बॉलीवुड में बढ़ने वाली है रिलीज की होड़
अप्रैल का महीना बॉलीवुड के लिए बेहद खास होने वाला है। मार्च में यश की टॉक्सिक और धुरंधर 2 के बाद अप्रैल में कई बड़ी फिल्मों का जमावड़ा लगने वाला है। दर्शकों को एक के बाद एक धमाकेदार फिल्में देखने को मिलेंगी। इस बार की खासियत यह है कि दो बड़े सुपरस्टार सलमान खान और अक्षय कुमार की फिल्में करीब-करीब एक साथ रिलीज होने वाली हैं। सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान और अक्षय कुमार की भूत बंगला के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है। इसके अलावा दक्षिण के सुपरस्टार राम चरण की फिल्म पेड्डी भी इसी महीने थिएटर में आएगी।

फिल्म इंडस्ट्री में जब भी बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज होती हैं तो बॉक्स ऑफिस पर मुकाबला देखने लायक होता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही होने वाला है। फिल्मों की रिलीज डेट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन ट्रेड एनालिस्ट्स ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक अप्रैल बेहद रोमांचक महीना रहने वाला है। दर्शकों को अलग-अलग तरह की कहानियां देखने को मिलेंगी। एक तरफ देशभक्ति से भरी वॉर फिल्म होगी तो दूसरी तरफ हॉरर कॉमेडी का तड़का लगा होगा।

फिल्मों की रिलीज डेट का पूरा शेड्यूल
मशहूर ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके आने वाली फिल्मों की रिलीज डेट की जानकारी दी है। उनके मुताबिक 19 मार्च को दो बड़ी फिल्में धुरंधर द रिवेंज और यश की टॉक्सिक सिनेमाघरों में दस्तक देंगी। इसके बाद 10 अप्रैल को अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत बंगला रिलीज होगी। फिर 17 अप्रैल को सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान आएगी। महीने के अंत में 30 अप्रैल को राम चरण और जाह्नवी कपूर की पेड्डी रिलीज होगी। इसके ठीक अगले दिन यानी 1 मई को रितेश देशमुख की राजा शिवाजी भी थिएटर में आएगी।
इन सभी फिल्मों के बीच एक से दो हफ्तों का अंतर है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यह अंतर काफी नहीं है। खासतौर पर जब बड़े सितारों की फिल्में एक के बाद एक आती हैं तो पहली फिल्म की कमाई अगली फिल्म पर असर डालती है। अगर अक्षय की फिल्म अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह सलमान की फिल्म की कमाई को प्रभावित कर सकती है। इसी तरह राम चरण की फिल्म भी सलमान की फिल्म से सीधा मुकाबला करेगी।
अक्षय कुमार की भूत बंगला का जादू
अक्षय कुमार की भूत बंगला एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म में अक्षय के साथ तबू, परेश रावल, वामिका गब्बी, मनोज जोशी और राजपाल यादव जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्मकार प्रियदर्शन ने किया है। प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी पहले भी कई हिट फिल्में दे चुकी है। हेरा फेरी और भूल भुलैया जैसी सुपरहिट फिल्में इसी जोड़ी ने बनाई थीं। इसलिए भूत बंगला से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।
हॉरर कॉमेडी एक ऐसी शैली है जो भारतीय दर्शकों को बेहद पसंद आती है। अक्षय कुमार कॉमेडी में माहिर हैं और उनकी टाइमिंग शानदार मानी जाती है। तबू जैसी दमदार अभिनेत्री की मौजूदगी फिल्म को और मजबूती देगी। परेश रावल और राजपाल यादव जैसे कॉमेडियन भी फिल्म में मजेदार भूमिका में हैं। फिल्म का ट्रेलर और प्रमोशन अभी तक नहीं शुरू हुआ है, लेकिन फिल्म के बारे में जो भी खबरें आ रही हैं उनसे लगता है कि यह एक पूरे परिवार के साथ देखने लायक मनोरंजक फिल्म होगी।
सलमान खान की देशभक्ति से भरी कहानी
सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान एक देशभक्ति पर आधारित वॉर फिल्म है। यह फिल्म 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित है। इस संघर्ष में भारत के कई बहादुर जवान शहीद हुए थे। फिल्म में सलमान खान शहीद कर्नल बी संतोश बाबू का किरदार निभा रहे हैं। निर्देशक अपूर्व लखिया ने इस कहानी को पर्दे पर उतारा है।
