नववर्ष 2026 का पहला दिन मध्य प्रदेश के जामसांवली स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में आस्था और विश्वास का अनोखा संगम बनकर उभरा। गुरुवार को सुबह से ही इस चमत्कारिक मंदिर में भक्तों की इतनी भीड़ उमड़ी कि पूरा परिसर जय श्रीराम और जय हनुमान के नारों से गूंज उठा। नए साल की शुरुआत को शुभ और मंगलमय बनाने के लिए मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु हनुमान लोक पहुंचे।
तड़के से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला
सुबह 4 बजे से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। ठंड की परवाह किए बिना श्रद्धालु पवनपुत्र के दर्शन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सुबह 4:30 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंचामृत अभिषेक की विधि संपन्न हुई। इस दौरान गर्भगृह में दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से भगवान हनुमान की प्रतिमा को स्नान कराया गया। पूरा वातावरण धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

सुबह 5:30 बजे हुई महाआरती की शुरुआत
पंचामृत अभिषेक के बाद सुबह 5:30 बजे महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में घंटियों और शंखनाद की आवाज गूंजती रही। आरती के समय जलते दीपों की रोशनी में भगवान हनुमान की विश्राम अवस्था में स्थित प्रतिमा अत्यंत भव्य और दिव्य दिख रही थी। भक्तों ने हाथ जोड़कर आरती में शामिल होते हुए नए साल में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
फूलों से सजा गर्भगृह
नववर्ष के विशेष अवसर पर मंदिर संस्थान ने गर्भगृह को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया था। गेंदे, गुलाब और अन्य मौसमी फूलों से की गई सजावट देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। गर्भगृह में प्रवेश करते ही पुष्पों की सुगंध और धूप-अगरबत्ती की खुशबू से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
दो राज्यों से पहुंचे हजारों भक्त
जामसांवली हनुमान मंदिर की प्रसिद्धि आसपास के क्षेत्रों में दूर-दूर तक फैली हुई है। इस बार नववर्ष के अवसर पर मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल, खरगोन, धार, खंडवा जैसे जिलों से भक्त पहुंचे। इसके अलावा महाराष्ट्र के धुले, नंदुरबार, जलगांव और नासिक जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आए। कई परिवारों ने तो पूरे साल की शुरुआत इसी मंदिर से करने का संकल्प लिया है।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
भक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस बल तैनात किया गया और स्वयंसेवकों की टीम भी मौजूद रही। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई। वृद्ध भक्तों और छोटे बच्चों को दर्शन में आसानी हो, इसके लिए अलग कतार की व्यवस्था की गई थी। महिलाओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे।
भक्तों के लिए पानी और प्रसाद की व्यवस्था
नववर्ष के इस विशेष आयोजन में मंदिर समिति ने भक्तों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा। परिसर में कई जगहों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई। सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया। कई स्थानीय संस्थाओं ने भी मिलकर भंडारे का आयोजन किया जिसमें भक्तों को भोजन कराया गया।
चमत्कारिक मूर्ति में भक्तों की आस्था
जामसांवली हनुमान मंदिर की खासियत यह है कि यहां भगवान हनुमान की मूर्ति विश्राम अवस्था में है। मान्यता है कि इस मूर्ति के दर्शन मात्र से शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। कई भक्तों का कहना है कि उन्होंने यहां आकर चमत्कार का अनुभव किया है। इसी विश्वास के कारण साल भर यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन नववर्ष, नवरात्रि और हनुमान जयंती पर यहां विशेष भीड़ उमड़ती है।
पीपल वृक्ष की परिक्रमा का महत्व
मंदिर परिसर में स्थित पवित्र पीपल वृक्ष की परिक्रमा करना भी विशेष महत्व रखता है। नववर्ष के अवसर पर भक्तों ने इस पीपल वृक्ष की परिक्रमा की और शेंदूर अर्पित किया। मान्यता है कि इस वृक्ष की परिक्रमा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। कई भक्तों ने तो पूरे 108 परिक्रमा लगाकर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
नववर्ष पर विशेष संकल्प
नए साल के पहले दिन मंदिर में आए अधिकतर भक्तों ने विशेष संकल्प लिए। कुछ ने पूरे साल नियमित रूप से हनुमान चालीसा पाठ करने का संकल्प लिया तो कुछ ने हर मंगलवार और शनिवार को व्रत रखने की शपथ ली। कई परिवारों ने साल में एक बार जामसांवली मंदिर आने का संकल्प लिया।
आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा वातावरण
पूरे दिन मंदिर परिसर में आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। भक्तों के चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव स्पष्ट दिख रहे थे। कई भक्तों ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत इस पवित्र स्थान पर करके उन्हें बहुत अच्छा लगा और वे पूरे साल के लिए ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं।
जामसांवली हनुमान मंदिर में नववर्ष का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना। विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्तों ने मिलकर भक्ति भाव प्रकट किया और नए साल में सबके लिए खुशहाली की कामना की।