CM Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत ने उनकी दोषमुक्ति (डिस्चार्ज) याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब इस मामले में मुकदमे की आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी।
यह मामला रांची के बड़गई अंचल के शांति नगर क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि इस जमीन के अधिग्रहण में अनियमितताएं हुईं और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच की जा रही है। इसी मामले में ईडी ने पहले भी कई लोगों से पूछताछ की थी और कई स्थानों पर छापेमारी की थी।
सीएम हेमंत सोरेन ने दाखिल की थी याचिका
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अदालत में याचिका दाखिल कर खुद को इस मामले से मुक्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें गलत तरीके से मामले में शामिल किया गया है। उनकी ओर से अदालत में यह भी दलील दी गई कि ईडी के पास उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
ईडी ने कहा- पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद
वहीं, ईडी ने अदालत में इस मांग का विरोध किया। जांच एजेंसी का कहना था कि उसके पास मामले से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। ईडी ने अदालत को बताया कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष ईडी अदालत ने हेमंत सोरेन की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि जांच एजेंसी के पास मामले में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसी वजह से अदालत ने उन्हें इस स्तर पर राहत देने से इनकार कर दिया।
मामले में सीएम हेमंत सोरेन की हुई थी गिरफ़्तारी
गौरतलब है कि इसी मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। लंबे समय तक चली जांच के बाद ईडी ने 31 जनवरी 2024 को उन्हें गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आए थे।
हालांकि, विशेष अदालत के इस फैसले के बाद भी हेमंत सोरेन के पास कानूनी विकल्प खुले हुए हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि वह चाहें तो इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट या अन्य उच्च अदालतों का रुख कर सकते हैं। ऐसे में अब इस मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।