जरूर पढ़ें

द केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर पर बवाल, क्या है वो कंटेंट जिससे गरमा गई बहस? एक नजर में समझें पूरा विवाद

द केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर पर बवाल, क्या है वो कंटेंट जिससे गरमा गई बहस?
द केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर पर बवाल, क्या है वो कंटेंट जिससे गरमा गई बहस? (Pic Credit- X @KomalNahta)

द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। फिल्म पर प्रोपेगेंडा और समुदाय विशेष को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। वहीं प्रोड्यूसर ने इसे सच दिखाने की कोशिश बताया है। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी।

Updated:

The Kerala Story 2: 17 फरवरी को फिल्म द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर रिलीज हुआ और इसके कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसे एक खास एजेंडा वाली फिल्म बताया, तो कुछ ने कहा कि यह समाज के एक वर्ग को टारगेट करती है। वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं जो इसे जरूरी सच्चाई दिखाने वाली फिल्म मान रहे हैं।

ट्रेलर में दिखाई गई कहानी ने लोगों को बांट दिया है। खासतौर पर शुरुआती लाइन, जिसमें अगले 25 सालों में भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने की बात कही जाती है, उसने सबसे ज्यादा विवाद खड़ा किया है। कई लोग इसे भड़काऊ मान रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह एक चेतावनी है।

ट्रेलर में क्या दिखाया गया है

इस बार कहानी सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है। ट्रेलर में राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की लड़कियों की कहानी दिखाई गई है। हर कहानी में एक जैसा पैटर्न दिखाया गया है, जहां एक हिंदू लड़की मुस्लिम लड़के से शादी करती है और बाद में हालात बदल जाते हैं।

राजस्थान की कहानी में एक 16 साल की लड़की का मामला दिखाया गया है। उसके माता-पिता शादी को गैरकानूनी बताते हैं, लेकिन दस्तावेजों में उसकी उम्र 18 साल दिखाई जाती है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही केस दिखाया गया है, जहां लड़की अपने परिवार की बात नहीं मानती। केरल की कहानी में धर्म परिवर्तन का मुद्दा सामने आता है।

विवादित दृश्य और संदेश

ट्रेलर में कुछ ऐसे सीन भी हैं, जिन्हें लेकर आपत्ति जताई जा रही है। जैसे शादी के बाद लड़की को जबरन बीफ खिलाना, मारपीट के दृश्य और शारीरिक शोषण के संकेत। आखिर में स्क्रीन पर एक संदेश आता है, जिससे संकेत मिलता है कि अगला निशाना किसी की भी बेटी हो सकती है।

आलोचकों का कहना है कि ऐसे दृश्य समाज में डर और नफरत पैदा कर सकते हैं। वहीं फिल्म के समर्थक इसे सच्ची घटनाओं से प्रेरित कहानी बता रहे हैं।

मेकर्स की सफाई

फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब आप अपराध को उजागर करते हैं तो स्वाभाविक है कि कुछ लोग असहज होंगे। उनका कहना है कि अगर पहली फिल्म झूठ होती तो लोग उसे नहीं देखते। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म सात महीने की रिसर्च और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई है।

उन्होंने साफ कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, खासकर माता-पिता को। उनका मानना है कि बच्चों को भी यह फिल्म दिखानी चाहिए ताकि वे सतर्क रहें। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को यू/ए 16 सर्टिफिकेट दिया है, जिसे मेकर्स सकारात्मक मान रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तीखी बहस

ट्रेलर के कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने लिखा है कि उनके राज्य को गलत तरीके से दिखाया गया है। कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म केरल की छवि खराब करती है। रेडिट और अन्य प्लेटफॉर्म पर भी लंबी बहस चल रही है।

कुछ यूजर्स ने अपने निजी अनुभव साझा किए हैं, जबकि कुछ ने फिल्म देखने से पहले ही विरोध जताया है। एक यूजर ने लिखा कि ट्रेलर देखकर ही समझ आ गया कि यह फिल्म दिल दुखाने वाली है।

वहीं दूसरी तरफ, कुछ लोग इसे हिम्मत भरा कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समाज में ऐसे मामले हो रहे हैं तो उन्हें सामने लाना जरूरी है। उनका मानना है कि सच्चाई को दिखाने से डरना नहीं चाहिए।

25 साल वाली लाइन पर सबसे ज्यादा सवाल

ट्रेलर की शुरुआत में जो दावा किया गया है कि 25 साल में भारत इस्लामिक राष्ट्र बन जाएगा, उसी पर सबसे ज्यादा बहस हो रही है। आलोचकों का कहना है कि यह लाइन समाज में डर पैदा करने के लिए डाली गई है। समर्थकों का तर्क है कि यह सिर्फ एक चेतावनी है, कोई भविष्यवाणी नहीं।

रिलीज से पहले ही माहौल गर्म

फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, लेकिन उससे पहले ही माहौल काफी गर्म है। यह साफ है कि द केरल स्टोरी 2 सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बहस बन चुकी है।

आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह विवाद फिल्म के पक्ष में जाता है या उसके खिलाफ। लेकिन इतना तय है कि रिलीज से पहले ही फिल्म ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।