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Hindu Calendar 2026: जानिए सभी महत्वपूर्ण तिथियां, त्योहार और ग्रहण

Hindu Calendar 2026: जानिए सभी महत्वपूर्ण तिथियां, त्योहार और ग्रहण
Hindu Calendar 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार यह विक्रम संवत 2082-2083 का वर्ष है (Image Source: Vecteezy)
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Gangesh Kumar
Gangesh Kumar
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विषयसूची

विक्रम संवत 2082-2083 का संपूर्ण धार्मिक पंचांग

Hindu Calendar 2026: नया साल 2026 धार्मिक दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह विक्रम संवत 2082-2083 का वर्ष है, जिसमें कई महत्वपूर्ण त्योहार, व्रत, ग्रहण और ग्रह गोचर होने वाले हैं। इस साल की खासियत यह है कि इसमें अधिक मास (13वां महीना) भी आएगा, जिससे कुल 13 पूर्णिमाएं होंगी। आइए जानते हैं 2026 के हिंदू कैलेंडर की सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

2026 में ग्रहण कब लगेगा

वर्ष 2026 में कुल 4 ग्रहण लगने वाले हैं – 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण। हालांकि, भारत में केवल एक ही ग्रहण दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण 2026

1. पहला सूर्य ग्रहण

  • तारीख: 17 फरवरी 2026 (मंगलवार)
  • प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse)
  • भारत में दृश्यता: नहीं दिखाई देगा
  • सूतक काल: लागू नहीं होगा

2. दूसरा सूर्य ग्रहण

  • तारीख: 12 अगस्त 2026 (बुधवार)
  • प्रकार: पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse)
  • भारत में दृश्यता: नहीं दिखाई देगा
  • सूतक काल: लागू नहीं होगा

चंद्र ग्रहण 2026

1. पहला चंद्र ग्रहण

  • तारीख: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
  • प्रकार: पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse)
  • भारत में दृश्यता: हां, दिखाई देगा
  • समय: शाम के समय लगभग 20 मिनट तक
  • विशेष: यह फाल्गुन पूर्णिमा और होली के दिन पड़ रहा है
  • सूतक काल: लागू होगा
  • महत्व: भारत में वर्ष 2026 का यही एकमात्र दृश्य ग्रहण है

2. दूसरा चंद्र ग्रहण

  • तारीख: 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
  • प्रकार: आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse)
  • भारत में दृश्यता: नहीं दिखाई देगा
  • सूतक काल: लागू नहीं होगा

ध्यान दें: जो ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देते, उनका सूतक काल भारतीय परंपरा में मान्य नहीं होता।

ग्रह गोचर कैलेंडर 2026

ग्रह गोचर का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यहां वर्ष 2026 के प्रमुख ग्रह गोचर की जानकारी दी गई है:

शनि गोचर (Saturn Transit)

  • राशि: मीन राशि में
  • अवधि: 29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तक
  • कुल समय: लगभग 2 वर्ष 2 महीने
  • प्रभाव: मीन, कर्क और वृश्चिक राशि वालों के लिए विशेष महत्वपूर्ण
  • वक्री (Retrograde): 11 दिसंबर 2026 को सीधा होगा

गुरु गोचर (Jupiter Transit)

पहली स्थिति:

  • राशि: मिथुन राशि में
  • अवधि: 14 मई 2025 से 18 अक्टूबर 2025 तक

दूसरी स्थिति:

  • राशि: कर्क राशि में
  • अवधि: 18 अक्टूबर 2025 से 5 दिसंबर 2025 तक

तीसरी स्थिति (2026 में):

  • राशि: सिंह राशि में संक्रमण
  • वक्री (Retrograde): 13 दिसंबर 2026 को वक्री होगा

राहु-केतु गोचर (Rahu-Ketu Transit)

वर्तमान गोचर (2026 में जारी):

  • राहु: कुंभ राशि में
  • केतु: सिंह राशि में
  • अवधि: 18 मई 2025 से 5 दिसंबर 2026 तक

राहु नक्षत्र गोचर:

  • पूर्वा भाद्रपद में: 20 मई 2025 से 24 नवंबर 2025
  • शतभिषा में: 24 नवंबर 2025 से 3 अगस्त 2026
  • धनिष्ठा में: 3 अगस्त 2026 से 7 दिसंबर 2026

