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Bihar Chunav: सुप्रिया श्रीनेत का नीतीश-मोदी सरकार पर हमला — “बिहार में अपराध, बेरोजगारी और उद्योग पतन की चरम स्थिति, अडानी को एक रुपये में जमीन देना अन्याय”

Bihar Chunav: सुप्रिया श्रीनेत ने कहा बिहार में अपराध और उद्योग पतन चरम पर, अडानी को एक रुपये में जमीन देना अन्याय | Supriya Shrinate Congress
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Aryan Ambastha
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मुज़फ़्फरपुर में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का प्रहार

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मुज़फ़्फरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और राज्य की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बिहार में अपराध, बेरोजगारी और शिक्षा का पतन अपनी चरम सीमा पर है। सत्ताधारी दलों ने बिहार को अंधकार में धकेल दिया है।”


पत्रकारों की नजरबंदी पर जताई नाराजगी

वार्ता की शुरुआत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से पहले तीन स्थानीय पत्रकारों को हाउस अरेस्ट किए जाने की घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया।

“पत्रकार सरकार का आईना हैं, और आज उस आईने को तोड़ा जा रहा है। मोदी जी ऐसे पत्रकारों से डरते हैं जो सच दिखाते हैं,” — सुप्रिया श्रीनेत

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आने पर मीडिया को पूर्ण स्वतंत्रता और सम्मान मिलेगा। “सरकार को आलोचना से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है।”


नीतीश-मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार और विफलता का आरोप

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बीस साल तक शासन करने के बाद नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी को घोषणा पत्र नहीं, बल्कि रिपोर्ट कार्ड जारी करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि “यह वही बिहार है, जहां कभी लोग ज्ञान अर्जन के लिए आते थे, लेकिन आज शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।”

सुप्रिया ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि —

  • 17 वर्षों में 53,165 हत्याएं हुई हैं।

  • 6 महीने में नौ कारोबारियों की हत्या की गई।

  • 16,000 स्कूलों में अब भी बिजली नहीं है।
    उन्होंने कहा कि “नीति आयोग की रिपोर्ट खुद बताती है कि बिहार पूरे देश में सबसे निचले पायदान पर है, और इसके अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री हैं।”


“बिहार चीनी का कटोरा था, अब शून्य उत्पादन”

उन्होंने कहा कि कभी बिहार को ‘चीनी का कटोरा’ कहा जाता था, लेकिन आज सुशासन की सरकार में चीनी मिलें बंद हो गई हैं। उन्होंने मुज़फ़्फरपुर चिनिमिल के मुद्दे पर पत्रकारों की नजरबंदी को श्रमिकों की आवाज दबाने की कोशिश बताया।


अडानी को एक रुपये में जमीन देने का विरोध

सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा —

“एक ओर गृह मंत्री कहते हैं कि बिहार में जमीन नहीं है, वहीं अपने उद्योगपति मित्रों को एक रुपये प्रति एकड़ दर से जमीन दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अब “रेट तय हो चुका है”, जो सिस्टम की सच्चाई को दर्शाता है।


महागठबंधन की सरकार में आम जनता के लिए बड़ी योजनाएं

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर बिहार के हर परिवार को सरकारी नौकरी, महिलाओं को ‘माई-बहन मान योजना’ के तहत ₹2500 प्रतिमाह, वृद्धजनों को ₹1500, दिव्यांगों को ₹3000, और पत्रकारों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा।
इसके अलावा महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और वकीलों के लिए ₹10 लाख की जीवन बीमा योजना लागू की जाएगी।


“बिहार की जनता अब वोट चोरी नहीं होने देगी”

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब वोट चोरी की साजिशों को नाकाम करेगी, क्योंकि महागठबंधन रोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और दलित-शोषित वर्ग की लड़ाई लड़ रहा है।

“हम सत्ता के लिए नहीं, रोजगार, कमाई, पढ़ाई और इज्जत की लड़ाई के लिए मैदान में हैं।” — सुप्रिया श्रीनेत


बाइट:

सुप्रिया श्रीनेत, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस
“बिहार में अपराध, बेरोजगारी और उद्योग का पतन चरम पर है। अडानी को एक रुपये में जमीन देना गरीबों के साथ अन्याय है। हमारी सरकार आएगी तो जनता को रोजगार और सम्मान मिलेगा।”


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