जरूर पढ़ें

गया में 55 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, साइकिल की मामूली टक्कर से शुरू हुआ विवाद

गया में 55 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या
गया में 55 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या (सांकेतिक तस्वीर)
गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र में साइकिल की मामूली टक्कर के बाद उग्र भीड़ ने 55 वर्षीय मधेश पासवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद परिजनों ने सड़क जाम किया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Updated:

Gaya Mob Lynching: गया जिले से सामने आई यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह छोटी-सी बात देखते ही देखते भीड़ की हिंसा में बदल जाती है। टिकारी थाना क्षेत्र में साइकिल की एक मामूली टक्कर ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक 55 वर्षीय व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और कानून के डर के कमजोर पड़ने की ओर इशारा करती है।

मृतक की पहचान मधेश पासवान के रूप में हुई है, जो अपने रोजमर्रा के काम से कहीं जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, गुरुवार दोपहर गहरपुर गांव के पास साइकिल से हल्की टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद जब मधेश पासवान ने विरोध जताया, तो बात कहासुनी से आगे बढ़ गई और कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए।

साइकिल की टक्कर से शुरू हुआ विवाद

स्थानीय लोगों के मुताबिक, साइकिल सवार पक्ष ने पहले बहस शुरू की और देखते ही देखते दर्जनों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। आरोप है कि 20 से 25 लोगों ने मिलकर मधेश पासवान पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमला इतना बेरहम था कि वे मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

इलाज से पहले ही टूट गई सांसें

परिजन और ग्रामीण घायल अवस्था में मधेश पासवान को आनन-फानन में टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौत की खबर फैलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में तनाव का माहौल बन गया।

सड़क जाम कर परिजनों का प्रदर्शन

हत्या से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल के पास सड़क जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर आवागमन ठप रहा। मृतक के बेटे सूरज पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि पहले साइकिल से टक्कर मारी गई और फिर संगठित तरीके से उनके पिता को मार डाला गया।

परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते हमलावरों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामले बढ़ते जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा, जिसे देखते हुए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच तेज

स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने जाम हटवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। टिकारी एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल ने बताया कि इस मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर मामला आपसी झगड़े का लग रहा था, लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह भीड़ द्वारा की गई पिटाई का मामला है। पुलिस अब वीडियो फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

भीड़ की हिंसा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि भीड़ के रूप में लोग खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। छोटी-सी बात पर हिंसा का रास्ता चुनना, न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले लेता है, बल्कि पूरे समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन सख्त कदम उठाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले, तभी ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकती है। वरना मामूली विवाद भी जानलेवा बनता रहेगा।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।