केतु नक्षत्र गोचर:

  • उत्तरा फाल्गुनी में: 20 मई 2025 से 22 जुलाई 2025
  • मघा में: 30 मार्च 2026 से 7 दिसंबर 2026

अन्य ग्रह गोचर

चंद्र गोचर: हर 2.5 दिन में एक राशि बदलता है (सबसे तेज) बुध गोचर: लगभग हर महीने राशि बदलता है शुक्र गोचर: लगभग हर महीने राशि बदलता है मंगल गोचर: लगभग 1.5 महीने में राशि बदलता है

एकादशी 2026 – सभी व्रत तिथियां

वर्ष 2026 में कुल 24 एकादशी व्रत हैं। भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

जनवरी 2026 की एकादशी

  1. पौष वद एकादशी (सफला एकादशी): 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
  2. माघ शुक्ल एकादशी (षट्तिला एकादशी): 29 जनवरी 2026 (गुरुवार)

फरवरी 2026 की एकादशी

  1. माघ वद एकादशी (जया एकादशी): 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)
  2. फाल्गुन शुक्ल एकादशी (विजया एकादशी): 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार)

मार्च 2026 की एकादशी

  1. फाल्गुन वद एकादशी (आमलकी एकादशी): 15 मार्च 2026 (रविवार)
  2. चैत्र शुक्ल एकादशी (पापमोचिनी एकादशी): 29 मार्च 2026 (रविवार)

अप्रैल 2026 की एकादशी

  1. चैत्र वद एकादशी (कामदा एकादशी): 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
  2. वैशाख शुक्ल एकादशी (वरूथिनी एकादशी): 27 अप्रैल 2026 (सोमवार)

मई 2026 की एकादशी

  1. वैशाख वद एकादशी (अचला एकादशी): 13 मई 2026 (बुधवार)
  2. अधिक ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी: 27 मई 2026 (बुधवार)

जून 2026 की एकादशी

  1. अधिक ज्येष्ठ वद एकादशी: 11 जून 2026 (गुरुवार)
  2. ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (निर्जला एकादशी): 25 जून 2026 (गुरुवार)

विशेष: निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे कठिन व्रत माना जाता है, जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता।

जुलाई 2026 की एकादशी

  1. ज्येष्ठ वद एकादशी (योगिनी एकादशी): 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार)
  2. आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी): 25 जुलाई 2026 (शनिवार)

विशेष: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ होता है।

अगस्त 2026 की एकादशी

  1. आषाढ़ वद एकादशी (कामिका एकादशी): 9 अगस्त 2026 (रविवार)
  2. श्रावण शुक्ल एकादशी (पुत्रदा एकादशी): 23 अगस्त 2026 (रविवार)

सितंबर 2026 की एकादशी

  1. श्रावण वद एकादशी (अजा एकादशी): 7 सितंबर 2026 (सोमवार)
  2. भाद्रपद शुक्ल एकादशी (परिवर्तिनी एकादशी): 22 सितंबर 2026 (मंगलवार)

अक्टूबर 2026 की एकादशी

  1. भाद्रपद वद एकादशी (इन्दिरा एकादशी): 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार)
  2. आश्विन शुक्ल एकादशी (पापांकुशा एकादशी): 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार)

नवंबर 2026 की एकादशी

  1. आश्विन वद एकादशी (रमा एकादशी): 5 नवंबर 2026 (गुरुवार)
  2. कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी/प्रबोधिनी एकादशी): 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार)

विशेष: देवउठनी एकादशी से चातुर्मास समाप्त होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।

दिसंबर 2026 की एकादशी

  1. कार्तिक वद एकादशी (उत्पन्ना एकादशी): 5 दिसंबर 2026 (शनिवार)
  2. मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा/वैकुंठ एकादशी): 19 दिसंबर 2026 (शनिवार)

