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तिलकामांझी विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में लाखों की चोरी, इनवर्टर से लेकर मोटर तक गायब

तिलकामांझी विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में लाखों की चोरी, इनवर्टर से लेकर मोटर तक गायब
Tilka Manjhi University Library Theft - भागलपुर विश्वविद्यालय के पुस्तकालय से लाखों की चोरी की बड़ी घटना
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Aakash Srivastava
Aakash Srivastava
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तिलकामांझी विश्वविद्यालय पुस्तकालय में चोरी की बड़ी वारदात

भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय से लाखों रुपए के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी हो गए। चोरों ने इनवर्टर, बैटरी, पानी की मोटर और अन्य वस्तुएं उड़ा लीं। घटना दीपावली के बाद हुई 10 दिन की छुट्टियों के दौरान घटी।

पुस्तकालय बंद होने का फायदा उठाया गया

पुस्तकालय के प्रभारी आनंद कुमार झा ने बताया कि छुट्टियों के दौरान पुस्तकालय बंद था। इस वजह से चोरी की यह वारदात घटित हुई। उन्होंने कहा कि अब तक पुस्तकालय में इस प्रकार की घटना कभी नहीं हुई थी। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी चोरी दर्ज की गई है।

चोरों ने अपनाई चालाकी, सब कुछ खोलकर ले गए

जानकारी के अनुसार, चोर बड़ी चालाकी से पुस्तकालय में घुसे। उन्होंने पंखे, एसी, मोटर और कंप्यूटर तक खोल लिए। किताबों के ढेर को सहारा बनाकर उपकरणों को बाहर निकालने की योजना बनाई। चोरी इतनी व्यवस्थित थी कि किसी को भनक तक नहीं लगी।

आस-पास के लोगों पर संदेह

पुस्तकालय प्रभारी ने बताया कि पुस्तकालय के पास कुछ परिवार रहते हैं जो खेती का काम करते हैं। उन्हें घटना की जानकारी होने की आशंका है, लेकिन कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। इससे शक और गहराता जा रहा है कि चोरी में स्थानीय लोगों की भूमिका हो सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

आनंद झा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि पुस्तकालय में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। उन्होंने बताया कि जब पुस्तकालय बंद रहता है तो वहां कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं होता। यदि निगरानी होती तो इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी।

प्रशासन ने जांच शुरू की

घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और जांच की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन ने पुलिस को भी सूचित किया है और दोषियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।

छात्रों में आक्रोश

इस चोरी से छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही सुरक्षा के उपाय करने चाहिए थे। कई छात्रों ने बताया कि पुस्तकालय पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहा था, और अब उपकरण चोरी हो जाने से स्थिति और बिगड़ गई है।

विश्वविद्यालय की साख पर असर

तिलकामांझी विश्वविद्यालय भागलपुर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। यहां होने वाली इस तरह की घटनाएं विश्वविद्यालय की साख को प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को सुरक्षा नीति में तत्काल सुधार करना होगा।

पुलिस की कार्रवाई जारी

भागलपुर पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू की है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को जल्द पकड़ा जाएगा। साथ ही सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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