Holi Special Bus: होली का नाम आते ही रंग, उमंग और अपनों से मिलने की खुशी आंखों के सामने आ जाती है। लेकिन बिहार से बाहर काम कर रहे लाखों प्रवासी मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह खुशी अक्सर यात्रा की चिंता में बदल जाती है। ट्रेनों में भीड़, कन्फर्म टिकट न मिलना और महंगे निजी साधन—ये सभी समस्याएं हर साल त्योहार से पहले सामने आती हैं। इसी परेशानी को समझते हुए बिहार सरकार ने इस बार होली के मौके पर बड़ी राहत देने का फैसला किया है।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से होली को लेकर विशेष फेस्टिवल बसों के संचालन की योजना तैयार की गई है। इस पहल का मकसद सिर्फ यात्रियों को घर पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, आरामदायक और किफायती सफर का भरोसा देना भी है।
15 फरवरी से 15 मार्च तक चलेगी विशेष सेवा
बीएसआरटीसी के अनुसार, होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए 15 फरवरी से 15 मार्च तक करीब 200 अंतरराज्यीय फेस्टिवल बसें चलाई जाएंगी। यह समय वही होता है, जब बाहर रहने वाले लोग बड़ी संख्या में अपने गांव और शहर लौटते हैं।
इन बसों में एसी डीलक्स और नॉन-एसी डीलक्स दोनों तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर बस में 50 से 60 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, ताकि लंबी दूरी का सफर भी थकाऊ न लगे।
1 फरवरी से शुरू होगी टिकट बुकिंग
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन विशेष बसों के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत 1 फरवरी से की जाएगी। बीएसआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे लोगों को काउंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार की ओर से किराए में विशेष छूट देने की भी तैयारी की जा रही है। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा, जो सीमित आय के कारण महंगे निजी साधनों से सफर नहीं कर पाते।
किन राज्यों और रूटों पर मिलेगी सुविधा
इन फेस्टिवल बसों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर किया जाएगा। परिवहन विभाग के मुताबिक, बस सेवाएं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे प्रमुख राज्यों के लिए उपलब्ध होंगी। फिलहाल विभाग रूट निर्धारण और किराया तय करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। कोशिश यह है कि ऐसे रूट चुने जाएं, जहां से सबसे ज्यादा प्रवासी बिहार लौटते हैं। साथ ही किराया ऐसा हो, जो आम आदमी की जेब पर भारी न पड़े।
होली के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों और छात्रों को होती है। कई बार महीनों पहले ट्रेन टिकट बुक कराने के बावजूद कन्फर्म सीट नहीं मिल पाती। ऐसे में ये फेस्टिवल बसें उनके लिए किसी राहत पैकेज से कम नहीं होंगी। बीएसआरटीसी ने बताया कि चयनित बस पड़ावों पर महिला और पुरुष यात्रियों के लिए स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह सुविधा खासतौर पर परिवार के साथ यात्रा करने वालों और महिलाओं के लिए अहम मानी जा रही है।
ट्रेनों की भीड़ से मिलेगी राहत
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने साफ कहा है कि होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। इसका असर न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा पर पड़ता है, बल्कि असुविधा भी बढ़ जाती है।
उनके मुताबिक, सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को ट्रेन के अलावा एक भरोसेमंद विकल्प मिले, जिससे वे समय पर और सुरक्षित तरीके से घर पहुंच सकें। फेस्टिवल बसें इसी सोच का हिस्सा हैं।
पिछले साल का अनुभव बना आधार
बीएसआरटीसी ने पिछले वर्ष भी त्योहारी सीजन में 220 अंतरराज्यीय फेस्टिवल बसों का संचालन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। पिछले अनुभव के आधार पर ही इस बार बसों की संख्या और सुविधाओं को और बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। सरकार मानती है कि जब लोगों को समय पर घर पहुंचने का भरोसा मिलता है, तो त्योहार की खुशी दोगुनी हो जाती है।
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