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Hingoli Fraud Case: हिंगोली में करोड़ों की ठगी का खुलासा: जयेश खर्जुले गिरफ्तार, लगभग 12.81 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी

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आरोपी और गिरफ्तारी

Hingoli Fraud Case: हिंगोली शहर में सैकड़ों निवेशकों को प्रभावित करने वाले हिंगोली अर्बन सहकारी पतसंस्था के अध्यक्ष जयेश खर्जुले को 4 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने 8 सितंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया।


ठगी का तरीका और फर्जी प्रकरण | Hingoli Fraud Case

जयेश खर्जुले ने अपनी पत्नी रोहिणी खर्जुले के साथ मिलकर दो पतसंस्थाओं के माध्यम से निवेशकों को भारी ब्याज का लालच देकर पैसे जमा करवाए:

  • हिंगोली अर्बन सहकारी पतसंस्था – अध्यक्ष: जयेश खर्जुले

  • हिंगोली महिला अर्बन सहकारी पतसंस्था – अध्यक्षा: रोहिणी खर्जुले

इन संस्थाओं ने नकली कर्ज प्रकरण तैयार किए और सोना गिरवी दिखाया, जबकि असल में सोना रखा ही नहीं गया। करोड़ों रुपये हड़पकर उन्होंने आलीशान बंगले बनाए, महंगी गाड़ियाँ खरीदीं और विदेश यात्राएँ कीं।

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निवेशकों और जमाकर्ताओं की स्थिति

करीब 100 करोड़ रुपये इन दोनों संस्थाओं में जमा हुए। एजेंटों के माध्यम से प्रतिदिन लाखों रुपये वसूले जाने लगे। धीरे-धीरे निवेशकों को पैसा लौटना बंद हो गया, जिससे उनकी नाराज़गी बढ़ी।

Hingoli Fraud Case: दैनिक भास्कर ने 7 मार्च 2024 को इस घोटाले का पहला पर्दाफाश किया। खबर प्रकाशित होने के बाद जमाकर्ताओं ने संस्थाओं के दफ्तरों पर भीड़ जमा कर पैसा लौटाने की मांग की।


पुलिस कार्रवाई और आरोप

निवेशकों की शिकायत के बाद पुलिस ने अदालत के आदेश से केस दर्ज किया। कुल मिलाकर 25 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया:

  • हिंगोली महिला अर्बन सहकारी पतसंस्था के 33 संचालक और कर्मचारी – लगभग 30.78 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी।

  • न्यू हिंगोली अर्बन क्रेडिट सोसाइटी के निदेशक और कर्मचारी – लगभग 12.81 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी।

सभी आरोपी फरार थे, मगर मास्टरमाइंड जयेश खर्जुले को पुलिस ने दबोच लिया।


Hingoli Fraud Case : आगे की जांच

इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के पुलिस निरीक्षक संतोष शेकडे कर रहे हैं। जांच में संस्थाओं के दस्तावेज, लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की पूरी पड़ताल की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले निवेशकों के विश्वास को हिला सकते हैं और वित्तीय अनुशासन को प्रभावित कर सकते हैं। सरकार और पुलिस इस तरह की धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Aryan Ambastha

राष्ट्रभारत डॉट कॉम में लेखक एवं विचारक | वित्त और उभरती तकनीकों में गहरी रुचि | राजनीति एवं समसामयिक मुद्दों के विश्लेषक | कंटेंट क्रिएटर | नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रौद्योगिकी, वित्त, राजनीति और समाज के आपसी संबंधों को समझने और व्याख्या करने का विशेष कौशल रखते हैं। जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित और संतुलित दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुँचाना इनकी पहचान है। संपर्क: aryan.ambastha@rashtrabharat.com