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पटना समेत बिहार की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया कोर्ट परिसर

Patna Civil Court
Patna Civil Court (File Photo)
पटना, गया और किशनगंज समेत बिहार के कई सिविल कोर्ट को ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली। एहतियातन कोर्ट परिसर खाली कराए गए, न्यायिक कार्य बाधित हुआ। डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम जांच में जुटी है, अब तक कोई विस्फोटक नहीं मिला।
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Bihar Civil Court Bomb Threat: बिहार की न्यायिक व्यवस्था गुरुवार को उस समय हिल गई, जब पटना समेत राज्य के कई सिविल कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ईमेल के माध्यम से भेजी गई, जिसके बाद न्यायालय परिसरों में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा कारणों से तत्काल अदालतों को खाली कराने का आदेश देना पड़ा।

सबसे पहले पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। इसके कुछ ही समय बाद किशनगंज और गया सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिलने की पुष्टि हुई। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला जजों ने बिना किसी देरी के कोर्ट परिसर खाली कराने के निर्देश जारी किए।

न्यायालय परिसर खाली, कामकाज पूरी तरह ठप

पटना सिविल कोर्ट को धमकी मिलने के बाद पूरे परिसर को आनन-फानन में खाली कराया गया। जिला जज की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि ईमेल में तीन आरडीएक्स आईईडी लगाए जाने की बात कही गई है। इस सूचना के बाद किसी भी तरह का जोखिम उठाने से इनकार करते हुए न्यायिक कार्य तत्काल रोक दिए गए।

कोर्ट परिसर में मौजूद वकील, कर्मचारी, पक्षकार और आम लोग सुरक्षा के मद्देनज़र बाहर निकाले गए। पीरबहोर थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। दानापुर व्यवहार न्यायालय को भी एहतियातन खाली कराने की सूचना सामने आई, जिससे वहां भी न्यायिक कामकाज बाधित रहा।

डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की तैनाती

धमकी की विश्वसनीयता की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों को कोर्ट परिसरों में तैनात किया गया है। हर कोने, हर कमरे और हर संदिग्ध स्थान की बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी अदालत परिसर से कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी तरह आश्वस्त होना चाहती हैं।

किशनगंज सिविल कोर्ट को भी मिली धमकी

किशनगंज सिविल कोर्ट को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मेल में कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया था। इस सूचना के बाद जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। एसपी सागर कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया प्रतीत हो रहा है। साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है और मेल की तकनीकी जांच की जा रही है।

किशनगंज सिविल कोर्ट में प्रतिदिन सैकड़ों मामलों की सुनवाई होती है और बड़ी संख्या में लोग यहां आते-जाते हैं। ऐसे में इस तरह की धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

गया सिविल कोर्ट में प्रशासन पूरी तरह सतर्क

गया सिविल कोर्ट को मिली धमकी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। डीएम और एसएसपी खुद मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली कराया गया और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई।

बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरा ईमेल जिला जज के सरकारी ईमेल पर भेजा गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

साइबर जांच के जरिए मेल भेजने वाले की तलाश

तीनों मामलों में एक समानता यह सामने आ रही है कि धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई है और शुरुआती तकनीकी जांच में ईमेल का स्रोत तमिलनाडु बताया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों की टीम ईमेल के आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और तकनीकी संकेतों के आधार पर भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है।

प्रशासन का कहना है कि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा तो नहीं है या फिर डर फैलाने की कोशिश।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।