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पाकिस्तान के बाद भारत में आया भूकंप, बांग्लादेश के ढाका में रहा केंद्र, 17 सेकंड तक डोली धरती

India Pakistan Earthquake: बांग्लादेश के ढाका में केंद्र के साथ भारत-पाकिस्तान में भूकंप, बंगाल में दहशत
India Pakistan Earthquake: बांग्लादेश के ढाका में केंद्र के साथ भारत-पाकिस्तान में भूकंप, बंगाल में दहशत (Photo: X/ScreenGrab)
शुक्रवार को बांग्लादेश के ढाका में केंद्रित 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में झटके महसूस किए गए। 17 सेकंड तक धरती डोली, लोग घरों से बाहर निकले। इससे पहले तड़के पाकिस्तान में भी भूकंप आया था। कोई बड़ा नुकसान नहीं।
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शुक्रवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा। पाकिस्तान में तड़के भूकंप के झटकों के बाद, सुबह बांग्लादेश में केंद्रित एक और शक्तिशाली भूकंप ने भारत के पश्चिम बंगाल समेत कई क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया। रिक्टर स्केल पर 5.7 तीव्रता के इस भूकंप ने लगभग 17 सेकंड तक धरती को डोलाया और लोगों में व्यापक दहशत फैल गई।

बांग्लादेश के ढाका में रहा भूकंप का केंद्र

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका के आसपास 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। यह गहराई भूकंप को और अधिक विनाशकारी बनाने की क्षमता रखती है, हालांकि सौभाग्य से इस बार बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर नहीं आई है।

पश्चिम बंगाल में व्यापक प्रभाव

भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में होने के बावजूद, इसके झटके भारत के पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में व्यापक रूप से महसूस किए गए। कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नदिया और अन्य सीमावर्ती जिलों में लोगों ने तेज झटकों का अनुभव किया। इमारतें हिलने लगीं और लोग घबराहट में अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए।

ढाका में भय और दहशत का माहौल

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भूकंप के कारण इमारतें देर तक डोलती रहीं। ढाका में एक निजी कंपनी में कार्यरत सदमान साकिब ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना तेज भूकंप महसूस नहीं किया।

प्रत्यक्षदर्शी का बयान

सदमान साकिब ने बताया, “हम ऑफिस में थे जब अचानक फर्नीचर हिलने लगा। पहले तो हमें समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है, लेकिन जल्द ही यह एहसास हुआ कि यह भूकंप है। हम तुरंत सीढ़ियों से उतरकर सड़क पर आए और देखा कि दूसरे लोग पहले से ही बाहर खड़े थे। सभी के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।”

बंगाल में लोगों की प्रतिक्रिया

कोलकाता और आसपास के जिलों में भी लोगों ने इसी तरह की भयावह स्थिति का सामना किया। कई कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में लोगों ने इमारतों को हिलते हुए महसूस किया। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को अधिक तीव्र झटके महसूस हुए। लोगों ने लिफ्ट का उपयोग करने के बजाय सीढ़ियों से उतरना पसंद किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए अनुभव

सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने अनुभव साझा करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने वीडियो पोस्ट किए जिसमें हिलती हुई चीजें और घबराए हुए लोग दिख रहे थे। कुछ लोगों ने बताया कि उनके घरों में लटकी हुई वस्तुएं हिल रही थीं और पानी की बोतलें गिर गई थीं।

पाकिस्तान में भी आए थे भूकंप के झटके

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार की तड़के सुबह पाकिस्तान में भी तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। पाकिस्तान के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, वहां रिक्टर पैमाने पर 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था। उस भूकंप का केंद्र 135 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था, जो बांग्लादेश वाले भूकंप से कहीं अधिक गहरा था।

दक्षिण एशिया में बढ़ी भूकंपीय गतिविधि

एक ही दिन में दक्षिण एशिया के तीन देशों में भूकंप के झटके महसूस होना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से अत्यधिक सक्रिय है और यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि लगातार जारी रहती है। हिमालयी क्षेत्र के निकट होने के कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।

अभी तक कोई बड़ा नुकसान नहीं

राहत की बात यह है कि बांग्लादेश और भारत दोनों में अभी तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर सामने नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और सभी प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्ट एकत्र की जा रही है। आपातकालीन सेवाएं सतर्क रखी गई हैं और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं।

भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी

पश्चिम बंगाल के जिला प्रशासनों ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। पुरानी और कमजोर इमारतों की जांच की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संरचनात्मक क्षति की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

भूकंप से बचाव के उपाय

इस घटना ने एक बार फिर भूकंप के प्रति तैयार रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

आपातकालीन तैयारी

भूकंप के दौरान घबराएं नहीं और शांत रहें। यदि इमारत के अंदर हैं तो मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लें। खिड़कियों, दरवाजों और भारी वस्तुओं से दूर रहें। यदि बाहर हैं तो खुले मैदान में जाएं और इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।

लिफ्ट का उपयोग कभी न करें और हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। भूकंप के बाद गैस और बिजली की लाइनों की जांच करें। यदि कोई क्षति दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।

यह घटना दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों की निरंतरता को दर्शाती है और तैयारी की महत्ता को उजागर करती है।


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Aryan Ambastha

राष्ट्रभारत डॉट कॉम में लेखक एवं विचारक | वित्त और उभरती तकनीकों में गहरी रुचि | राजनीति एवं समसामयिक मुद्दों के विश्लेषक | कंटेंट क्रिएटर | नालंदा विश्वविद्यालय से स्नातक।

प्रौद्योगिकी, वित्त, राजनीति और समाज के आपसी संबंधों को समझने और व्याख्या करने का विशेष कौशल रखते हैं। जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित और संतुलित दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुँचाना इनकी पहचान है। संपर्क: aryan.ambastha@rashtrabharat.com