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तेजस्वी यादव की नौकरी योजना पर संजय जायसवाल का वार, निजी घोषणा बताई, कहा—सरकार बने तो जनकल्याण योजनाएं बंद होंगी

तेजस्वी यादव की नौकरी योजना पर संजय जायसवाल का वार, निजी घोषणा बताई, कहा—सरकार बने तो जनकल्याण योजनाएं बंद होंगी
Tejashwi Yadav Job Promise – तेजस्वी यादव की नौकरी योजना पर भाजपा सांसद संजय जायसवाल का कटाक्ष
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Aakash Srivastava
Aakash Srivastava
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तेजस्वी यादव के नौकरी वादे पर सियासी गर्मी

बिहार की सियासत में तेजस्वी यादव के हालिया बयान ने हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार बनने पर हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। इस बयान के बाद भाजपा ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने इसे “निजी चुनावी घोषणा” बताया। उन्होंने कहा कि यह न तो महागठबंधन का वादा है, न राजद की नीति।

संजय जायसवाल का पलटवार

संजय जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी तो जन वितरण प्रणाली, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य बीमा योजना, व्यवसायिक ऋण जैसी सरकारी योजनाओं की क्या जरूरत बचेगी?
उन्होंने व्यंग्य में कहा कि शायद 4 दिसंबर के बाद बिहार में कोई गरीबी या बेरोजगारी नहीं बचेगी, क्योंकि हर परिवार सरकारी कर्मचारी बन जाएगा।

महागठबंधन से दूरी

जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी की यह घोषणा महागठबंधन की नहीं है। न कांग्रेस ने इसका समर्थन किया है, न वामदलों ने। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी केवल युवाओं को लुभाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकार में भी तेजस्वी ने दस लाख नौकरियों का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ।

तेजस्वी यादव का जवाब

तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को बेरोजगारी की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में युवा रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हर परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है।
तेजस्वी ने कहा कि भाजपा सरकार ने नौकरी देने के बजाय युवाओं को ठेका रोजगार और निजीकरण की ओर धकेला है। उन्होंने दावा किया कि राजद की सरकार बनी तो युवाओं को स्थायी नौकरी और सम्मानजनक आय दी जाएगी।

बेरोजगारी पर बढ़ता राजनीतिक टकराव

बिहार में बेरोजगारी सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बेरोजगारी दर 12.5% है। ग्रामीण इलाकों में यह और ज्यादा है। युवा वर्ग दोनों दलों की नीतियों को बारीकी से देख रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी की घोषणा जनता को आकर्षित करने का प्रयास है, जबकि भाजपा इसे “असंभव सपना” बता रही है।

जनता की प्रतिक्रिया

पटना और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में युवाओं ने कहा कि अगर सरकार रोजगार दे तो वे किसी पार्टी के खिलाफ नहीं। लेकिन कई लोग इसे चुनावी जुमला बता रहे हैं। जनता अब वादों से ज्यादा परिणाम चाहती है।

भाजपा का आरोप और चुनावी तैयारी

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी का यह बयान जनता को गुमराह करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन, उज्ज्वला गैस, प्रधानमंत्री आवास और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं से राहत दी है।
भाजपा का दावा है कि तेजस्वी की योजना से राज्य का वित्तीय संतुलन बिगड़ेगा।

तेजस्वी की रणनीति और राजनीतिक संकेत

विश्लेषकों के अनुसार, तेजस्वी यादव इस घोषणा से युवा वोटरों को फिर से जोड़ना चाहते हैं। पिछले चुनाव में भी युवाओं ने उन्हें बड़ा समर्थन दिया था। उनका यह बयान एक तरह से रोजगार केंद्रित चुनाव अभियान की शुरुआत मानी जा रही है।

आर्थिक वास्तविकता और चुनौतियां

राज्य के पास 2 करोड़ 70 लाख परिवार हैं। अगर हर परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देनी हो तो सरकार को लगभग 27 लाख नई नौकरियां तुरंत सृजित करनी होंगी। वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि यह संभव नहीं है जब तक निजी क्षेत्र और निवेश को मजबूती न दी जाए।

तेजस्वी यादव के वादे ने सियासी बहस को नई दिशा दी है। भाजपा इसे अव्यवहारिक बता रही है, जबकि महागठबंधन के कुछ दलों ने चुप्पी साध रखी है। आने वाले चुनाव में यह मुद्दा कितना असर दिखाएगा, यह समय तय करेगा।

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