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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी की गई पीएम-किसान की 21वीं किस्त किसानों के लिए संजीवनी, देशभर में दिखी खुशी की लहर

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी की गई पीएम-किसान की 21वीं किस्त किसानों के लिए संजीवनी, देशभर में दिखी खुशी की लहर
21st PM-KISAN instalment: किसानों के लिए बड़ी राहत, खेती-बाड़ी में मिली नई गति (Photo: IANS)

पीएम-किसान की 21वीं किस्त के रूप में 18,000 करोड़ रुपये देशभर के 9 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे। किस्त से खेती खर्च पूरे करने में किसानों को बड़ी राहत मिली। विभिन्न राज्यों के किसानों ने खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरण खरीदने में इस राशि को अत्यंत उपयोगी बताया।

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Asfi Shadab
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पीएम-किसान की 21वीं किस्त से किसानों में नई उम्मीदों का संचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी। इस मौके पर लगभग 18,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे करीब 9 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिला। अब तक इस योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।

यह एक ऐसा क्षण था जिसने देशभर के किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। आर्थिक दबाव से जूझ रहे किसान समुदाय के लिए यह किस्त फिर से एक संजीवनी की तरह साबित हुई है।

किसानों के जीवन में योजना का वास्तविक प्रभाव

झारखंड: साहिबगंज में मिली राहत, समय पर हो पाएगी खेती

झारखंड के साहिबगंज जिले में इस किस्त के मिलते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। यहां कई किसानों ने साझा किया कि योजना के लागू होने के पहले पूंजी के अभाव में उन्हें खेती करने में भारी दिक्कतें आती थीं।

किसानों ने बताया कि उन्हें खाद और बीज खरीदने में काफी मुश्किल होती थी, लेकिन पीएम-किसान के नियमित हस्तांतरण ने उनकी चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। अब वे आवश्यक कृषि सामग्री समय पर खरीदकर खेतों में बुआई कर पाते हैं।

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में बढ़ी बाजार की रौनक

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिले के भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से हर बार करोड़ों रुपये जिले में आते हैं, जिससे न सिर्फ किसानों को बल्कि स्थानीय बाजारों को भी मजबूती मिलती है।

उन्होंने कहा कि जब किसान खाद, बीज और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीदते हैं, तो बाजारों में नकदी प्रवाह बढ़ता है और स्थानीय व्यापार को गति मिलती है।

बिहार: कोडरमा में कर्ज से मुक्ति की राह

बिहार के कोडरमा जिले में किसानों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक उन्हें खेती के लिए कर्ज लेना पड़ता था। कभी खाद खरीदने की चिंता, तो कभी समय पर बीज खरीदने की परेशानी उन्हें घेरे रहती थी।

लेकिन अब पीएम-किसान योजना की किस्तें उन्हें इन जरूरतों को पूरा करने का आत्मविश्वास देती हैं। यहां की महिला किसानों ने भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह राशि उनके लिए अत्यंत सहायक है तथा इससे उनके घरेलू और कृषि खर्चों में स्थिरता आती है।

राजस्थान: कोटपुतली-बहरोड़ में किसानों की कृतज्ञता

राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ जिले में किसानों ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने किसान समुदाय की कठिनाइयों को समझा और उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह सहायक योजना शुरू की।

स्थानीय किसान महावीर ने बताया कि उनके गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस योजना ने असली राहत पहुंचाई है। किसानों के अनुसार, यह किस्त उन्हें संकट से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राजस्थान: कृषि राज्य मंत्री का बड़ा बयान

केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने कहा कि पीएम-किसान योजना किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी साधन बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये की यह किस्त छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होती है, जिससे खेती को प्रोत्साहन मिलता है और उनकी आर्थिक बुनियाद मजबूत होती है।

स्थानीय किसानों ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग खाद, बीज, कीटनाशक और आवश्यक कृषि उपकरण खरीदने में करते हैं।

मध्य प्रदेश: नीमच में मिला दोगुना फायदा

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के भारभड़िया गांव के किसान टिकम सिंह ने बताया कि शुरुआत से ही उन्हें नियमित किस्त मिल रही है, जिससे खाद और बीज खरीदने में वास्तविक मदद होती है।

इसी गांव के किसान दशरथ राठौर ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से 2,000 रुपये और राज्य सरकार से भी 2,000 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं। इस तरह कुल 4,000 रुपये की मदद उनके कृषि खर्चों का बड़ा हिस्सा पूरा करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार जताया।

वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ी पहल

पीएम-किसान योजना आज दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक बन चुकी है। यह योजना न सिर्फ पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, बल्कि किसानों तक सीधी और समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाती है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है।

योजना की निरंतरता, इसका व्यापक कवरेज और नियमित किस्तों के माध्यम से किसानों को मिलने वाला भरोसा इसे एक अनोखी और प्रभावी पहल बनाता है।

देशभर के किसानों की प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि पीएम-किसान योजना ने कृषि अर्थव्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव लाया है।

यह समाचार IANS एजेंसी के इनपुट के आधार पर प्रकाशित किया गया है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।