Rashtra Bharat Logo

ब्लैक कॉफी से लिवर का जमा फैट पिघल सकता है, डॉक्टर ने बताए महत्वपूर्ण लाभ

ब्लैक कॉफी से लिवर का जमा फैट पिघल सकता है, डॉक्टर ने बताए महत्वपूर्ण लाभ
Black Coffee Fatty Liver: ब्लैक कॉफी लिवर से जमा फैट हटाने में मदद करती है, डॉक्टर ने बताए आसान लाभ (Photo: Freepik)

ब्लैक कॉफी लिवर में जमा फैट कम करने में मददगार मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार रोज़ाना 3 से 4 कप ब्लैक कॉफी पीने से लिवर साफ होता है और सूजन कम होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर को सुरक्षित रखते हैं। यह वजन, पाचन और दिमाग के लिए भी लाभदायक है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

Black Coffee Fatty Liver: ब्लैक कॉफी को लेकर विशेषज्ञों की नई राय

आज के समय में फैटी लिवर एक बहुत आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। शहरों में रहने वाले और रोज़ लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में यह समस्या तेज़ी से बढ़ रही है। जो लोग तली हुई चीज़ें, अधिक तेल वाले पदार्थ या रोज़ाना प्रोसेस्ड खाना खाते हैं, उनमें फैटी लिवर होने का खतरा और भी ज़्यादा होता है। फैटी लिवर ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है। जब फैट की मात्रा बढ़ने लगती है, तब लिवर की सामान्य कार्य क्षमता प्रभावित होती है।

इसी विषय पर फोर्टिस अस्पताल के गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वात्स्य ने एक महत्वपूर्ण बात बताई है। डॉक्टर का कहना है कि लिवर में जमा फैट को कम करने में सिर्फ एक ही साधारण पेय बहुत असर दिखाता है, और वह है बिना चीनी और बिना दूध की बनी ब्लैक कॉफी। कई शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्लैक कॉफी लिवर में जमा फैट को घटाने में मदद करती है।

ब्लैक कॉफी कैसे पिघलाती है लिवर का जमा फैट

डॉक्टर की सरल व्याख्या

डॉ शुभम वात्स्य बताते हैं कि जिस कॉफी में सिर्फ पानी और कॉफी पाउडर हो, वह शरीर के अंदर बहुत हल्की होती है और सीधे लिवर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। इस कॉफी में कोई अतिरिक्त वसा, शुगर या दूध नहीं होता, इसलिए यह शरीर को साफ रखने में मदद करती है। डॉक्टर के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति रोज़ाना 3 से 4 कप ब्लैक कॉफी पीता है, तो फैटी लिवर की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है।

वे कहते हैं कि यह कोई त्वरित इलाज नहीं है, बल्कि एक नियमित आदत है जो लिवर को बचा सकती है। ब्लैक कॉफी लिवर को बचाने वाली पेय में से एक है जिसे आसानी से दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है।

एंटीऑक्सीडेंट्स का असर

कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट वे तत्व होते हैं जो शरीर में होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। यह स्ट्रेस लिवर सेल्स को नुकसान पहुंचाता है और धीरे-धीरे इन्फ्लेमेशन व फाइब्रोसिस को बढ़ाता है। ब्लैक कॉफी इस नुकसान को रोकती है और कोशिकाओं को मजबूत बनाती है।

ब्लैक कॉफी में मौजूद पॉलीफेनोल्स लिवर की सूजन कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ इसे एक प्राकृतिक लिवर-रक्षक पेय मानते हैं। डॉक्टर की सलाह है कि ब्लैक कॉफी का स्वाद बदलने के लिए इसमें दूध या चीनी न मिलाएं, क्योंकि इससे इसका लाभ कम हो जाता है।

ब्लैक कॉफी के अन्य बड़े फायदे

शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है

Black Coffee Fatty Liver: ब्लैक कॉफी शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज़ करती है। यह शरीर में कैलोरी को तेज़ी से जलाती है और फैट ब्रेकडाउन को बढ़ाती है। जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें बिल्कुल भी अतिरिक्त कैलोरी नहीं होती।

दिमाग को तेज़ और मन को साफ बनाती है

ब्लैक कॉफी पीने से मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है। यह दिमाग को शांत रखती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को मजबूत करती है। सुबह एक कप ब्लैक कॉफी पीने से शरीर में ऊर्जा आती है और दिनभर काम करने की क्षमता बढ़ती है।

पाचन बेहतर करती है

ब्लैक कॉफी पाचन क्रिया को भी सुधारती है। यह पेट में भोजन को तोड़ने में मदद करती है और गैस की समस्या कम करती है। जिन लोगों को अक्सर पेट भारी लगने की समस्या होती है, उन्हें ब्लैक कॉफी का नियमित सेवन फायदा पहुंचा सकता है।

डायबिटीज और दिल की सेहत में मददगार

कई अध्ययन बताते हैं कि ब्लैक कॉफी शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करती है। यह शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है, जिससे डायबिटीज होने का खतरा कम होता है। इसके अलावा, यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है क्योंकि यह खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकती है।

विशेषज्ञ क्या सावधानी बताते हैं | Black Coffee Fatty Liver

मात्रा का ध्यान रखना जरूरी

डॉक्टर कहते हैं कि ब्लैक कॉफी का सेवन लाभदायक है, लेकिन इसे एक सीमा में रहकर ही पीना चाहिए। बहुत अधिक कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए दिन में 3 से 4 कप से अधिक न पिएं।

खाली पेट पीने से बचें

कुछ लोगों को खाली पेट ब्लैक कॉफी नुकसान कर सकती है, खासकर जिन्हें एसिडिटी की समस्या रहती है। ऐसे लोगों को इसे भोजन के बाद पीना चाहिए।

नींद पर असर

जो लोग देर रात कॉफी पीते हैं, उनकी नींद प्रभावित हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि शाम के बाद कॉफी कम पिएं।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।