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असम में बड़ा रेल हादसा! हाथियों के झुंड से टकराई ट्रेन, पांच डिब्बे पटरी से उतरे, 8 की मौत

असम में बड़ा रेल हादसा! हाथियों के झुंड से टकराई ट्रेन, पांच डिब्बे पटरी से उतरे, 8 की मौत
Train Accident: असम में बड़ा रेल हादसा (Pic Credit- X @Vikashkr_bhu)

असम के होजाई जिले में राजधानी एक्सप्रेस के हाथियों से टकराने से आठ जंगली हाथियों की मौत हो गई। हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष और हाथी गलियारों की सुरक्षा की गंभीर जरूरत को रेखांकित करती है।

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Dipali Kumari
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Train Accident: असम के होजाई जिले में आज शनिवार की अहले सुबह एक बेहद ही दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ. सैरांग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस जब अपने निर्धारित मार्ग पर तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही थी, तभी लुमडिंग डिवीजन के अंतर्गत जमुनामुख-कामपुर खंड में अचानक जंगली हाथियों का एक झुंड पटरी पर आ गया। कुछ ही पलों में हुई यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन का इंजन और उसके पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में आठ हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई. हालांकि किसी भी यात्री को जान-माल का नुकसान नहीं पहुंचा।

कहां और कैसे हुआ हादसा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अनुसार यह दुर्घटना शनिवार सुबह करीब 2 बजकर 17 मिनट पर हुई। ट्रेन नंबर 20507 डाउन सैरांग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस लुमडिंग डिवीजन के जमुनामुख-कामपुर सेक्शन से गुजर रही थी। गुवाहाटी से लगभग 126 किलोमीटर दूर इस स्थान पर अचानक हाथियों का झुंड ट्रैक पर आ गया। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन दूरी कम होने के कारण टक्कर टल नहीं सकी।

आठ हाथियों की मौत से वन विभाग में शोक

वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस हादसे में आठ जंगली हाथियों की मौत हुई है। घटनास्थल पर हाथियों के शव बिखरे पड़े थे, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। हाथी न केवल असम की जैव विविधता का अहम हिस्सा हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी राज्य की पहचान से जुड़े हैं। ऐसे में एक साथ आठ हाथियों की मौत ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण विशेषज्ञों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता

इस दुर्घटना में किसी भी यात्री के घायल न होने को रेलवे और यात्रियों दोनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित डिब्बों के यात्रियों को ट्रेन के अन्य सुरक्षित डिब्बों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया। गुवाहाटी पहुंचने पर अतिरिक्त डिब्बे जोड़कर यात्रियों की आगे की यात्रा सुनिश्चित की गई।

रेल सेवाओं पर पड़ा असर

हादसे के बाद ऊपरी असम और पूर्वोत्तर के कई रूटों पर रेल यातायात अस्थायी रूप से बाधित हो गया। पटरी पर क्षतिग्रस्त डिब्बों और हाथियों के शव हटाने में काफी समय लगा। राहत और मरम्मत कार्य के लिए विशेष टीमें मौके पर भेजी गईं। रेलवे का कहना है कि प्राथमिक मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है और धीरे-धीरे सेवाएं सामान्य की जा रही हैं।

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Dipali Kumari

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