बॉलीवुड में हाल के दिनों में एक नया विवाद सामने आया है जब दिग्गज म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने अपने एक बयान में कहा कि उन्हें पिछले 8 साल से बॉलीवुड में काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसकी वजह सांप्रदायिक एंगल और बदलते पावर डायनेमिक्स को बताया था। इस बयान पर जहां कई लोगों ने अपनी राय रखी वहीं अब वध फिल्म के मशहूर एक्टर संजय मिश्रा ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
संजय मिश्रा ने टाइम्स नाउ के साथ खास बातचीत में एआर रहमान के इस बयान पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ऐसी कोई बात कभी नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता तो शाहरुख खान जैसे कलाकार आज इतने सफल नहीं होते।
एआर रहमान का विवादित बयान क्या था
एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें पिछले 8 साल से बॉलीवुड में ज्यादा काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसके पीछे सांप्रदायिक कारणों और इंडस्ट्री में बदलते पावर समीकरणों को जिम्मेदार ठहराया था। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई और विवाद बढ़ने लगा। बाद में एआर रहमान ने अपने बयान पर सफाई भी दी थी लेकिन तब तक यह मुद्दा काफी गर्म हो चुका था।
संजय मिश्रा ने क्या कहा इस मामले में
संजय मिश्रा ने टाइम्स नाउ से बात करते हुए कहा कि हमने रहमान को सर आंखों पर रखा है। शायद उन्हें ऐसा लगा होगा। ये माहौल की वजह से हो रहा है। लोग अपने आप को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो बोल रहे हैं कि नमाज पर गड़बड़ हो गया, ये क्यों हो रहा है, वो क्यों हो रहा है।
संजय मिश्रा का स्टाफ और उनका नजरिया
संजय मिश्रा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि ज्यादातर जो लोग उनके साथ काम कर रहे हैं और जो उनका स्टाफ है वो सब मुस्लिम हैं। उन्होंने कहा कि आज भी जब वो हाजी अली जाते हैं तो झुकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में, भारत मेरा देश है, यहां के वासी मेरे भाई बहन हैं, ये शपथ ली जाती है। तो अब ऐसा क्यों हो रहा है यह सवाल उठता है।
शाहरुख खान का उदाहरण देते हुए संजय की बात
संजय मिश्रा ने अपनी बात को और मजबूत करने के लिए बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान एक मुस्लिम हैं लेकिन फिर भी मैं और पूरे देशभर के लोग उन्हें प्यार करते हैं। अगर बॉलीवुड में सच में सांप्रदायिक भेदभाव होता तो शाहरुख खान आज इतने बड़े स्टार नहीं होते। उनकी फिल्में इतनी सफल नहीं होतीं।
बॉलीवुड में काम मिलने का असली कारण क्या है
संजय मिश्रा के मुताबिक बॉलीवुड में किसी को काम मिलना या नहीं मिलना कई कारणों पर निर्भर करता है। टैलेंट, कनेक्शन, मौके और सही समय पर सही जगह होना इन सभी बातों का असर होता है। सिर्फ धर्म के आधार पर किसी को काम नहीं दिया जाता या रोका जाता है ऐसा नहीं है। इंडस्ट्री में हर धर्म के कलाकार सफल हुए हैं और आज भी हो रहे हैं।
माहौल की बात पर संजय का विचार
हालांकि संजय मिश्रा ने यह भी माना कि आज का माहौल थोड़ा बदला हुआ है। सोशल मीडिया के जमाने में हर छोटी बड़ी बात को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है। कई बार जो बात नहीं है वो भी बना दी जाती है। इससे लोगों के मन में गलत धारणा बनती है। लेकिन असलियत में इंडस्ट्री में ऐसा कुछ नहीं है।
एआर रहमान की सफाई और बाद का घटनाक्रम
जब एआर रहमान के बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका मतलब किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। वो सिर्फ अपनी बात रख रहे थे। लेकिन तब तक यह मुद्दा काफी गर्म हो चुका था और कई लोगों ने इस पर अपनी राय रख दी थी।
संजय मिश्रा का बॉलीवुड करियर और अनुभव
संजय मिश्रा खुद बॉलीवुड में कई साल से काम कर रहे हैं। उन्होंने अलग अलग तरह की फिल्मों में काम किया है। छोटे रोल से लेकर बड़े किरदार तक निभाए हैं। उनका अनुभव काफी लंबा है इसलिए उनकी बात का वजन भी है। उन्होंने इंडस्ट्री को करीब से देखा है और समझा है।
इंडस्ट्री में धर्म से परे प्यार और सम्मान
बॉलीवुड हमेशा से ही अलग अलग धर्मों के कलाकारों का घर रहा है। यहां हर किसी को मौका मिला है। दिलीप कुमार से लेकर शाहरुख खान तक, आमिर खान से लेकर सलमान खान तक सभी ने अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर सफलता हासिल की है। उनके धर्म ने उनकी सफलता में कभी बाधा नहीं डाली।
सोशल मीडिया और विवादों का दौर
आज के समय में सोशल मीडिया पर हर बात को बहुत जल्दी फैलाया जाता है। कई बार बिना सोचे समझे लोग अपनी राय रख देते हैं। इससे छोटी बात भी बड़ा विवाद बन जाती है। संजय मिश्रा ने भी इस बात को माना कि माहौल इसलिए भी ऐसा लग रहा है क्योंकि हर चीज को बहुत ज्यादा बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है।
प्यार और भाईचारे का संदेश
संजय मिश्रा ने अपनी बात खत्म करते हुए प्यार और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीय हैं और हमें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। धर्म के नाम पर बंटना नहीं चाहिए। हर किसी को अपनी मेहनत और काबिलियत के आधार पर आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
संजय मिश्रा के इस बयान से साफ है कि वो एआर रहमान के विचारों से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि बॉलीवुड में सांप्रदायिकता नहीं है और हर किसी को बराबर का मौका मिलता है। हालांकि उन्होंने माहौल के बदलने की बात भी मानी है लेकिन इंडस्ट्री की असलियत को लेकर उनका नजरिया साफ है।