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भुवनेश्वर: बार में लगी भीषण आग, धुआं-धुआं हुआ आसमान, दहशत में स्थानीय लोग

मुंबई: 23 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग
23 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग (सांकेतिक तस्वीर)

भुवनेश्वर के सत्यबिहार इलाके में एक बार में सुबह भीषण आग लग गई। दमकल विभाग ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। आग का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, जबकि स्थानीय लोगों ने बार पर अवैध संचालन के आरोप लगाए हैं। पुलिस और प्रशासन जांच में जुटे हैं।

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Bhubaneswar Bar Fire: ओडिशा के भुवनेश्वर के सत्यबिहार इलाके में आज शुक्रवार सुबह हुई आग की घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया। सुबह के समय जब लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में जुटे थे, तभी एक बार से उठती भीषण लपटों और घने काले धुएं ने पूरे माहौल को भयभीत कर दिया। बार के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में धुआं इतना फैल गया कि आसपास की दुकानों को समय रहते खाली कराना पड़ा।

दमकल विभाग के अधिकारी रमेश माझी के अनुसार, कंट्रोल रूम को सुबह ठीक 8:50 बजे सूचना मिली। सूचना मिलते ही दो फायर टेंडरों को मौके के लिए रवाना किया गया। दमकलकर्मी करीब 9:15 बजे तक वहां पहुंच गए। रमेश माझी का दावा है कि प्रतिक्रिया में कहीं कोई देरी नहीं हुई और जैसे ही टीमें पहुंचीं, आग को काबू करने का अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया।

लगभग एक घंटे की कठिन मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह सीमित कर लिया गया। प्रशासन का कहना है कि अगर प्रतिक्रिया में थोड़ी भी देर होती, तो आग पास की दुकानों और इमारतों तक फैल सकती थी। फायर टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि आसपास की कोई संरचना इस घटना की चपेट में न आए।

आग के कारणों पर भ्रम, जांच जारी

फिलहाल आग लगने का सही कारण स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों की प्रारंभिक राय में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट या संचालन संबंधी लापरवाही बड़ा कारण हो सकता है। हालांकि, यह केवल प्रारंभिक अनुमान है। फायर सर्विस के अधिकारियों ने कहा है कि स्थान पूरी तरह ठंडा होने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी। इस जांच में वायरिंग, विद्युत आपूर्ति और बार में रखे उपकरणों की स्थिति की भी जांच शामिल होगी।

आग में बार के अंदर मौजूद लगभग सभी सामग्री जलकर नष्ट हो गई है, जिससे प्रारंभिक जांच में कुछ कठिनाइयाँ भी आ सकती हैं। कई फर्नीचर, इलेक्ट्रिक सेटअप और शराब की बोतलें राख में बदल चुकी हैं।

स्थानीय लोगों के गंभीर आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखने को मिला। कई लोगों का कहना है कि यह बार पिछले लंबे समय से बिना वैध लाइसेंस के चल रहा था। यदि यह आरोप सत्य साबित होता है, तो यह न सिर्फ कानून के उल्लंघन का मामला होगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि प्रशासनिक निगरानी कितनी कमजोर रही।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि बार के बाहर कई बार देर रात तक भीड़ लगी रहती थी और सुरक्षा मानकों की अक्सर अनदेखी होती थी। आग की इस घटना ने उन सभी पुराने सवालों को फिर से जीवित कर दिया है, जो लंबे समय से स्थानीय निवासियों की चिंता का कारण बने हुए थे।

पुलिस की जांच ने पकड़ी रफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है। आग के कारणों की जांच के साथ-साथ बार के कागजात, लाइसेंस और संचालन के तरीकों की भी अलग से समीक्षा की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी तरह की लापरवाही या अवैध गतिविधि इस घटना से जुड़ी तो नहीं है।

राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान और भुवनेश्वर जैसे बड़े शहर में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल प्रशासन के लिए बड़ा संकेत हैं।

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Dipali Kumari

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