनवरी को सुनवाई हुई और फैसला सुरक्षित रख लिया गया।
अब तक की पूरी टाइमलाइन
- 15 दिसंबर को ‘जन नायकन’ का पोस्ट-प्रोडक्शन पूरा हुआ।
- 18 दिसंबर को फिल्म CBFC चेन्नई ऑफिस में जमा की गई।
- 24 दिसंबर को बोर्ड द्वारा बताए गए कट, एडिट और म्यूट को स्वीकार कर फिल्म का संशोधित संस्करण दोबारा जमा किया गया।
- 5 जनवरी को मेकर्स को शिकायतों की जानकारी दी गई।
- 6 जनवरी को KVN प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
- 9 जनवरी को सिंगल जज ने CBFC को U/A सर्टिफिकेशन देने का निर्देश दिया।
- 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
- 20 जनवरी को हाई कोर्ट ने सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रखा।
फैंस और फिल्म इंडस्ट्री की बेचैनी
विजय थलपति की यह फिल्म 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जा रही है। ऐसे में कानूनी अड़चन ने फैंस की बेचैनी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक तैयार फिल्म को रिलीज से क्यों रोका जा रहा है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यह मामला आगे चलकर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर एक मिसाल बन सकता है।
अब जब मामला सिंगल जज के पास भेज दिया गया है, तो उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्पष्ट फैसला आएगा। यदि कोर्ट मेकर्स के पक्ष में जाता है, तो फिल्म को जल्द सर्टिफिकेट मिल सकता है। वहीं, अगर CBFC की आपत्तियां बरकरार रहती हैं, तो फिल्म की रिलीज और टल सकती है।