सलमान खान की फिल्म सिकंदर को मिली-जुली प्रतिक्रिया के बाद बैटल ऑफ गलवान से बहुत उम्मीदें हैं। यह फिल्म सलमान को एक अलग अवतार में दिखाएगी। देशभक्ति की फिल्में भारत में हमेशा सफल रही हैं। उरी द सर्जिकल स्ट्राइक और शेरशाह जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की थी। बैटल ऑफ गलवान भी इसी तरह की सच्ची घटना पर आधारित है। सलमान के फैन्स इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म में एक्शन सीन और भावनात्मक दृश्य दोनों होंगे।
राम चरण की पेड्डी भी है तैयार
दक्षिण के सुपरस्टार राम चरण की फिल्म पेड्डी भी अप्रैल के आखिर में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में राम चरण के साथ बॉलीवुड की अभिनेत्री जाह्नवी कपूर नजर आएंगी। यह एक बड़े बजट की फिल्म है और दक्षिण भारत में इसको लेकर काफी उत्साह है। राम चरण की पिछली फिल्म आरआरआर ने पूरी दुनिया में धूम मचाई थी। उस फिल्म ने ऑस्कर भी जीता था। इसलिए पेड्डी से भी दर्शकों को बहुत उम्मीदें हैं।
यह फिल्म हिंदी, तेलुगु, तमिल और अन्य भाषाओं में रिलीज होगी। जाह्नवी कपूर के लिए यह एक बड़ा मौका है क्योंकि वह पहली बार किसी दक्षिण की बड़ी फिल्म में काम कर रही हैं। फिल्म एक पीरियड ड्रामा है और इसमें शानदार सेट और कॉस्ट्यूम का इस्तेमाल हुआ है। अगर यह फिल्म सलमान की फिल्म से एक हफ्ते बाद आती है तो दोनों के बीच सीधा मुकाबला होगा। दक्षिण की फिल्में पिछले कुछ सालों में पूरे भारत में खूब पसंद की जा रही हैं इसलिए पेड्डी भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
बॉक्स ऑफिस पर क्या होगा असर
जब एक साथ कई बड़ी फिल्में रिलीज होती हैं तो बॉक्स ऑफिस पर उनका आपस में मुकाबला होता है। अक्षय की भूत बंगला 10 अप्रैल को आएगी और सलमान की बैटल ऑफ गलवान 17 अप्रैल को। दोनों के बीच सिर्फ एक हफ्ते का अंतर है। अगर भूत बंगला अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह दूसरे हफ्ते में भी दर्शकों को थिएटर तक खींचेगी। उस स्थिति में बैटल ऑफ गलवान को शुरुआती दिनों में थोड़ा नुकसान हो सकता है।
लेकिन दोनों फिल्में अलग-अलग शैली की हैं। भूत बंगला एक हॉरर कॉमेडी है जबकि बैटल ऑफ गलवान एक गंभीर वॉर फिल्म है। इसलिए दोनों अलग-अलग दर्शकों को पसंद आएंगी। परिवार के साथ मनोरंजन चाहने वाले लोग भूत बंगला देखेंगे जबकि देशभक्ति और एक्शन पसंद करने वाले दर्शक बैटल ऑफ गलवान देखने जाएंगे। फिर भी कुछ हद तक दोनों फिल्मों को एक-दूसरे का सामना करना पड़ेगा।
राम चरण की पेड्डी 30 अप्रैल को आएगी यानी बैटल ऑफ गलवान के करीब दो हफ्ते बाद। अगर सलमान की फिल्म अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह तीसरे हफ्ते में भी दर्शकों को आकर्षित करेगी। उस स्थिति में पेड्डी को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन पेड्डी एक दक्षिण की फिल्म होने के कारण दक्षिण भारत में जबरदस्त कमाई कर सकती है।
फिल्म मेकर्स के लिए चुनौती
इतनी बड़ी फिल्मों का एक साथ आना निर्माताओं के लिए चुनौती भरा है। हर फिल्म में करोड़ों रुपए का निवेश होता है। अगर फिल्में आपस में टकराती हैं तो सभी को नुकसान हो सकता है। इसलिए आमतौर पर बड़ी फिल्मों की रिलीज डेट में ज्यादा अंतर रखा जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पा रहा है। अभी तक किसी फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा नहीं हुई है।
संभव है कि आने वाले दिनों में कुछ फिल्मों की तारीखें बदल जाएं। निर्माता और वितरक आमतौर पर ऐसी तारीख चुनते हैं जब उन्हें ज्यादा से ज्यादा दर्शक मिल सकें। अगर दो बड़ी फिल्में एक साथ आती हैं तो स्क्रीन शेयरिंग भी एक मुद्दा बनता है। बड़े शहरों में तो पर्याप्त स्क्रीन होती हैं लेकिन छोटे शहरों और कस्बों में सीमित संख्या में सिनेमाघर होते हैं। ऐसे में सभी फिल्मों को पर्याप्त स्क्रीन नहीं मिल पाती।
अगर ये सभी फिल्में अलग-अलग महीनों में आतीं तो हर फिल्म को अपने हिसाब से दर्शक मिल सकते थे। लेकिन अभी जो स्थिति बन रही है उसमें फिल्म की गुणवत्ता और प्रमोशन बहुत मायने रखेगा। जो फिल्म दर्शकों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर पाएगी वही बॉक्स ऑफिस पर सफल होगी। फिल्म इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि अप्रैल का महीना बॉक्स ऑफिस के लिए परीक्षा की घड़ी होगा।