महिला क्रिकेट में हर साल नए चेहरे सामने आ रहे हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनकी कहानी बाकी सबसे अलग होती है। हरियाणा की 16 साल की दीया यादव भी उन्हीं नामों में शामिल हो चुकी हैं। कम उम्र, बड़ा आत्मविश्वास और खुलकर खेलने की सोच ने दीया को महिला प्रीमियर लीग तक पहुंचा दिया है। दिल्ली कैपिटल्स ने WPL 2026 की नीलामी में दीया को 10 लाख रुपये में खरीदा, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी बात है।
दीया यादव को लोग प्यार से “छोटी शैफाली” भी कहने लगे हैं, क्योंकि उनका खेलने का अंदाज काफी हद तक शैफाली वर्मा जैसा है। पहले ही गेंद से आक्रमण करना, डर के बिना बड़े शॉट खेलना और गेंदबाजों पर दबाव बनाना दीया की खास पहचान है।
हरियाणा से निकली एक नई उम्मीद
हरियाणा पहले ही शैफाली वर्मा जैसी खिलाड़ी दे चुका है और अब दीया यादव उसी राह पर चलती दिख रही हैं। दीया का जन्म हरियाणा में हुआ, लेकिन उनका क्रिकेट सफर कई जगहों से होकर गुजरा। उनके पिता राकेश यादव खुद जिला स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं। घर का यही माहौल दीया को क्रिकेट की ओर खींच लाया।
घर से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
दीया ने बताया कि उन्हें क्रिकेट में रुचि 2017 के वर्ल्ड कप के समय हुई। वह अपने पिता को खेलते देखती थीं और धीरे-धीरे खुद भी सीखने लगीं। शुरुआत में पिता घर के अंदर ही गेंद डालते थे। मोहल्ले के लड़कों ने जब उन्हें खेलने से मना किया, तो दीया का हौसला और बढ़ गया।
पुणे की अकादमी से मिली मजबूत नींव
दीया को पुणे की एक क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया गया, जहां वह पहली लड़की खिलाड़ी थीं। यहां उन्होंने लड़कों के साथ अभ्यास किया। इसी दौरान उनका आक्रामक खेल और बेहतर होता गया। कोच ने भी उनकी ताकत और आत्मविश्वास को पहचाना।
कोरोना के बाद हरियाणा में नई शुरुआत
कोरोना के समय दीया का परिवार हरियाणा लौट आया। यहां दीया को हरियाणा क्रिकेट संघ की अकादमी में मौका मिला। यहीं से उनका खेल और निखरने लगा। उन्होंने उम्र से बड़ी टीमों में खेलते हुए खुद को साबित किया।

14 साल की उम्र में दोहरा शतक
नवंबर 2023 में दीया ने महिला अंडर-15 वनडे टूर्नामेंट में 213 रन की नाबाद पारी खेली। यह पारी सिर्फ रनों की वजह से नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास की वजह से खास रही। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 578 रन बनाए और फाइनल में भी शानदार शतक लगाया।
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन
इसके बाद दीया ने सीनियर और अंडर-23 स्तर पर भी लगातार रन बनाए। अलग-अलग टूर्नामेंट में उनका बल्ला खूब बोला। यही वजह रही कि चयनकर्ता और फ्रेंचाइजी उन पर नजर रखने लगे।
WPL नीलामी का खास पल
WPL 2026 की नीलामी का दिन दीया के लिए यादगार बन गया। वह अपने साथियों के साथ जिम में थीं और मोबाइल पर नीलामी देख रही थीं। जैसे ही दिल्ली कैपिटल्स ने उनका नाम पुकारा, खुशी का माहौल बन गया। दीया खुद चाहती थीं कि वह उसी टीम में जाएं जहां शैफाली वर्मा खेलती हैं।
शैफाली वर्मा से मिली प्रेरणा
दीया मानती हैं कि शैफाली वर्मा उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। दोनों ने हरियाणा की सीनियर टीम में साथ खेला है। शैफाली ने हमेशा दीया को खुलकर खेलने की सलाह दी है और उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है।
ताकत, फिटनेस और सादा खानपान
दीया की ताकत का राज सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि फिटनेस और सही खानपान भी है। वह शाकाहारी हैं और अपने खाने पर खास ध्यान देती हैं। हरियाणा क्रिकेट संघ में फिटनेस को काफी महत्व दिया जाता है, जिसका फायदा उन्हें मिला।
दिल्ली कैपिटल्स को क्यों पसंद आई दीया
दिल्ली कैपिटल्स के स्काउट्स काफी समय से दीया को देख रहे थे। उनकी लंबाई, ताकत और तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेलने की क्षमता ने टीम को प्रभावित किया। टीम का मानना है कि दीया भविष्य की बड़ी खिलाड़ी बन सकती हैं।
आगे का सपना
दीया का सपना सिर्फ WPL तक सीमित नहीं है। वह भारत की जर्सी पहनकर देश के लिए खेलना चाहती हैं। अगला लक्ष्य अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप है। दीया का कहना है कि वह दबाव नहीं लेंगी और सीनियर खिलाड़ियों से सीखते हुए आगे बढ़ेंगी।