विशेष: वैकुंठ एकादशी सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।

पूर्णिमा 2026 – सभी तिथियां

वर्ष 2026 में अधिक मास के कारण कुल 13 पूर्णिमा तिथियां होंगी।

मासवार पूर्णिमा सूची

  1. पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी 2026 (शनिवार)
    • माघ स्नान का आरंभ
  2. माघ पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026 (रविवार)
  3. फाल्गुन पूर्णिमा (होलिका दहन): 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
    • विशेष: इस दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण भी है
  4. चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती): 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
  5. वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा): 1 मई 2026 (शुक्रवार)
  6. अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा: 31 मई 2026 (रविवार)
    • विशेष: अधिक मास की पूर्णिमा – अत्यंत शुभ
  7. ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा): 29 जून 2026 (सोमवार)
  8. आषाढ़ गुरु पूर्णिमा: 29 जुलाई 2026 (बुधवार)
    • गुरुओं का पूजन
  9. श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन): 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
    • विशेष: आंशिक चंद्र ग्रहण भी है (भारत में दृश्य नहीं)
  10. भाद्रपद पूर्णिमा: 26 सितंबर 2026 (शनिवार)
  11. आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा): 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
    • खीर में अमृत की बूंदें गिरती हैं
  12. कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली): 24 नवंबर 2026 (मंगलवार)
    • गंगा स्नान का विशेष महत्व
  13. मार्गशीर्ष पूर्णिमा: 24 दिसंबर 2026 (गुरुवार)

अमावस्या 2026 – सभी तिथियां

वर्ष 2026 में कुल 12 अमावस्या तिथियां हैं। पितृ तर्पण और विशेष पूजा के लिए ये तिथियां महत्वपूर्ण हैं।

मासवार अमावस्या सूची

  1. पौष अमावस्या: 18 जनवरी 2026 (रविवार)
  2. माघ अमावस्या (मौनी अमावस्या): 17 फरवरी 2026 (मंगलवार)
    • पितृ तर्पण के लिए विशेष महत्वपूर्ण
  3. फाल्गुन अमावस्या: 19 मार्च 2026 (गुरुवार)
  4. चैत्र अमावस्या: 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
  5. वैशाख अमावस्या: 16 मई 2026 (शनिवार)
    • शनि अमावस्या – विशेष शुभ
  6. ज्येष्ठ अमावस्या (वट सावित्री व्रत): 15 जून 2026 (सोमवार)
  7. आषाढ़ अमावस्या: 14 जुलाई 2026 (मंगलवार)
  8. श्रावण अमावस्या: 12 अगस्त 2026 (बुधवार)
    • विशेष: पूर्ण सूर्य ग्रहण भी है (भारत में दृश्य नहीं)
  9. भाद्रपद अमावस्या: 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
  10. आश्विन अमावस्या (सर्व पितृ अमावस्या): 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार)
    • पितृ पक्ष की समाप्ति
  11. कार्तिक अमावस्या (दीपावली): 9 नवंबर 2026 (सोमवार)
    • सोमवती अमावस्या – अत्यंत शुभ
    • लक्ष्मी पूजन
  12. मार्गशीर्ष अमावस्या: 9 दिसंबर 2026 (बुधवार)

विशेष अमावस्या:

  • सोमवती अमावस्या: 9 नवंबर 2026 (दीपावली)
  • शनि अमावस्या: 16 मई 2026

प्रमुख त्योहार और उत्सव 2026

जनवरी 2026

  • 1 जनवरी: नववर्ष
  • 3 जनवरी: पौष पूर्णिमा
  • 14 जनवरी: मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल
  • 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस

फरवरी 2026

  • 19 फरवरी: महाशिवरात्रि
  • 25 फरवरी: बसंत पंचमी (माघ शुक्ल पंचमी)

मार्च 2026

  • 3 मार्च: होलिका दहन और फाल्गुन पूर्णिमा
  • 4 मार्च: होली (धुलेंडी)
  • 20 मार्च: गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र), उगादी (कर्नाटक-आंध्र)
  • 20 मार्च: चैत्र नवरात्रि आरंभ
  • 28 मार्च: राम नवमी

अप्रैल 2026

  • 2 अप्रैल: हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा
  • 14 अप्रैल: बैसाखी, विशु, पुथांडु (तमिल नव वर्ष)
  • 19 अप्रैल: अक्षय तृतीया

