जरूर पढ़ें

सुधा चंद्रन पर आयी माता, खो बैठी होश! संभालना हुआ मुश्किल, सोशल मीडिया पर Video वायरल

सुधा चंद्रन पर आयी माता, खो बैठी होश!
सुधा चंद्रन पर आयी माता, खो बैठी होश! (Pic Credit- IG Instantbollywood)
माता की चौकी के दौरान सुधा चंद्रन का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसने आस्था, निजी भावनाओं और सार्वजनिक जीवन की सीमाओं पर बहस छेड़ दी है, वहीं उनके संघर्षपूर्ण और प्रेरक जीवन की याद भी दिलाई है।
Updated:

Sudha Chandran Viral Video: भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री सुधा चंद्रन का नाम आते ही संघर्ष, आत्मबल और कला के प्रति समर्पण की तस्वीर सामने आती है। वर्षों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली यह कलाकार आज किसी किरदार या डांस परफॉर्मेंस की वजह से नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में है। यह वीडियो किसी शूटिंग सेट का नहीं, बल्कि माता की चौकी के दौरान का बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब ला दिया है।

माता की चौकी का वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सुधा चंद्रन को कई लोग एक साथ संभालते हुए नजर आ रहे हैं। उनका शरीर असंतुलित दिखाई देता है और चेहरे पर भावनाओं का तीव्र आवेग साफ झलकता है। आसपास मौजूद लोग उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य माता की चौकी के दौरान का है, जहां भक्ति और भावावेश अपने चरम पर था।

वीडियो देखने वालों का एक बड़ा वर्ग इसे देवी आस्था से जोड़कर देख रहा है। उनका मानना है कि यह एक गहन आध्यात्मिक अनुभव का क्षण था, जिसमें सुधा स्वयं पर नियंत्रण नहीं रख पा रही थीं। वहीं कुछ लोग इसे निजी आस्था का विषय बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे क्षणों का सार्वजनिक प्रसार कितना उचित है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Instant Bollywood (@instantbollywood)

सोशल मीडिया पर बंटी हुई प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। एक तरफ वे लोग हैं जो इसे श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक मान रहे हैं। उनके लिए यह वीडियो आस्था की शक्ति और मानवीय भावनाओं की सच्चाई को दर्शाता है। दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील पलों को कैमरे में कैद करना और फिर वायरल करना व्यक्ति की निजता पर सवाल खड़ा करता है।

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि सुधा चंद्रन जैसी सार्वजनिक हस्ती के साथ ऐसा दृश्य साझा करना जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए था। चर्चा सिर्फ वीडियो तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बहस आस्था, मानसिक स्थिति और सार्वजनिक जीवन की सीमाओं तक पहुंच गई।

आस्था और सार्वजनिक जीवन के बीच की रेखा

भारत जैसे देश में आस्था जीवन का अहम हिस्सा है। माता की चौकी, कीर्तन और भजन जैसे आयोजन भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ते हैं। लेकिन जब ऐसी आस्था किसी सार्वजनिक हस्ती से जुड़ जाती है, तो मामला निजी नहीं रह जाता। सुधा चंद्रन का यह वीडियो इसी टकराव का उदाहरण बन गया है, जहां व्यक्तिगत भावनाएं सार्वजनिक बहस का विषय बन गईं।

संघर्ष से सफलता तक: सुधा चंद्रन की प्रेरक यात्रा

सुधा चंद्रन का जीवन स्वयं में किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। तीन साल की उम्र से नृत्य सीखना शुरू करने वाली सुधा ने कम उम्र में ही भरतनाट्यम में महारत हासिल कर ली थी। लेकिन एक सड़क दुर्घटना ने उनका पैर छीन लिया और जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया।

जहां अधिकतर लोग टूट जाते, वहीं सुधा ने कृत्रिम पैर के सहारे न सिर्फ चलना सीखा, बल्कि दोबारा नृत्य और अभिनय की दुनिया में वापसी की। उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म ‘मयूरी’ और हिंदी रीमेक ‘नाचे मयूरी’ ने पूरे देश को भावुक कर दिया।

टेलीविजन और सिनेमा में अमिट पहचान

सुधा चंद्रन ने ‘नागिन’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कस्तूरी’ और ‘कहीं किसी रोज’ जैसे धारावाहिकों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस हमेशा मजबूत और प्रभावशाली रही है। उन्होंने कई भाषाओं की फिल्मों में काम कर खुद को एक बहुआयामी कलाकार के रूप में स्थापित किया।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।