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Video: संसद में हंगामा, कांग्रेस सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष के बीच तनाव पर सियासी घमासान

Congress MPs Lok Sabha Speaker Confrontation: संसद में कांग्रेस सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष के बीच विवाद की पूरी कहानी
Congress MPs Lok Sabha Speaker Confrontation: संसद में कांग्रेस सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष के बीच विवाद की पूरी कहानी (Image Source: X/@KirenRijiju)

Congress MPs Lok Sabha Speaker Confrontation: बजट सत्र के दौरान 4 फरवरी को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने एक वीडियो साझा किया जिसमें 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में दिखे। रिजिजू ने अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार और प्रधानमंत्री को धमकी देने के आरोप लगाए जबकि कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज किया।

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Congress MPs Lok Sabha Speaker Confrontation: संसद का बजट सत्र इस बार केवल आर्थिक मामलों तक सीमित नहीं रहा बल्कि राजनीतिक तनाव की नई इबारत लिखते हुए देश के सामने आया है। 4 फरवरी को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने एक वीडियो सार्वजनिक किया जिसमें कांग्रेस के 20 से 25 सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में प्रवेश करते दिखाई दिए। यह घटना उस समय हुई जब सदन में पूर्व सेना प्रमुख की किताब में चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर राहुल गांधी के सवालों को लेकर हंगामा हुआ था। इस पूरे प्रकरण ने संसदीय मर्यादा और राजनीतिक आचरण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

केंद्रीय मंत्री के गंभीर आरोप

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस सांसदों पर लोकसभा अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि सांसदों ने न केवल अध्यक्ष के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी भी दी। रिजिजू ने इस व्यवहार को संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया और कहा कि अध्यक्ष ओम बिरला बहुत ही शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं जिन्हें इस घटना से गहरी ठेस पहुंची है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पूरे समूह को उकसाया था।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस पार्टी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा। प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट किया कि केवल एक या दो सांसद थोड़े उत्तेजित थे लेकिन किसी ने भी अध्यक्ष के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। कांग्रेस सांसद सुप्रिया श्रीनेट ने बताया कि अध्यक्ष मुस्कुराते हुए दिखे और उन्हें किसी बात से कोई आपत्ति नहीं थी। पार्टी का कहना है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने सदन में पूर्व सेना प्रमुख की संस्मरण पुस्तक का हवाला देते हुए चीनी सीमा पर घुसपैठ के मुद्दे पर सवाल उठाए। इस विषय पर चर्चा के दौरान सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हो गई। इसके बाद कांग्रेस के सांसद अध्यक्ष से मिलने उनके कक्ष में पहुंचे। सरकार का आरोप है कि यह एक संगठित प्रयास था जबकि विपक्ष का कहना है कि वे केवल अपनी बात रखने गए थे।

संसदीय मर्यादा पर सवाल

इस पूरे प्रकरण ने संसद की गरिमा और सांसदों के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोकसभा अध्यक्ष का पद संविधान में सबसे सम्मानित पदों में से एक है और उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ माना जाता है। हालांकि दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं और सच्चाई जानने के लिए निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब पता चला कि विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। यह घटना सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे लगातार संघर्ष को दर्शाती है। अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। सरकार इसे संसदीय अनुशासन का मामला बना रही है जबकि विपक्ष इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बता रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से इस मुद्दे को जनता के सामने ला रहे हैं। मीडिया में भी इस विषय पर गहन बहस चल रही है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने अलग-अलग राय रखी। कुछ लोगों ने कांग्रेस के व्यवहार की आलोचना की तो कुछ ने सरकार पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। ट्विटर और फेसबुक पर यह मुद्दा ट्रेंड करता रहा और लाखों लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

आगे की राह

Congress MPs Lok Sabha Speaker Confrontation: इस विवाद का समाधान संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। सदन की गरिमा बनाए रखना हर सांसद की जिम्मेदारी है चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का। लोकसभा अध्यक्ष को निष्पक्षता से काम करना चाहिए और सभी दलों को उनका सम्मान करना चाहिए। देश की जनता संसद से रचनात्मक बहस की उम्मीद रखती है न कि इस तरह के विवादों की। बजट सत्र में आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए जिससे आम जनता को फायदा हो। राजनीतिक दल अपने मतभेदों को एक तरफ रख कर देश हित में काम करें यही सही दिशा होगी।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।