मई 2026

  • 1 मई: बुद्ध पूर्णिमा
  • 8 मई: नरसिंह जयंती

जून 2026

  • 16 जून: आनी तिरुमंजनम
  • 25 जून: निर्जला एकादशी
  • 26 जून: गंगा दशहरा

जुलाई 2026

  • 18 जुलाई: आदि पेरुक्कु
  • 25 जुलाई: देवशयनी एकादशी (चातुर्मास आरंभ)
  • 29 जुलाई: गुरु पूर्णिमा

अगस्त 2026

  • 8 अगस्त: अवनि अवित्तम/उपकर्म
  • 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी
  • 28 अगस्त: रक्षा बंधन

सितंबर 2026

  • 4 सितंबर: कृष्ण जन्माष्टमी (कुछ स्थानों पर)
  • 12 सितंबर: गणेश चतुर्थी
  • 24 सितंबर: पितृ पक्ष आरंभ

अक्टूबर 2026

  • 2 अक्टूबर: गांधी जयंती
  • 10 अक्टूबर: सर्व पितृ अमावस्या
  • 11 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि आरंभ
  • 16-19 अक्टूबर: दुर्गा पूजा
  • 20 अक्टूबर: दशहरा/विजयादशमी
  • 26 अक्टूबर: शरद पूर्णिमा

नवंबर 2026

  • 6 नवंबर: धनतेरस
  • 8 नवंबर: नरक चतुर्दशी/छोटी दीपावली
  • 9 नवंबर: दीपावली (सोमवती अमावस्या)
  • 10 नवंबर: गोवर्धन पूजा
  • 11 नवंबर: भाई दूज
  • 20 नवंबर: देवउठनी एकादशी (चातुर्मास समाप्ति)
  • 21 नवंबर: तुलसी विवाह
  • 24 नवंबर: कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली
  • 29 नवंबर: कार्तिकाई दीपम

दिसंबर 2026

  • 14 दिसंबर: विवाह पंचमी
  • 19 दिसंबर: वैकुंठ एकादशी (मोक्षदा एकादशी)
  • 25 दिसंबर: क्रिसमस

विशेष सूचनाएं और टिप्पणियां

अधिक मास 2026

वर्ष 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास आ रहा है:

  • अवधि: मई-जून 2026
  • महत्व: यह दान, पुण्य और भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है
  • विवाह: इस माह में विवाह नहीं किए जाते

चातुर्मास 2026

  • आरंभ: 25 जुलाई 2026 (देवशयनी एकादशी)
  • समाप्ति: 20 नवंबर 2026 (देवउठनी एकादशी)
  • अवधि: चार पवित्र महीने
  • महत्व: तप, व्रत और आध्यात्मिक साधना का समय

पितृ पक्ष 2026

  • आरंभ: 24 सितंबर 2026
  • समाप्ति: 10 अक्टूबर 2026 (सर्व पितृ अमावस्या)
  • महत्व: पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण

महत्वपूर्ण संक्रांति

  • मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026
  • मेष संक्रांति: 14 अप्रैल 2026 (सौर नववर्ष)
  • तुला संक्रांति: 17 अक्टूबर 2026

व्रत और उपवास की विधि

एकादशी व्रत विधि

  • व्रत आरंभ: एकादशी तिथि प्रारंभ होने पर
  • पारणा: अगले दिन सूर्योदय के बाद द्वादशी तिथि में
  • निषेध: अन्न, दालों का सेवन वर्जित
  • अनुमति: फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा

निर्जला एकादशी (विशेष)

  • तारीख: 25 जून 2026
  • नियम: जल भी वर्जित
  • महत्व: सभी 24 एकादशियों का पुण्य

पूर्णिमा व्रत विधि

  • व्रत समय: पूर्णिमा तिथि में
  • सत्यनारायण पूजा: संध्या काल में
  • पारणा: अगले दिन

अमावस्या व्रत विधि

  • पितृ तर्पण: अमावस्या तिथि में
  • दान: काले तिल, वस्त्र, भोजन
  • पूजा: पितृ देवता की

सावधानियां

  1. सभी तिथियां भारतीय समय (IST) के अनुसार हैं
  2. स्थानीय पंचांग से मिलान आवश्यक है
  3. तिथि परिवर्तन का समय ध्यान दें
  4. व्रत पारणा का मुहूर्त महत्वपूर्ण है
  5. ग्रहण सूतक केवल दृश्य ग्रहणों के लिए लागू

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