AI Impact Summit Protest: राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार की दोपहर अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। हाई प्रोफाइल कार्यक्रम के बीच यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने परिसर में घुसकर जोरदार प्रदर्शन किया।
यह समिट तकनीक और भविष्य की दिशा पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था, लेकिन कुछ ही देर में चर्चा का केंद्र एआई नहीं, बल्कि राजनीतिक नारेबाजी बन गई।
सुरक्षा घेरा तोड़कर पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा पार कर भारत मंडपम के अलग-अलग पवेलियन तक पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
कुछ प्रदर्शनकारियों को अपनी शर्ट उतारकर विरोध जताते भी देखा गया। यह दृश्य देखकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।
व्यापार समझौते को लेकर विरोध
बताया जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर यह विरोध किया गया। यूथ कांग्रेस का आरोप है कि यह समझौता देश के हित में नहीं है।
हालांकि सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस मंच पर एआई और टेक्नोलॉजी की बात हो रही थी, वहां राजनीतिक नारों की गूंज ने माहौल बदल दिया।
दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मौके पर तैनात दिल्ली पुलिस ने तुरंत स्थिति संभाली। पुलिसकर्मियों ने नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया और कार्यक्रम स्थल से दूर ले जाया गया।
पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम की सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्राथमिकता थी। इसलिए किसी तरह की गड़बड़ी को फैलने नहीं दिया गया।
हाई प्रोफाइल कार्यक्रम में हड़कंप
एआई इम्पैक्ट समिट में कई बड़े उद्योगपति, तकनीकी विशेषज्ञ और विदेशी मेहमान मौजूद थे। ऐसे में अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन ने आयोजन की गंभीरता पर असर डाला।
आज के दौर में तकनीक और राजनीति अलग-अलग नहीं चल रहीं। जहां एक तरफ देश डिजिटल भविष्य की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक असहमति भी उतनी ही मुखर हो रही है।
विरोध और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर प्रदर्शनकारी अंदर तक पहुंच गए, तो क्या सुरक्षा में कहीं चूक हुई? हालांकि पुलिस का कहना है कि हालात तुरंत काबू में कर लिए गए थे।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो सकता है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध बता सकता है, तो सत्ता पक्ष इसे कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करार दे सकता है।
फिलहाल हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से पूछताछ की जा रही है। यह देखना अहम होगा कि क्या इस मामले में औपचारिक केस दर्ज होता है या नहीं।
दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में जहां अक्सर बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होते हैं, वहां इस तरह की घटना प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है।