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राहुल गांधी का आरोप: भारत-अमेरिका डील में देश का डेटा सौंपा गया

Rahul Gandhi Slams Modi Govt on US India Trade Deal: राहुल गांधी ने कहा अमेरिका को सौंपा भारत का डेटा, किसानों को किया सरेंडर
Rahul Gandhi Slams Modi Govt on US India Trade Deal: राहुल गांधी ने कहा अमेरिका को सौंपा भारत का डेटा, किसानों को किया सरेंडर (Image Source: Sansad TV)

Rahul Gandhi Slams Modi Govt on US India Trade Deal: लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश का डेटा अमेरिका को सौंप दिया और किसानों के हितों को कुचला। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।

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लोकसभा में गरमाई बहस

Rahul Gandhi Slams Modi Govt on US India Trade Deal: लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान गरमागरम बहस देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर तीखे हमले किए। उनका कहना था कि यह डील देश के हितों के खिलाफ है और इसमें भारत ने अपना सबसे कीमती संसाधन यानी डेटा अमेरिका को सौंप दिया है। राहुल के इन आरोपों पर सरकार की तरफ से तुरंत पलटवार हुआ और सदन में हंगामा मच गया।

भारत का डेटा है असली ताकत

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका और चीन के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा में भारत का डेटा सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। उन्होंने समझाया कि अगर अमेरिका दुनिया में महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की ताकत बनाए रखना चाहता है, तो उसके लिए भारतीय लोगों का डेटा बेहद जरूरी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की 140 करोड़ की आबादी एक बड़ी ताकत है, न कि कोई समस्या। यह डेटा ही वह पूंजी है जो भारत को बराबरी पर अमेरिका से बात करने का अधिकार देती है।

किसानों के हितों की अनदेखी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को अमेरिकी कंपनियों के सामने सरेंडर कर दिया गया है और उन्हें अपनी रक्षा खुद करने के लिए छोड़ दिया गया है। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री ने किसानों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जैसा इस सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने किसानों की रक्षा करता है, लेकिन हमारी सरकार ने अपने किसानों को असुरक्षित छोड़ दिया।

टेक्सटाइल और ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता

राहुल गांधी ने कहा कि इस समझौते से देश के टेक्सटाइल उद्योग को भारी नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सेक्टर खत्म होने की कगार पर है। इसके साथ ही उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को दूसरे देशों के हवाले कर रही है, जो भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। राहुल ने कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन की सरकार होती तो वे अमेरिका के साथ बराबरी की शर्तों पर बात करते।

सरकार का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो भारत को बेच या खरीद सके। रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे मजबूत प्रधानमंत्री बताया। उन्होंने राहुल पर आरोप लगाया कि वे बिना किसी सबूत के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि ऐसे आरोप संसद में स्वीकार नहीं किए जा सकते और इन्हें प्रमाणित करना होगा।

पीठासीन अधिकारी से नोकझोंक

राहुल गांधी के भाषण के दौरान पीठासीन जगदंबिका पाल से भी हल्की नोकझोंक हुई। जब राहुल ने एपस्टीन फाइल का जिक्र करना शुरू किया तो उन्हें टोका गया। राहुल ने पीठासीन अधिकारी से कहा कि आप हमारी पार्टी के पूर्व सदस्य हैं इसलिए विशेष संरक्षण की उम्मीद करते हैं। इस पर जगदंबिका पाल ने कहा कि यह चेयर पर आरोप है। उन्होंने राहुल से कहा कि अगर वे उनकी सलाह मानते तो सही रास्ते पर होते। पाल ने कहा कि पूरा देश उन्हें देख रहा है और उन्हें बजट पर बोलना चाहिए।

होलसेल सरेंडर का आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री, चाहे वो मोदी ही क्यों न हों, ऐसी डील पर तब तक साइन नहीं करता जब तक उस पर दबाव न हो या उसे कोई फायदा न हो। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का सरेंडर नहीं है, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का सरेंडर है। राहुल ने आरोप लगाया कि इस सरेंडर के पीछे बीजेपी का वित्तीय ढांचा है। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं खड़ा किया जा सकता और देश को अमेरिका के साथ बराबरी की शर्तों पर बात करनी चाहिए।

विपक्ष की रणनीति

राहुल गांधी ने बताया कि अगर विपक्षी इंडिया गठबंधन की सरकार होती और व्यापार समझौते की बात करती तो वे अमेरिकी राष्ट्रपति से कहते कि डॉलर की सुरक्षा करने की सबसे बड़ी पूंजी भारतीय लोगों के पास है। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका से कहते कि आप ऐसे बात नहीं कर सकते जैसे हम आपके नौकर हैं। राहुल ने कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति से यह भी कहते कि भारत अपने ईंधन की रक्षा करेगा और जिस तरह अमेरिका अपने किसानों की रक्षा करता है, उसी तरह भारत भी अपने किसानों की रक्षा करेगा।

सदन में हंगामा

राहुल गांधी के भाषण के दौरान सदन में कई बार हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने जोरदार नारेबाजी की। जब राहुल ने कहा कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया है तो सरकारी पक्ष के सांसद भड़क गए। रिजिजू ने बार-बार राहुल से आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कहा। राहुल ने जवाब दिया कि वे सब कुछ प्रमाणित कर रहे हैं और सबूत दे रहे हैं। पीठासीन अधिकारी ने कई बार दोनों पक्षों को शांत रहने के लिए कहा।

देश की संप्रभुता का सवाल

Rahul Gandhi Slams Modi Govt on US India Trade Deal: राहुल गांधी ने इस मुद्दे को देश की संप्रभुता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर देश है और उसे किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या एक ताकत है जिसका इस्तेमाल देश के हित में किया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि इस समझौते में भारत के हितों की रक्षा नहीं की गई है और यह देश के लिए नुकसानदेह साबित होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस समझौते की पूरी जानकारी देश के सामने लाई जाए।

आगे की राह

राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद अब देखना होगा कि सरकार इसका क्या जवाब देती है। विपक्ष ने इस मुद्दे को आगे भी उठाने का संकेत दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि वे इस समझौते की पूरी जांच की मांग करेंगे। सत्ता पक्ष की तरफ से अभी तक केवल आरोपों को खारिज किया गया है, लेकिन विस्तृत जवाब अभी आना बाकी है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद में और भी गरमाने वाला है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।