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दरभंगा रेप केस: राबड़ी देवी ने विधान परिषद में उठाया मुद्दा, सीएम नीतीश की मौजूदगी में हंगामा

Rabri Devi Over Darbhanga Rape Murder Case: विधान परिषद में राबड़ी देवी का हंगामा, नीतीश सरकार पर साधा निशाना
Rabri Devi Over Darbhanga Rape Murder Case: विधान परिषद में राबड़ी देवी का हंगामा, नीतीश सरकार पर साधा निशाना (Image Source: X/@SachTalks | Video Screengrab)to)

Rabri Devi Over Darbhanga Rape Murder Case: बिहार विधान परिषद में दरभंगा में छह साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले पर राबड़ी देवी ने सरकार को घेरा। सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में विपक्ष ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की। हंगामे के बाद सदन स्थगित कर दिया गया।

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बिहार विधान परिषद में दरभंगा कांड को लेकर बवाल

Rabri Devi Over Darbhanga Rape Murder Case: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को विधान परिषद में जोरदार हंगामा देखने को मिला। दरभंगा में एक छह साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। नेता विपक्ष राबड़ी देवी के नेतृत्व में महिला विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी के बावजूद विपक्ष का गुस्सा शांत नहीं हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि सभापति को सदन की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

दरभंगा में शनिवार की रात एक मासूम बच्ची के साथ जघन्य अपराध हुआ था। बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। रविवार को दरभंगा में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, पत्थरबाजी हुई और लाठीचार्ज भी किया गया।

विधान परिषद में 15 मिनट में ही स्थगित हुई कार्यवाही

सोमवार को दोपहर 12 बजे जब विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई तो प्रश्नकाल के साथ ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सबसे पहले दरभंगा में हुई घटना पर सरकार से जवाब मांगा। उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे। विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीटों से ही नारेबाजी शुरू कर दी और फिर वेल में आकर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।

राबड़ी देवी ने सदन में खड़े होकर कहा कि राज्य में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। उन्होंने गृह मंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की। राबड़ी देवी का कहना था कि गृह मंत्री ने सरकार बनते समय बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन वे अपने वादों को पूरा करने में असफल रहे हैं। बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं तो उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए।

महिला विधायकों ने लगाए सरकार पर गंभीर आरोप

विपक्ष की महिला विधायकों ने एकजुट होकर सरकार पर हमला बोला। उनका कहना था कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। बेटियों के साथ लगातार अत्याचार हो रहे हैं लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। दरभंगा में एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी हुई और जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें लाठियों से पीटा। यह सरकार की संवेदनहीनता को दिखाता है।

विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार गूंगी और बहरी हो गई है। जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। मासूम बच्चियों को हवस का शिकार बनाया जा रहा है और सरकार चुप बैठी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किया कि वे इस मामले में क्यों खामोश हैं। बेटियों की सुरक्षा को लेकर उनकी क्या योजना है।

नीतीश कुमार ने दिया विपक्ष को जवाब

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। उन्होंने विपक्षी सदस्यों की ओर मुखातिब होकर कहा कि इन लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है। जब से हम लोग सत्ता में आए हैं तब से एक-एक करके सभी काम कर रहे हैं। बिहार में तेजी से विकास हो रहा है और हम लगातार प्रदेश को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।

नीतीश कुमार के इस जवाब से विपक्षी सदस्य और भड़क गए। उन्होंने और जोर-शोर से नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में शोरगुल इतना बढ़ गया कि कोई भी कार्यवाही संभव नहीं थी। इसी बीच शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने परिनियत कार्य के तहत चार दस्तावेज सदन में पेश किए। लेकिन हंगामे की वजह से कोई भी चर्चा नहीं हो सकी।

सदन के बाहर महिला विधायकों का प्रदर्शन

विधान परिषद में हंगामे के साथ-साथ सदन के बाहर भी विपक्षी महिला विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। राबड़ी देवी के नेतृत्व में महिला विधायकों ने पोस्टर लहराए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं करती तब तक वे चुप नहीं बैठेंगी। बेटियों की सुरक्षा के लिए वे लगातार आवाज उठाती रहेंगी।

विधानसभा के पोर्टिको में भी विपक्षी सदस्यों ने पोस्टर लहराकर सरकार को घेरा। उनकी मांग थी कि दरभंगा कांड के दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिलनी चाहिए। साथ ही सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

दरभंगा में क्या हुआ था

दरभंगा में शनिवार की रात एक छह साल की बच्ची अपने घर से बाहर खेलने गई थी। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। रविवार की सुबह बच्ची का शव एक सुनसान जगह से मिला। पुलिस जांच में पता चला कि बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।

इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया। रविवार को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और न्याय की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया। जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई लोग इस झड़प में घायल भी हुए।

विपक्ष की गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राबड़ी देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गृह मंत्री सम्राट चौधरी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बनते समय बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि बिहार में बेटियां सुरक्षित रहेंगी। लेकिन हकीकत यह है कि रोज नई-नई घटनाएं सामने आ रही हैं। छोटी-छोटी बच्चियों तक को नहीं बख्शा जा रहा है।

विपक्ष का कहना है कि अगर गृह मंत्री अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सकते तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। बेटियों की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। लेकिन यह सरकार इस मामले में पूरी तरह से असफल साबित हुई है।

जनता में बढ़ता गुस्सा

Rabri Devi Over Darbhanga Rape Murder Case: दरभंगा कांड ने एक बार फिर बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार सिर्फ विकास की बात करती है लेकिन आम लोगों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देती। खासकर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिखती।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर जोरदार प्रतिक्रिया आ रही है। लोग सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में आवाज उठाई है। उनकी मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

सदन की कार्यवाही स्थगित

भारी हंगामे और शोरगुल के बीच विधान परिषद के सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्षी सदस्यों ने सदन के बाहर भी अपना विरोध जारी रखा। उनका कहना है कि जब तक सरकार इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं देती तब तक वे सदन में कार्यवाही नहीं होने देंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रह गया है। यह बिहार में कानून व्यवस्था और सरकार की नीतियों पर एक बड़ा सवाल बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखेगा।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।