Rashtra Bharat Logo

गाय को चिकन मोमोज खिलाने पर बवाल, पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक

गाय को चिकन मोमोज खिलाने पर बवाल,  पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक
गाय को चिकन मोमोज खिलाता युवक

गुरुग्राम में गाय को चिकन मोमोज खिलाने के वायरल वीडियो के बाद आरोपी युवक ऋतिक चंदाना को हिंदू संगठनों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। युवक ने पैसों के लालच और ब्रेनवॉश का दावा किया। पुलिस ने धार्मिक भावनाएँ भड़काने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Cow Chicken Momos Case: गुरुग्राम में एक युवक द्वारा सड़क पर खड़ी गाय को चिकन मोमोज खिलाने का वीडियो सामने आते ही पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया और देखते ही देखते यह घटना स्थानीय लोगों, धार्मिक संगठनों और ऑनलाइन समुदाय में चर्चा का केंद्र बन गई। इस वीडियो में युवक न केवल गाय को मांसाहारी भोजन खिला रहा था, बल्कि उसने इसे रिकॉर्ड कर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डाल दिया, मानो यह एक मज़ाकिया या कंटेंट-जनरेटिंग गतिविधि हो।

वीडियो के वायरल होते ही हिंदू संगठनों ने इसकी तीखी निंदा की और आरोपी की पहचान करने के प्रयास शुरू हुए। कुछ ही घंटों में आरोपी की जानकारी सामने आ गई और संगठन के कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पहले पीटा, फिर पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर लगातार उछाला जाता रहा, जिससे माहौल और भी संवेदनशील होता गया।

आरोपी ऋतिक ने किया ब्रेनवॉश होने का दावा

पुलिस जांच में आरोपी की पहचान 28 वर्षीय ऋतिक चंदाना के रूप में हुई, जो मूल रूप से न्यू कॉलोनी का रहने वाला है। वह कई सोशल मीडिया चैनल चलाता है और कंटेंट बनाने के नाम पर अक्सर चर्चाओं में रहता है।
ऋतिक का पारिवारिक पृष्ठभूमि साधारण है—पिता दुकान चलाते हैं और माता एक निजी अस्पताल में चिकित्सक हैं। पढ़ाई उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से इंग्लिश ऑनर्स में की है।

पकड़े जाने के बाद ऋतिक ने हिंदू संगठनों के सामने स्वीकार किया कि उसने गलती की है। उसने दावा किया कि वह स्वयं ऐसा नहीं करना चाहता था, बल्कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया और उसे पैसों का लालच देकर ऐसा कृत्य करवाया।
उसने कहा कि उसे इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि यह वीडियो इतना बड़ा विवाद खड़ा कर देगा। हालांकि, यह सफाई कितनी सच्ची है, यह एक अलग प्रश्न है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

घटना के दिन की पूरी कहानी

घटना 2 दिसंबर की है। ऋतिक सेक्टर-56 स्थित हुड्डा मार्केट में रेहड़ी पर चिकन मोमोज खा रहा था। कुछ मोमोज खाने के बाद उसने बचे हुए मोमोज पास में खड़ी गाय को खिला दिए और इसे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
वीडियो सामने आते ही कई समूह सक्रिय हो गए। सोमवार को हिंदू संगठन के कुछ सदस्यों ने न्यू कॉलोनी में आरोपी को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

सेक्टर-56 थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ भड़काने की धाराओं में केस दर्ज किया। जांच अधिकारी इंद्र के अनुसार, आरोपी से पूछताछ कर उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन मामले की जांच जारी है।

ब्रेनवॉश या वायरल होने का लालच!

ऋतिक द्वारा किए गए ब्रेनवॉश और पैसों के लालच के दावों की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वास्तव में उसे किसी समूह या व्यक्ति ने इस तरह की हरकत करने के लिए प्रेरित किया, या यह दावा सिर्फ सज़ा से बचने का प्रयास है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।