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भारत को विनिर्माण महाशक्ति बनाने का संकल्प: पीयूष गोयल ने उद्योग जगत को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी लाने का किया आह्वान

भारत को विनिर्माण महाशक्ति बनाने का संकल्प: पीयूष गोयल ने उद्योग जगत को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी लाने का किया आह्वान
Piyush Goyal: भारत को विनिर्माण महाशक्ति बनाने का संकल्प और आत्मनिर्भरता पर जोर (Image Source: X)

पीयूष गोयल ने फिक्की के मंच से उद्योग जगत को भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का संदेश दिया। उन्होंने गुणवत्ता, तकनीक, निवेश, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। साथ ही जन विश्वास विधेयक, वैश्विक मॉडल और ग्रामीण औद्योगिक विस्तार की आवश्यकता भी बताई।

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Asfi Shadab
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भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित फिक्की के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा कि भारत विकास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और यदि उद्योग जगत गुणवत्ता, कौशल विकास, अत्याधुनिक तकनीक, तथा नवाचार पर जोर दे, तो आने वाले वर्षों में भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि “विकसित भारत का संकल्प केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं रह सकता, बल्कि उद्योग जगत की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। देश की युवा शक्ति को कौशलयुक्त बनाना, गुणवत्ता पर ध्यान देना और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत करना समय की मांग है।”

आत्मनिर्भरता और औद्योगिक क्षमता निर्माण

गोयल ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत अभियान को देश की आर्थिक दिशा का आधार बताया। उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में भारत ने उस नीतिगत ढांचे को मजबूत किया है, जिसके आधार पर निवेश और उत्पादन को बढ़ाया जा सके।

जन विश्वास विधेयक का उल्लेख

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए दो संस्करणों में जन विश्वास विधेयक पेश किया है और तीसरा संस्करण भी तैयार है। इस विधेयक का उद्देश्य कानूनों में अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को हटाने और उद्योग के अनुकूल वातावरण बनाने का है। उन्होंने कहा कि “जब कानून सरल होंगे, तब व्यापार में बाधाएं कम होंगी और भारत में निवेश का वातावरण और सशक्त होगा।”

फिक्की की भूमिका और 100 वर्ष का लक्ष्य

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) की प्रशंसा करते हुए गोयल ने कहा कि 98 वर्षों की यात्रा में फिक्की ने नीति निर्माण और उद्योगों की आवाज बनने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2027 में जब फिक्की अपने सौ वर्ष पूरे करेगा, तब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका होगा।

विश्वास की राजनीति और लक्ष्य निर्धारण

उन्होंने कहा कि भारत की शासन प्रणाली विरासत से निकलकर विकास और अब विश्वास की राजनीति पर आधारित हो चुकी है। उनके अनुसार, “विश्वास ही वह शक्ति है जो भारत की अर्थव्यवस्था को तेज़ गति प्रदान कर रही है।”

अंतरराष्ट्रीय मॉडल और लक्ष्य

गोयल ने उद्योग जगत को सलाह दी कि वे दक्षिण कोरिया और स्वीडन जैसे देशों से सीखें, जिन्होंने अपने नवाचार आधारित मॉडल के दम पर विनिर्माण क्षेत्र में विश्व स्तर पर पहचान बनाई है।

ग्रामीण और छोटे शहरों में औद्योगिक विस्तार

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि उद्योग संगठन केवल महानगरों तक सीमित न रहें, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी औद्योगिक अवसर विकसित करें। उनका कहना था कि “भारत का विकास तभी सार्थक होगा जब उसका लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”


फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि भारत 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर पर आगे बढ़ रहा है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत की यह प्रगति घरेलू क्षमता निर्माण, नीति स्थिरता और निवेशकों के आत्मविश्वास पर आधारित है।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।