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Smart Meter अपडेट के नाम पर चिकित्सक से ठगी, खाते से उड़ाए 15 हजार रुपये

Smart Meter अपडेट के नाम पर चिकित्सक से ठगी, खाते से उड़ाए 15 हजार रुपये
Smart Meter Fraud in Aurangabad: स्मार्ट मीटर अपडेट के नाम पर डॉक्टर से ठगी, खाते से उड़ाए 15 हजार रुपये
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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स्मार्ट मीटर अपडेट के नाम पर चिकित्सक से ठगी, खाते से उड़ाए 15 हजार रुपये

औरंगाबाद। साइबर ठगों का गिरोह अब तकनीकी अपडेट के बहाने भोले-भाले नागरिकों को शिकार बना रहा है। इसी क्रम में जिले के एक चिकित्सक के साथ 15 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर स्मार्ट मीटर अपडेट करने का झांसा दिया और डॉक्टर से मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने को कहा। जैसे ही डॉक्टर ने निर्देशानुसार कदम उठाए, उनके बैंक खाते से राशि गायब हो गई।


साइबर अपराधियों का नया हथकंडा: स्मार्ट मीटर अपडेट का बहाना

साइबर अपराधी अब तकनीकी शब्दावली और सरकारी योजनाओं के नाम का उपयोग करके नागरिकों को ठगने लगे हैं। इस बार उन्होंने “स्मार्ट मीटर अपडेट” का बहाना बनाकर शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. सोहराब आलम को निशाना बनाया।
डॉ. आलम अपने निजी क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहे थे, तभी उन्हें मोबाइल नंबर 7439669059 से एक कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि उनके स्मार्ट मीटर का रिचार्ज समाप्त हो चुका है, इसे तुरंत अपडेट कराना आवश्यक है।


वीडियो कॉल के जरिए दिखाया फर्जी स्टेटस, फिर भेजा धोखाधड़ी वाला लिंक

ठगों ने चिकित्सक का विश्वास जीतने के लिए वीडियो कॉल भी किया और स्मार्ट मीटर का स्टेटस चेक करने का झांसा दिया। उन्होंने कहा कि मीटर को ऑनलाइन अपडेट करने के लिए “सुविधा ऐप” का इस्तेमाल करना होगा।
कुछ ही देर बाद ठगों ने एक लिंक भेजा और कहा कि उस पर क्लिक करके प्रक्रिया पूरी की जाए। डॉक्टर ने जैसे ही लिंक खोला, उनके खाते से ₹15,000 की राशि स्वचालित रूप से डेबिट हो गई।


शिकायत दर्ज, जांच में जुटी साइबर थाना पुलिस

घटना के तुरंत बाद डॉ. आलम ने औरंगाबाद साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ठगों ने फर्जी ऐप और लिंक का उपयोग किया है। ठगों की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास जारी है।


विद्युत विभाग ने दी चेतावनी: ऐसे कॉल्स से रहें सावधान

विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार गुप्ता ने कहा कि विभाग की ओर से किसी भी उपभोक्ता को मीटर अपडेट या भुगतान के लिए फोन या लिंक नहीं भेजा जाता। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि इस प्रकार का कॉल आए तो तुरंत 1912 या स्थानीय बिजली कार्यालय से संपर्क करें।


पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएँ

यह पहली बार नहीं है जब ठगों ने “स्मार्ट मीटर अपडेट” के नाम पर ठगी की है। पिछले कुछ महीनों में बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसी प्रकार की घटनाएँ रिपोर्ट हुई हैं।
कई मामलों में ठगों ने लोगों से बैंक डिटेल्स या ओटीपी लेकर हजारों रुपये निकाल लिए। पुलिस और बिजली विभाग बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।


सावधानी ही सुरक्षा है

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग लोगों के मोबाइल नंबर और बिजली बिल की जानकारी विभिन्न ऑनलाइन स्रोतों से एकत्र करते हैं। वे सरकारी भाषा और शब्दावली का उपयोग कर लोगों का विश्वास जीतते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ता यदि थोड़ी सावधानी बरतें — जैसे कि बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें, तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि साइबर अपराधी अब हर नए सरकारी कदम या तकनीकी अपडेट को ठगी का नया माध्यम बना रहे हैं। जनता को चाहिए कि ऐसे किसी भी कॉल या लिंक पर विश्वास न करें, बल्कि आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
पुलिस और विभागीय चेतावनी के बावजूद लोग यदि असावधानी बरतते हैं, तो वे स्वयं को नुकसान के जोखिम में डालते हैं।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।