दुर्गावती में भीषण सड़क हादसा : स्कॉर्पियो-ट्रक टक्कर में महिला सहित तीन की मौत, सात घायल
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Durgawati Road Accident: कैमूर जिले से गुरुवार अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। दुर्गावती थाना क्षेत्र अंतर्गत छज्जूपुर पोखरे के पास एनएच-19 पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो खड़े कंटेनर में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला भी शामिल है। वहीं सात अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
Durgawati Road Accident: मृतकों की पहचान
हादसे में जिनकी मौके पर मौत हुई, उनकी पहचान मुस्लिम अंसारी (45 वर्ष, झारखंड), मुन्ना अंसारी (45 वर्ष, रोहतास) और रजिया खातून (60 वर्ष, रोहतास) के रूप में की गई है। सभी लोग एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के बहराइच जा रहे थे।
घायलों का इलाज जारी
घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की संभावना है।
पुलिस की कार्रवाई
Durgawati Road Accident: दुर्गावती थाने के सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पंडित ने बताया कि हादसा तड़के सुबह हुआ जब स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कंटेनर से टकरा गई। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, वाहन को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
मंत्री ने जताया शोक
इस दुखद घटना पर बिहार सरकार के मंत्री संतोष सिंह ने गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने कहा—
“माता रानी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायलों को जल्द स्वस्थ होने की शक्ति मिले। परिवारों को यह असहनीय दुख सहन करने का साहस प्राप्त हो।”
ग्रामीणों में दहशत, सड़क सुरक्षा पर सवाल
Durgawati Road Accident: हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों में दहशत और शोक का माहौल है। लोगों का कहना है कि एनएच-19 पर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण अक्सर गंभीर हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।
कैमूर का यह सड़क हादसा न केवल तीन परिवारों को मातम में डुबो गया, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर गया है। जरूरत इस बात की है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन हो और सड़क पर खड़े भारी वाहनों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएं।

