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आयुष्मान कार्ड से मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी, जानें किन बीमारियों का होता है मुफ्त इलाज

आयुष्मान कार्ड से मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी, जानें किन बीमारियों का होता है मुफ्त इलाज
Ayushman Card Benefits: आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज की पूरी जानकारी और सुविधाएं (File Photo)

आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत माध्यम है। इस योजना के तहत प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। हृदय रोग, कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियां कवर होती हैं। 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इसके पात्र हैं। कार्ड ऑनलाइन या जन सेवा केंद्र से आसानी से बनवाया जा सकता है।

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Asfi Shadab
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आज के समय में स्वास्थ्य सुविधाओं का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों का इलाज कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जारी होने वाला आयुष्मान कार्ड लाखों परिवारों के लिए राहत की सांस बन गया है। लेकिन अभी भी बहुत से लोगों को इस कार्ड की सही जानकारी नहीं है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आयुष्मान कार्ड क्या है, इससे किन बीमारियों का इलाज मुफ्त होता है और इसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

आयुष्मान कार्ड क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को साल 2018 में देश भर में लागू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड है जिसके माध्यम से पात्र परिवार सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज करा सकते हैं। यह योजना पूरी तरह से पेपरलेस और डिजिटल है, जिससे इसका उपयोग करना बेहद आसान हो गया है।

5 लाख रुपये की सीमा कैसे काम करती है

आयुष्मान कार्ड के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। यहां एक महत्वपूर्ण बात समझनी जरूरी है कि यह सीमा पूरे परिवार पर लागू होती है, न कि किसी एक सदस्य पर। इसका मतलब है कि परिवार में चाहे कितने भी सदस्य हों, एक वित्तीय वर्ष में सभी के इलाज का कुल खर्च 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

हालांकि, इस योजना में अस्पताल में भर्ती होने की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। परिवार का कोई भी सदस्य साल में कई बार भर्ती हो सकता है या एक साथ कई सदस्य इलाज करा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि कुल खर्च की सीमा 5 लाख रुपये तक ही है। इस सीमा को पार करने के बाद अतिरिक्त खर्च परिवार को खुद वहन करना होगा।

किन बीमारियों का होता है मुफ्त इलाज

आयुष्मान कार्ड विशेष रूप से गंभीर और महंगे इलाज के लिए बनाया गया है। इस योजना में 1400 से अधिक प्रकार की चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित बीमारियों और उपचारों को कवर किया जाता है:

हृदय से जुड़ी बीमारियों में बाईपास सर्जरी, वाल्व बदलना, पेसमेकर लगाना जैसे महंगे इलाज शामिल हैं। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के इलाज में कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी इस योजना के अंतर्गत आती है। रीढ़ की हड्डी और खोपड़ी की जटिल सर्जरी भी मुफ्त होती है। गुर्दा प्रत्यारोपण और आंख के कॉर्निया बदलने जैसे खर्चीले इलाज भी कवर होते हैं।

इसके अलावा घुटना बदलना, मोतियाबिंद की सर्जरी, डायलिसिस, अस्थमा और दमा का इलाज भी शामिल है। गंभीर दुर्घटनाओं के बाद की आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी इस योजना में शामिल हैं।

कौन से इलाज शामिल नहीं हैं

यह जानना भी जरूरी है कि कुछ सामान्य चिकित्सा सेवाएं आयुष्मान कार्ड में शामिल नहीं हैं। बाहरी मरीज विभाग यानी ओपीडी में होने वाली साधारण जांच और परामर्श इसमें नहीं आते। सामान्य बुखार, खांसी, जुकाम जैसी छोटी बीमारियों के लिए दवाइयां भी कवर नहीं होतीं। रूटीन ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और अन्य साधारण जांचें भी शामिल नहीं हैं।

इसके अलावा कॉस्मेटिक सर्जरी, दांतों का इलाज और योग चिकित्सा भी इस योजना के दायरे में नहीं आते। योजना मुख्य रूप से उन्हीं बीमारियों को कवर करती है जिनमें अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है।

कौन ले सकता है आयुष्मान कार्ड का लाभ

यह योजना विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के लिए बनाई गई है। आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, वे इसके पात्र हैं। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर, दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

हाल ही में सरकार ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना में शामिल किया है। इससे बुजुर्गों को विशेष राहत मिली है क्योंकि इस उम्र में स्वास्थ्य समस्याएं अधिक होती हैं। जिन परिवारों के पास किसी अन्य प्रकार का स्वास्थ्य बीमा नहीं है, वे भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं

आयुष्मान कार्ड बनवाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mera.pmjay.gov.in पर जाकर अपना मोबाइल नंबर और राज्य चुनें। फिर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें। इसके बाद अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज करके पात्रता की जांच करें।

यदि आप पात्र हैं तो आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र। सत्यापन के बाद कार्ड डिजिटल रूप में डाउनलोड हो जाएगा। आप चाहें इसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।

यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई समस्या आए तो नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र या जन सेवा केंद्र पर जाकर भी कार्ड बनवाया जा सकता है। वहां के कर्मचारी पूरी प्रक्रिया में मदद करेंगे।

बिना परेशानी के कैसे करें उपयोग

आयुष्मान कार्ड का उपय करना बहुत सरल है। जब भी आपको इलाज की जरूरत हो, सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत है। देशभर में 25000 से अधिक अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं। अस्पताल में भर्ती होते समय अपना आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड दिखाएं। अस्पताल आपकी पात्रता की जांच करेगा और फिर पूरा इलाज मुफ्त में होगा। आपको किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा।

आयुष्मान भारत योजना सच में एक वरदान साबित हो रही है उन परिवारों के लिए जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। सही जानकारी और समझ के साथ इस योजना का उपयोग करके हजारों परिवार अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान पा रहे हैं। यह योजना सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत कवच बन गई है जो गरीबों को महंगी चिकित्सा से राहत दिलाती है।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।