Rashtra Bharat Logo

Happiest City: मुंबई बना एशिया का सबसे खुशहाल शहर, टाइम आउट सर्वे में भारत की सांस्कृतिक राजधानी ने रचा इतिहास

Happiest City: मुंबई बना एशिया का सबसे खुशहाल शहर, टाइम आउट सर्वे में भारत की सांस्कृतिक राजधानी ने रचा इतिहास
Happiest City: मुंबई बना एशिया का सबसे खुशहाल शहर, टाइम आउट सर्वे में भारत की सांस्कृतिक राजधानी ने रचा इतिहास

टाइम आउट सिटी लाइफ इंडेक्स 2025 के अनुसार, मुंबई को एशिया का सबसे खुशहाल शहर घोषित किया गया है। 94% लोगों ने कहा कि उनका शहर उन्हें खुश रखता है। बीजिंग, शंघाई, चियांग माई और हनोई अन्य शीर्ष शहरों में शामिल हुए। सर्वे में संस्कृति, जीवनशैली और सामुदायिक भावना को अहम माना गया।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

एशिया का सबसे खुशहाल शहर बना मुंबई

खुशी एक ऐसी अनुभूति है जिसे मापा नहीं जा सकता, पर महसूस जरूर किया जा सकता है। यही अनुभव अब एक सर्वे के ज़रिए सामने आया है, जिसमें मुंबई ने एशिया के सबसे खुशहाल शहर का ख़िताब अपने नाम कर लिया है। टाइम आउट के सिटी लाइफ इंडेक्स 2025 में 18,000 से अधिक लोगों से पूछा गया कि वे अपने शहरों में कितने संतुष्ट और प्रसन्न हैं।

मुंबई ने इस सर्वे में एशिया के अन्य प्रमुख शहरों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। इस सूची में शहरों को संस्कृति, जीवनशैली, नाइटलाइफ, भोजन, सामाजिक दृष्टिकोण और नागरिकों के सकारात्मक व्यवहार जैसे कारकों पर आंका गया।


मुंबई ने रचा नया इतिहास

साल 2025 में मुंबई को एशिया का सबसे खुशहाल शहर घोषित किया गया है। सर्वे के अनुसार, 94 प्रतिशत मुंबईकरों का कहना है कि वे अपने शहर में खुद को खुश महसूस करते हैं। 89 प्रतिशत ने बताया कि वे कहीं और की तुलना में मुंबई में अधिक प्रसन्न रहते हैं। वहीं 88 प्रतिशत ने माना कि मुंबई के लोग स्वभाव से अधिक मिलनसार और खुशमिजाज हैं।

मुंबई के लोगों का कहना है कि इस शहर की ऊर्जा, जीवन का उत्साह और विविधता हर दिन को नया बना देती है। यहाँ की कला, फिल्म उद्योग, समुद्री तटों और स्थानीय व्यंजनों ने इस शहर को जीवंत बनाए रखा है।


चीन के दो शहर रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर

इस सूची में दूसरे स्थान पर चीन का बीजिंग और तीसरे पर शंघाई रहा। बीजिंग के 93 प्रतिशत और शंघाई के 92 प्रतिशत निवासियों ने कहा कि वे अपने शहरों में खुश हैं। इन शहरों को उनकी सुरक्षा, जीवन स्तर, आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक संपन्नता के कारण उच्च अंक मिले।

शंघाई और बीजिंग दोनों को जेनरेशन जेड के लिए भविष्य के आधुनिक शहरों की श्रेणी में भी रखा गया है। ये शहर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हैं, बल्कि तकनीकी नवाचार और सामाजिक समरसता के प्रतीक भी हैं।


दक्षिण-पूर्व एशिया के शहर भी शामिल

थाईलैंड का चियांग माई और वियतनाम की राजधानी हनोई भी शीर्ष पांच खुशहाल शहरों में शामिल हुए हैं। चियांग माई के 88 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने शहर में संतोष महसूस करते हैं। वहीं हनोई को उन लोगों से अधिक रेटिंग मिली जिन्होंने कहा कि उन्हें रोज़मर्रा की जिंदगी में वास्तविक खुशी मिलती है।

दोनों शहर अपनी हरियाली, शांत जीवनशैली और समुदाय की गहराई के लिए जाने जाते हैं। यह उन लोगों के लिए आदर्श माने जाते हैं जो भीड़-भाड़ से दूर सुकून और आत्मीयता की तलाश में हैं।


टॉप-10 खुशहाल शहरों की सूची

  1. मुंबई, भारत

  2. बीजिंग, चीन

  3. शंघाई, चीन

  4. चियांग माई, थाईलैंड

  5. हनोई, वियतनाम

  6. जकार्ता, इंडोनेशिया

  7. हांगकांग

  8. बैंकॉक, थाईलैंड

  9. सिंगापुर

  10. सियोल, दक्षिण कोरिया

इन शहरों की एक समान विशेषता यह है कि यहाँ सामुदायिक भावना गहरी है और लोगों में जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिलता है। यह साबित करता है कि सच्ची खुशी भौतिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और संतुलित जीवनशैली से आती है।


खुशी का नया मापदंड

टाइम आउट के इस सर्वे ने यह स्पष्ट किया कि आधुनिक दुनिया में भी खुशी केवल धन या आराम से नहीं मापी जा सकती। समुदाय की एकता, जीवन का आनंद और साझा अनुभव ही एक शहर को सच में खुशहाल बनाते हैं।

मुंबई ने इस उपलब्धि से यह सिद्ध किया है कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी न केवल सपनों का शहर है, बल्कि खुशियों का केंद्र भी है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।