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प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम हैक हुआ, तलाक पोस्ट फर्जी! अपर्णा यादव के भाई का बड़ा दावा

प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम हैक हुआ, तलाक पोस्ट फर्जी! अपर्णा यादव के भाई का बड़ा दावा
अपर्णा यादव से तलाक लेंगे प्रतीक यादव

प्रतीक यादव के नाम से इंस्टाग्राम पर आए तलाक पोस्ट ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी। अपर्णा यादव के भाई ने पोस्ट को फर्जी बताते हुए अकाउंट हैक होने का दावा किया है। फिलहाल दोनों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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Dipali Kumari
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Aparna Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर पारिवारिक विवाद के साये में आ गई है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के नाम से सामने आए एक इंस्टाग्राम पोस्ट ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। इस पोस्ट में प्रतीक यादव द्वारा अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने की बात लिखी गई, जिसके बाद न सिर्फ राजनीतिक हलकों में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त बहस शुरू हो गई।

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील बन गया क्योंकि अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में यह विवाद केवल एक पारिवारिक मुद्दा न रहकर राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।

इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

सोमवार को प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें उनकी पत्नी अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए। पोस्ट में अपर्णा को स्वार्थी, परिवार को नुकसान पहुंचाने वाली और प्रसिद्धि की भूखी बताया गया। पोस्ट में तलाक की घोषणा करते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसने सभी को चौंका दिया।

इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। समाजवादी पार्टी से लेकर भाजपा तक के नेताओं की नजर इस घटनाक्रम पर टिक गई। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे और यादव परिवार से जुड़े पुराने विवादों को भी याद किया जाने लगा।

अपर्णा यादव की चुप्पी और परिवार का दावा

इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा अपर्णा यादव की चुप्पी को लेकर हो रही है। पोस्ट सामने आने के कई घंटे बाद तक अपर्णा यादव की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई। न तो उन्होंने पोस्ट की पुष्टि की और न ही उसे खारिज किया।

हालांकि अपर्णा यादव के छोटे भाई अमन बिष्ट ने इस पूरे मामले को फर्जी बताते हुए बड़ा दावा किया है। अमन बिष्ट का कहना है कि प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया था और यह पोस्ट किसी साजिश के तहत डाली गई है।

अकाउंट हैक होने का दावा

अमन बिष्ट ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि प्रतीक यादव इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते। उन्होंने दावा किया कि यह पोस्ट हैकर्स की करतूत है, जिनका मकसद परिवार में विवाद पैदा करना और राजनीतिक माहौल को खराब करना है।

परिवार की ओर से यह भी बताया गया कि इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है और साइबर जांच की मांग की गई है। अमन बिष्ट ने यह जरूर कहा कि प्रतीक और अपर्णा के रिश्ते सामान्य हैं, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि दोनों के बीच सब कुछ पूरी तरह ठीक है या नहीं।

पहले भी चर्चा में रहा यादव परिवार का निजी जीवन

यह पहला मौका नहीं है जब यादव परिवार का निजी मामला सार्वजनिक बहस का विषय बना हो। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े विवाद पहले भी राजनीतिक चर्चाओं में आते रहे हैं।

प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी दिसंबर 2011 में हुई थी। अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और वर्तमान में महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

राजनीतिक असर और आगे की राह

इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या निजी रिश्तों के विवाद सियासी समीकरणों को प्रभावित करेंगे। एक ओर समाजवादी पार्टी से जुड़े नाम का इस्तेमाल, दूसरी ओर भाजपा से जुड़ी नेता का जिक्र—यह टकराव राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है।

फिलहाल सच्चाई क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो पाई है। न तो प्रतीक यादव ने खुद सामने आकर पोस्ट की पुष्टि की है और न ही अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। ऐसे में सबकी नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों में से कोई खुलकर सामने आकर क्या कहता है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।