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Tirupati Temple Scandal: 68 लाख किलो मिलावटी घी से बना प्रसाद, भक्तों की आस्था पर गिरी कालिख

Tirupati Temple Scandal: 68 लाख किलो मिलावटी घी से बना प्रसाद, भक्तों की आस्था पर गिरी कालिख
Tirupati Temple Scandal: तिरुपति लड्डू प्रसाद में 68 लाख किलो मिलावटी घी का खुलासा, भक्तों की आस्था को गहरी ठेस (Image Source: Instagram)

Tirupati Temple Scandal: तिरुपति मंदिर में 2019 से 2024 के बीच 68 लाख किलो मिलावटी घी इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। एसआईटी रिपोर्ट ने भोलें बाबा ऑर्गेनिक डेयरी और दिल्ली के व्यापारी अजय सुगंध पर आरोप लगाए हैं। मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा राष्ट्रीय घोटाला बन गया है।

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Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
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तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में घोटाले का खुलासा

Tirupati Temple Scandal: आंध्र प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान तिरुमला तिरुपति मंदिर एक बड़े घोटाले की चपेट में है। हाईकोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट ने भक्तों की आस्था को झकझोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 से 2024 के बीच मंदिर प्रशासन को 68 लाख किलोग्राम ऐसा घी मिला जिसमें पशु वसा और रासायनिक तत्वों की मिलावट की गई थी।

यह घी प्रसिद्ध ‘तिरुपति लड्डू प्रसाद’ में उपयोग किया गया, जिसे लाखों भक्त भगवान वेंकटेश्वर के आशीर्वाद के रूप में ग्रहण करते हैं।


जांच में सामने आया घोटाला

हाईकोर्ट की निगरानी में काम कर रही विशेष जांच टीम ने बताया कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को वर्षों से घटिया दर्जे का घी आपूर्ति किया जा रहा था। यह आपूर्ति मुख्य रूप से भोलें बाबा ऑर्गेनिक डेयरी और दिल्ली के व्यापारी अजय कुमार सुगंध द्वारा की गई थी।

जांच में पाया गया कि कई बार प्रयोगशाला परीक्षणों में ये घी की खेप अस्वीकृत कर दी जाती थी, लेकिन बाद में प्रशासनिक मिलीभगत से उन्हीं खेपों को पुनः स्वीकार कर लिया जाता था। परीक्षण रिपोर्टों में हेराफेरी की गई और नकली सर्टिफिकेट जारी किए गए।


Tirupati Temple Scandal: मिलावटखोर घी में मिला पशु वसा और रासायनिक तत्व

एसआईटी की प्रयोगशाला रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि घी में पशु वसा, औद्योगिक ग्रेड रसायन और कृत्रिम सुगंध का मिश्रण पाया गया। इस घी से न केवल धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची, बल्कि भक्तों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा।

अधिकारियों ने बताया कि घी की प्रत्येक खेप का मूल्यांकन न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि केंद्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI) के अनुसार भी किया गया, जिसमें कई नमूनों में खाद्य-योग्य तेल का अंश 30 प्रतिशत से भी कम पाया गया।


दिल्ली व्यापारी अजय सुगंध गिरफ्तार

जांच के बाद दिल्ली के व्यापारी अजय कुमार सुगंध को 10 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से घी की सप्लाई की और कमीशन के बदले अधिकारियों से मिलीभगत की।

भोलें बाबा ऑर्गेनिक डेयरी से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है और वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज जब्त किए हैं।


राजनीतिक तूफ़ान और आरोप-प्रत्यारोप

इस खुलासे के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में तूफ़ान मच गया है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर मंदिर प्रशासन की निगरानी में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं सत्ताधारी दल ने कहा कि घोटाला पिछली सरकार के दौर में शुरू हुआ था और वर्तमान सरकार ने ही इसकी जांच की मांग की।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम भक्तों में गहरा आक्रोश है। सोशल मीडिया पर #TirupatiScandal और #FakeGhee हेशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।


भक्तों की आस्था पर सवाल

Tirupati Temple Scandal: तिरुपति लड्डू, जो दशकों से श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक रहा है, अब शक के घेरे में है। हर साल करोड़ों श्रद्धालु इस प्रसाद को भगवान वेंकटेश्वर की कृपा मानकर ग्रहण करते हैं। अब जब इसमें मिलावटी घी का खुलासा हुआ है, तो सवाल उठ रहे हैं कि क्या मंदिर ट्रस्ट ने अपनी जिम्मेदारी निभाई?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि धार्मिक भावना के साथ किया गया आस्था का अपराध है।


राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा पर बहस

इस घोटाले ने देश भर में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एफएसएसएआई को मंदिरों में वितरित होने वाले प्रसाद और भोग सामग्रियों की नियमित जांच की जिम्मेदारी लेनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


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