Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ देंगे? वजह है आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की ओर से आया एक आकर्षक प्रस्ताव।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइजी के संभावित नए मालिकान ने गौतम गंभीर को सीईओ, पार्टनर और मेंटॉर बनाने की पेशकश की है। बताया जा रहा है कि उन्हें 2 से 3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की बात कही गई है।
टीम इंडिया के मुख्य कोच पद से देना होगा इस्तीफा
अगर गंभीर इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो उन्हें टीम इंडिया के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देना होगा। भारतीय क्रिकेट व्यवस्था में एक साथ राष्ट्रीय टीम और किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ना हितों के टकराव की स्थिति पैदा करता है।
यही कारण है कि यह मामला सिर्फ एक पेशेवर अवसर का नहीं, बल्कि नैतिक और प्रशासनिक सवालों का भी बन गया है। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गंभीर फिलहाल अपने पद के प्रति प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने किसी भी तरह की आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
2027 विश्व कप तक का कार्यकाल
गौतम गंभीर का कार्यकाल 2027 के एकदिवसीय विश्व कप तक तय है। जुलाई 2024 में उन्होंने टीम इंडिया के मुख्य कोच का पद संभाला था।
उनके कार्यकाल में टीम का टेस्ट प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। 19 टेस्ट मैचों में 7 जीत और 10 हार ने आलोचकों को सवाल उठाने का मौका दिया। खासकर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली हार ने चर्चा को तेज किया।
हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में तस्वीर अलग है। एकदिवसीय और टी20 प्रारूप में टीम का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे खिताब उनके कार्यकाल की उपलब्धियों में शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे गंभीर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच गौतम गंभीर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। क्रिकेट प्रेमी दो खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। एक वर्ग का मानना है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ना उनके लिए नया और बड़ा अवसर हो सकता है। वहीं दूसरा वर्ग कहता है कि राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी सबसे ऊपर होनी चाहिए।
क्या यह करियर का नया मोड़ हो सकता है?
राजस्थान रॉयल्स में सीईओ और पार्टनर की भूमिका केवल कोचिंग तक सीमित नहीं होगी। इसमें रणनीति, प्रबंधन और टीम निर्माण जैसे बड़े फैसले शामिल होंगे। यह एक प्रशासनिक और व्यावसायिक जिम्मेदारी है, जो उनके करियर को नए आयाम दे सकती है।
लेकिन राष्ट्रीय टीम की कोचिंग छोड़ना आसान फैसला नहीं होगा। भारतीय क्रिकेट में यह पद केवल पेशेवर नहीं, बल्कि भावनात्मक जिम्मेदारी भी माना जाता है।
प्रदर्शन और संभावनाओं के बीच संतुलन
टी20 प्रारूप में टीम इंडिया का प्रदर्शन उनके नेतृत्व में मजबूत रहा है। अगर आगामी टी20 विश्व कप में टीम सफल होती है, तो उनके कार्यकाल को नई मजबूती मिलेगी।
दूसरी ओर, टेस्ट क्रिकेट में सुधार की जरूरत साफ दिखाई देती है। ऐसे में कोच पद से हटना कई सवाल खड़े कर सकता है।
फिलहाल यह साफ है कि कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन राजस्थान रॉयल्स के प्रस्ताव ने भारतीय क्रिकेट में हलचल जरूर पैदा कर दी है।